कांग्रेस को एक और झटका, दिग्विजय बोले- मामा के झोले की काली कमाई में एक और विधायक बिका

भोपाल

मध्यप्रदेश उपचुनाव के बीच कांग्रेस को एक और झटका लगा है। दमोह से पार्टी विधायक राहुल लोधी ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में लोधी ने पार्टी की सदस्यता ली। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि मध्यप्रदेश उपचुनाव में भाजपा सभी सीटों पर जीते। इसे लेकर अब राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। दिग्विजय ने मुख्यमंत्री शिवराज पर तंज कसते हुए कहा कि मामा के झोले की काली कमाई में एक और विधायक बिक गया। वहीं शिवराज ने कांग्रेस सांसद पर पलटवार करते हुए पूछा है कि क्या पूरी कांग्रेस ही बिकाऊ है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की जनता से लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करने को कहा है।

शिवराज ने पूछा- क्या पूरी कांग्रेस बिकाऊ है
शिवराज सिंह चौहान ने दिग्विजय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, ‘कांग्रेस नेताओं को ये कहते हुए शर्म नहीं आती, क्या पूरी कांग्रेस ही बिकाऊ है। इतने वर्षों तक जो आपके साथ रहे, आपके साथ काम किया, आपने टिकट दिया और आज आप सबको बिकाऊ कह रहे हैं। सच बात ये है कि जब आपकी सरकार थी तो आपने पूरे प्रदेश को बेच दिया था।’

कमलनाथ ने हमेशा रोना ही रोया : शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर एक मुख्यमंत्री केवल रोता रहे और कहता रहे कि पैसा नहीं है… क्या उसे मुख्यमंत्री बने रहने का अधिकार है? चौहान ने कहा कि एक मुख्यमंत्री ऐसा नेता होता है जो लोगों को मुसीबतों से निकालता है।

चौहान ने कहा, ’74 साल की उम्र में उन्होंने एक मंत्री के खिलाफ ऐसी टिप्पणी (कमलनाथ की ‘आइटम’ वाली टिप्पणी) की। राहुल गांधी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और वह माफी मांगेंगे। लेकिन, कमलनाथ ने कहा कि मैं माफी नहीं मांगूंगा। शायद दो-तीन कांग्रेस पार्टियां बन गई हैं- सोनिया जी की, राहुल जी की और कमलनाथ की।’

लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करे: कमलनाथ
जनादेश का, अपने वोट का सम्मान बचाए रखें, आगे आकर प्रदेश को और कलंकित होने से बचाएं। प्रदेश पर निरंतर उपचुनाव का बोझ डाला जा रहा है। प्रदेश को ये कहां ले जाएंगे? मै प्रदेश की जनता से एक बार फिर अपील करता हूं कि वो आगे आकर लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करें, भाजपा की इस घृणित राजनीति को करारा जवाब देते हुए इसका अंत करें। भाजपा को जनता के वोट में विश्वास नहीं, भाजपा का विश्वास सिर्फ सौदेबाजी में, इनका विश्वास अभी भी सिर्फ नोट में, प्रदेश को देशभर में इतना बदनाम व कलंकित करने के बाद भी अभी भी बाज नहीं आ रहे हैं, अभी भी राजनीति को बिकाऊ बनाने में लगे हुए हैं। भाजपा को पता है 10 नवंबर को क्या परिणाम आने वाले हैं, अपनी संभावित करारी हार का अंदेशा उन्हे हो चला है। उनकी सत्ता की हवस, तड़प व बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। भाजपा को लोकतंत्र में विश्वास नहीं, भाजपा को जनादेश में विश्वास नहीं, भाजपा को नैतिकता में विश्वास नहीं।

राहुल के भाई प्रद्युम्न सिंह विधायक पद छोड़कर आए थे भाजपा में
राहुल लोधी से पहले उनके बड़े भाई प्रद्युम्न सिंह लोधी ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। ऐसे में पहले से ही राहुल लोधी के भाजपा में शामिल होने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था। जुलाई में राहुल लोधी के चचेरे भाई और प्रद्युम्न सिंह लोधी ने बड़ा मलहरा के विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। अब वे बड़ा मलहरा से भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ रहे हैं। उस समय राहुल लोधी ने कहा था कि मैं कांग्रेस छोड़कर भाजपा में नहीं जाऊंगा। लेकिन आज वे विधायक पद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस के 25 विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके चलते ही मध्यप्रदेश में उपचुनाव होने वाले हैं। तीन नवंबर को मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। 

दिग्विजय ने सीएम को घेरा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने राहुल लोधी के भाजपा में शामिल होने पर सीएम शिवराज पर हमला बोला है। दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा, ‘मामा के झोले की काली कमाई में एक और विधायक बिका। लगता है भाजपा में असली भाजपाइयों से अधिक बिके हुए गद्दार कांग्रेसी मामा भर देगा। मुझे उन ईमानदार संघ व भाजपा के कार्यकर्ताओं पर दया आती है जिन्होंने भाजपा को यहां तक पहुंचाया। जयंत मलैया जी कहां हैं?’

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