15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य, सामान्य से बेहतर रहेगा मानसून

उज्जैन (ब्यूरो)। ज्योतिष के जानकार 15 जून से मौसम में बदलाव तथा 20 जून के बाद बारिश का क्रम शुरू होने की संभावना जता रहे हैं। ग्रहों गोचर की स्थिति बता रही है इस बार मानसून की स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी। नदी, तालाब जल से परिपूर्ण होंगे। कृषि के लिए भी अनुकूल परिस्थिति निर्मित होगी।
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया पंचागीय गणना के अनुसार वर्षा ऋतु चक्र के तीन पड़ाव होते हैं। इसमें सूर्य की मेष संक्रांति, वृषभ संक्रांति और मिथुन संक्रांति वर्षा के लिए मानसून चक्र को निर्धारित करती है। चारों चक्र की गणना करें तो क्रमानुसार वर्षा काल धीरे-धीरे आगे बढ़ता है और बारिश की स्थिति समान्य से बेहतर होती जाती है।
इस बार 15 जून की शाम 5.45 बजे सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश होगा। मिथुन राशि में पूर्व से मंगल, बुध व राहु का युति संबंध बना हुआ है। यहां सूर्य के आने से चर्तुग्रही युति संबंध बनेगा। पूर्व दिशा से शुक्र का वृषभ राशि में गोचर रहेगा। ग्रहों की यह युति मौसम में परिवर्तन तथा 20 जून के बाद बारिश की स्थिति निर्मित करेगी।
चर्तुग्रही युति का बृहस्पति से खड़ाष्टक योग…सामान्य से अधिक बारिश होगी
मिथुन राशि में चर्तुग्रही युति का धनु राशि में स्थित बृहस्पति से खड़ाष्टक दृष्टि संबंध निर्मित होगा। साथ ही धनु राशि स्थित शनि केतु की युति से समसप्तक प्रतियोग का संबंध बनेगा। मैदिनी ज्योतिष के अनुसार यह स्थिति वर्षा के चक्र को दिशा के आधार पर प्रभावित करेगी। इसका प्रभाव कुछ क्षेत्र में खंड वृष्टि तो कहीं मध्यम वर्षा के रूप में नजर आएगा। कहीं-कहीं सामान्य से अधिक बारिश होगी। साथ ही चंद्र गुरु का गोचर संबंध वर्षा ऋतु को संतुलित करेगा।
इन योगों में जोरदार बारिश होगी

  • 22 जून – हस्ती वर्षा- इस दिन मंगल का कर्क राशि में प्रवेश होगा। 16 जुलाई तक धीमी गति से बढ़ते क्रम में बारिश होगी।
  • 17 जुलाई – गर्दभ वाहन वर्षा- गरज-चमक के साथ पानी की मोटी-मोटी बूंदे बरसेंगी। कहीं-कहीं बाढ़ की स्थिति भी बनेगी।
  • 03 अगस्त – मंडुक वाहन वर्षा-अच्छी बारिश से नदी, तालाब उफान पर आएंगे। भूमिगत जल स्तर भी बढ़ेगा।
  • 17 अगस्त – मूषक वाहन वर्षा-चारों दिशाओं में वर्षा ऋतु का प्रभाव निर्मित होगा। इस समय वर्षा की सर्वश्रेष्ठ स्थिति बनेगी।
    सिस्टम बनने की जानकारी नहीं
    उज्जैन में मानसून की आमद कब होगी, यह फिलहाल बताया नहीं जा सकता है। क्योंकि अभी सिस्टम बनने की जानकारी नहीं मिली है। जब तक मानसून केरल नहीं पहुंचता, उसकी तीव्रता का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। 4 जून के बाद ही इस विषय में कुछ जानकारी दे पाऊंगा – राजेंद्रप्रसाद गुप्त, अधीक्षक शासकीय जीवाजी वेधशाला

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