सीबीआई ने खोले मध्‍यप्रदेश में व्यापमं के आठ पुराने मामले

भोपाल। मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आठ पुराने मामलों को फिर से खोला है। इनमें से पांच मामले अकेले पीएमटी से संबंधित हैं। तीन प्रकरण पुलिस आरक्षक, परिवहन आरक्षक और वनरक्षक भर्ती परीक्षाओं के हैं। हालांकि इन पुराने मामलों में पूरे प्रकरणों को फिर से नहीं खोला जा रहा, बल्कि कुछ आरोपितों को लेकर जांच शुरू की जा रही है। परिवहन आरक्षक में सभी नए नाम हैं, जिनकी जांच खोली जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने आठ पुराने प्रकरणों को दोबारा खोलकर उनकी जांच शुरू कर दी है। इनमें पीएमटी 2009 और 2012 के दो-दो, पीएमटी 2013, वनरक्षक भर्ती 2013, पुलिस आरक्षक भर्ती 2012 और परिवहन आरक्षक भर्ती 2012 के मामले हैं। पीएमटी 2012 और पीएमटी 2013 के मामले इंजन-बोगी वाले परीक्षार्थियों व मूल आवेदक के हैं। वहीं पीएमटी 2012 के जो मामले दोबारा जांच में लिए गए हैं, उनमें अंकों की हेराफेरी और धोखाधड़ी के केस भी हैं।
जिन प्रकरणों को सीबीआई ने जांच के लिए दोबारा खोला है, उनमें पीएमटी 2013 के मामले में चिरायु, पीपुल्स, इंडेक्स और एलएन मेडिकल कॉलेजों के संचालक भी आरोपित हैं। इसी तरह पीएमटी 2012 के मामले में पंकज त्रिवेदी, नितिन मोहिंद्रा, अजय कुमार सेन जैसे व्यापमं के तत्कालीन अधिकारी आरोपित हैं।
परिवहन आरक्षक भर्ती मामले में नए नामों पर जांच
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने परिवहन आरक्षक भर्ती के जिस मामले की जांच को दोबारा खोला है, उनमें कुछ नए नाम सामने आए हैं। 2012 की इस भर्ती परीक्षा के माध्यम से करीब आधा दर्जन परिवहन आरक्षक के नाम आए हैं, जो व्यापमं में गड़बड़ी के माध्यम से परीक्षा में उत्तीर्ण हुए।
हालांकि इस तथ्य का खुलासा नहीं किया जा रहा है कि जिन लोगों के खिलाफ दोबारा जांच की जा रही है, वे सेवा में हैं या नहीं। बताया जाता है कि सीबीआई के पास अभी व्यापमं के 11 मामलों की जांच और लंबित है।

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