कंप्‍यूटर बाबा की मंडली के खाने पर रोजाना खर्च हो रहे 2 टिन घी, 80 लीटर दूध, RO वाटर में बनता है भोजन

ग्वालियर. मध्य प्रदेश उपचुनाव को लेकर बिगुल बज चुका है. लगभग सभी दलों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं. बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस भी चुनाव प्रचार में कूद गई है. वहीं, नेताओं के अलावा साधु-संत भी एक तरह से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. लोकतंत्र बचाओ यात्रा पर निकले कंप्यूटर बाबा इन दिनों ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के गढ़ माने जाने वाले ग्वालियर में डेरा डाले हुए हैं. उनके साथ कई अन्य साधु-संत भी हैं. खास बात यह है कि कंप्यूटर बाबा और उनकी मंडली के खाने-पीने के लिए फाइव स्‍टार टाइप इंतजाम किया गया है. उनकी मंडली के भोजन पर रोज दो टिन शुद्ध देसी घी और 80 किलो दूध खर्च हो रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंप्यूटर बाबा के भोजन में बड़ी मात्रा में काजू, किशमिश और बादाम के अलावा अन्य ड्राई फ्रूट्स का भी उपयोग हो रहा है. साथ ही पीने के पानी के अलावा खाना बनाने के लिए भी RO के पानी का ही प्रयोग किया जा रहा है. यह सारा जिम्मा कंप्यूटर बाबा की टीम ही देख रही है.

कंप्यूटर बाबा अपनी मंडली के साथ डबरा पहुंचे थे
दरअसल, रविवार को कंप्यूटर बाबा अपनी मंडली के साथ डबरा पहुंचे थे. इसके बाद एक किराने की दुकान से भोजन बनाने के लिए इन सारे सामानों को लाया गया. इन सामग्रियों से रविवार को दिन और रात का भोजन बना. बताते चलें कि कंप्यूटर बाबा की मंडली में 150 से अधिक साधु-संत और अन्य लोग हैं. वहीं, कंप्यूटर बाबा का कहना है कि भोजन के बारे में किसी को कुछ नहीं बोलना चाहिए. वहीं, टोली में शामिल एक साधु ने कहा कि हमने कुछ भी सामान मांगा नहीं है. भक्तगण खुद अपनी इच्छा से दे रहे हैं, तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों हैं.

‘लोकतंत्र की हत्या हुई’
लोकतंत्र बचाओ यात्रा पर निकलने से पहले कंप्यूटर बाबा ने कहा था कि हम उन विधानसभा में जा रहे हैं, जहां-जहां वाेटर के साथ गद्दारी हुई है. जहां लोकतंत्र की हत्या हुई है. मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहना चाहूंगा कि आप ने और आपके साथियों ने लोकतंत्र की हत्या करते हुए सरकार बनाई है. आपको ऐसी सरकार नहीं बनानी थी. जनता का विश्वास आप पर नहीं था. जनता ने आपको उखाड़ फेंका था. कांग्रेस को जनता ने पांच साल दिए थे, आपको नहीं. आपको पांच साल इंतजार करना था. यदि आपको इतना इंतजार नहीं करना था तो चुनाव लड़कर आना था. इस प्रकार की जो गद्दारी हुई है. अब धर्म और अधर्म की लड़ाई है, हम सब इसी को लड़ने जा रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *