छिंदवाड़ा और शहडोल कलेक्टर को बदलने आयोग की हरी झंडी का इंतजार

भोपाल। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में छिंदवाड़ा और शहडोल कलेक्टर को हटाने का मन चुनाव आयोग ने बना लिया है। दोनों जिलों में नए कलेक्टर की पदस्थापना के लिए आयोग की हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, सीधी कलेक्टर अभिषेक सिंह की शिकायतों को लेकर भी आयोग लगातार पूछताछ कर रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने छिंदवाड़ा और शहडोल में कलेक्टर बदलने को लेकर सिर्फ इतना कहा कि मामला प्रक्रियाधीन है।
सूत्रों के मुताबिक छिंदवाड़ा कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा की कार्यप्रणाली को लेकर चुनाव आयोग नाखुश है। दरअसल, छिंदवाड़ा में हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति देने को लेकर हुआ विवाद चुनाव आयोग तक पहुंचा था। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान के हेलिकॉप्टर को पांच बजे के बाद उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी गई।
वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के स्टार प्रचारक शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर सौंसर प्रचार में गए हेलिकॉप्टर ने छह बजे के बाद उड़ान भरी। भाजपा की शिकायत पर अनुमति लेने वाले जय माहोरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसी तरह शहडोल कलेक्टोरेट में आचार संहिता के दौरान मंत्री ओमकार सिंह मरकाम पहुंचे और कलेक्टर ललित कुमार दाहिमा से बात की। इस दौरान उन्होंने कुछ अन्य अधिकारियों से भी बात की।
इस शिकायत पर आयोग ने कलेक्टर की जगह नई पदस्थापना के लिए पैनल मांगा, जिसे भेजा जा चुका है। सीधी कलेक्टर अभिषेक सिंह को लेकर चुनाव के दौरान भाजपा ने पक्षपात और कांग्रेस के पक्ष में झुकाव होने की कई शिकायतें कीं। जांच में लगभग हर बार उन्हें क्लीनचिट मिली, लेकिन आयोग इससे पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। आयोग लगातार अभिषेक सिंह से जुड़ी शिकायतों को लेकर पूछताछ कर रहा है।
भरत यादव छिंदवाड़ा और शहडोल के लिए शेखर वर्मा की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक छिंदवाड़ा कलेक्टर के लिए 2008 बैच के भरत यादव और शहडोल के लिए 2008 बैच के शेखर वर्मा का नाम चर्चा में हैं। यादव को मुरैना से हटाकर ग्वालियर पदस्थ किया था, लेकिन कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की शिकायत पर लगभग दो माह के भीतर ही उन्हें हटाकर ऊर्जा विकास निगम का प्रबंध संचालक बना दिया। वहीं, शहडोल कलेक्टर के लिए शेखर वर्मा के नाम की चर्चा है। वर्मा फिलहाल संचालक भोपाल गैस त्रासदी और राहत हैं।

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