पूर्व मंत्री और विधायक संजय पाठक की 2 खदानें सील

जबलपुर। भाजपा सरकार के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक संजय पाठक की सिहोरा के अगरिया और दुबरिया में निर्मला माइनिंग नाम से संचालित दो आयरन ओर खदानों को जिला प्रशासन ने शनिवार को सील कर दिया। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग के अफसर जिन खदानों को सील करने पहुंचे उनका संचालन वन भूमि में किया जा रहा था, जिसके संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 3 मई 2019 को आदेश जारी किया था, जिसमें वन भूमि पर संचालित दोनों खदानों में खनन व संचालन रोकने के आदेश दिए गए थे। इसी आधार पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है।
खदान में खनन नहीं होगा
खनिज विभाग के मुताबिक 20 और 30 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली आयरन ओर की दो खदानों को सील करने का नोटिस शनिवार को खदान में भी चस्पा कर दिया गया है। कंपनी को भी इस बारे में नोटिस दिया गया है। कोर्ट के आगामी निर्णय आने तक इन दोनों खदानों में खनन व परिवहन नहीं किया जा सकेगा।
दूसरी खदानों पर कोई असर नहीं
सुप्रीम कोर्ट से जारी आदेश में जबलपुर की इन दो खदानों पर ही प्रतिबंध लगाने के आदेश मिले थे। इसलिए दूसरी खदानों को लेकर कोई कार्रवाई खनिज विभाग या जिला प्रशासन द्वारा नहीं की जाएगी।
कई बार बदला लैंड यूज
सिहोरा में आयरन ओर का प्रमुख भंडार है। यहां निर्मला माइनिंग सहित दूसरी कंपनियों की खदानें भी हैं। सूत्रों मुताबिक जिस जगह पर निर्मला माइनिंग की दोनों खदान हैं, उस भूमि का लैंड यूज यानी भूमि मद कई बार परिवर्तित किया गया। यह काम सरकार के जरिए ही होता है। इसी बात को लेकर याचिका सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची। हालांकि साल 2003 से लेकर 2007 तक और उसके बाद 2011 के बीच कई बार लैंड यूज बदलने की जानकारी दी गई है। पहले यह वन भूमि हुआ करती थी, लेकिन उसे पिछली सरकार ने राजस्व भूमि घोषित कर दिया था। जिसके कारण खदान का संचालन बाधित नहीं हुआ।
इनका कहना है
सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त आदेश का पालन कराने सिहोरा में निर्मला माइनिंग की दो आयरन ओर खदानों को सील किया गया है। कोर्ट से आगामी निर्णय आने तक इन खदानों में खनन नहीं किया जा सकेगा।
भरत यादव, कलेक्टर जबलपुर

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