17 अक्तूबर को सूर्य आ रहे हैं तुला राशि में, जानिए सभी राशियों पर शुभ- अशुभ प्रभाव

फलित ज्योतिष में आत्मा, यश और राजसत्ता के कारक ग्रह भगवान सूर्य ग्यारह महीने बाद 17 अक्टूबर की सुबह 7 बजकर 3 मिनट पर अपनी नीचसंज्ञक राशि तुला में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर ये 16 नवंबर की सुबह 6 बजकर 55 मिनट तक गोचर करेंगे, उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। कोई भी ग्रह यदि वह जातक की जन्मकुंडली अथवा गोचर में अपनी नीच संज्ञक राशि में रहता है तो शुभ-अशुभ दोनों प्रकार के फल देता है इसलिए नीच संज्ञक राशि में बैठे या गोचर करने वाले ग्रहों का फलादेश बहुत गहनता से करना चाहिए। सिंह राशि के स्वामी सूर्य मेष राशि में उच्चराशिगत एवं तुला राशि में नीचराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनका अपनी नीच राशि में प्रवेश का सभी 12 राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।

मेष राशि- राशि से सप्तम भाव में सूर्य का नीच राशिगत होकर गोचर करना दांपत्य जीवन में कुछ कड़वाहट ला सकता है। पति पत्नी में से किसी का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है इसलिए बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। दांपत्य जीवन में भी कटुता न आने दें झगड़े विवाद से बचते रहें तो बेहतर रहेगा। शादी विवाह से संबंधित वार्ता में भी कुछ विलंब होगा। दैनिक व्यापारियों के लिए समय अपेक्षाकृत अनुकूल रहेगा। इनकी उच्च दृष्टि आपकी राशि पर पड़ रही है इसलिए मान-सम्मान की वृद्धि होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। शारीरिक पीड़ा भी बढ़ सकती है, शरीर में कैल्शियम की कमी न होने दें।

वृषभ राशि- राशि से छठे शत्रुभाव में सूर्य का गोचर आपके लिए कई मायनों में किसी वरदान से कम नहीं है। शत्रु परास्त होंगे। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। रोजगार की दिशा में किए गए सभी प्रयास सार्थक रहेंगे। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें पेट संबंधी बीमारी का सामना करना पड़ सकता है इस अवधि में किसी को भी अधिक कर्ज के लेनदेन से बचते रहे। इनकी बारहवें भाव पर दृष्टि के प्रभाव स्वरूप अधिक खर्च होगा। किसी मित्र अथवा संबंधी के द्वारा शुभ समाचार की प्राप्ति का योग। विदेशी कंपनियों में सर्विस के लिए आवेदन करना सफलता देगा।

मिथुन राशि- राशि से पंचम भाव में नीच राशिगत सूर्य का गोचर करना आपके लिए संतान संबंधी चिंता बढ़ा सकता है। शोधपरक एवं आविष्कारक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को सफलता प्राप्ति के लिए कठिन प्रयास करने होंगे। प्रेम संबंधी मामलों में भी उदासीनता रहेगी इसलिए अपने कार्य-व्यापार के प्रति अधिक ध्यान दें। इनकी उच्च दृष्टि आपके लाभ भाव पर पड़ रही है जिसके फलस्वरूप आय के साधन बढ़ेंगे। काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने के संकेत। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों से सहयोग मिलेगा उच्चाधिकारियों से संबंध बिगड़ने न दें।

कर्क राशि- राशि से चतुर्थ भाव में नीच राशिगत सूर्य का गोचर करना आपके लिए पारिवारिक कलह एवं मानसिक तनाव का कारण बनेगा, इसलिए परिवार में अलगाववाद की स्थिति उत्पन्न न होने दें। यात्रा सावधानीपूर्वक करें, सामान चोरी होने से बचाएं। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति भी चिंतनशील रहें। मित्रों अथवा संबंधियों को उधार के रूप में दिया गया धन जल्दी वापस नहीं मिलेगा। इनकी दशमभाव पर उच्चदृष्टि के प्रभाव स्वरूप शासन सत्ता का पूर्ण सुख मिलेगा। सामाजिक मान सम्मान तथा पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नौकरी में भी पदोन्नति एवं नए अनुबंध की प्राप्ति के योग।

सिंह राशि- राशि से पराक्रम भाव में सूर्य का गोचर करना आपको अत्यधिक साहसी और ऊर्जावान बनाएगा। आपके द्वारा लिए गए गए निर्णय और किये गए कार्यों की सराहना भी होगी। भाइयों से मतभेद बढ़ेगा उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। मकान वाहन के खरीदने का संकल्प भी पूर्ण कर सकते हैं। सूर्य की उच्च दृष्टि आपके भाग्य भाव पर पड़ रही है जिसके परिणाम स्वरूप धर्म-कर्म के मामलों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान पुण्य भी करेंगे। विदेशी कंपनियों में सर्विस के लिए आवेदन करना अथवा विदेशी नागरिकता के लिए प्रयास करना सफल रहेगा।

कन्या राशि- राशि से धनभाव में सूर्य का गोचर करना आध्यात्मिक उन्नति देगा। मंत्र साधना के प्रति रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक कलह के कारण मानसिक अशांति का सामना भी करना पड़ेगा। मकान वाहन खरीदने का संयोग अच्छा है लाभ उठाएं। आपके पक्ष में किसी बड़े पुरस्कार की घोषणा भी हो सकती है। स्वास्थ्य विशेष करके दाहिनी आंख, पेट संबंधी विकार, अग्नि, विष, तथा दवाओं के रिएक्शन से बचें। इनकी उच्चदृष्टि आपके अष्टम भाव पर पड़ रही है जो अप्रत्याशित रूप से मान सम्मान दिलाएगी। कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। कोर्ट कचहरी के मामले भी आपस में सुलझाएं।

तुला राशि- आपकी राशि में सूर्य का प्रवेश काफी मिले जुले परिणाम वाला सिद्ध होगा। षड्यंत्रकारी तथा नीचा दिखाने वाले लोग तो सक्रिय हो जाएंगे। हृदय रोग से सावधान रहना पड़ेगा। इनकी उच्चदृष्टि सप्तम भाव पर पर पड़ रही है प्रभावस्वरूप दांपत्य जीवन में कुछ कड़वाहट आ सकती है अपनी जिद और आवेश पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करेंगे तो समस्याएं स्वतः ही हल होती जाएंगी। शादी विवाह संबंधित वार्ता में भी थोड़ा विलंब हो सकता है किंतु यह अधिक समय तक नहीं रहेगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार से जुड़े विभागों में कार्यो का निपटारा होगा। उच्चाधिकारियों से संबंध बिगड़ने न दें।

वृश्चिक राशि- राशि से बारहवें भाव में सूर्य का गोचर कई तरह के अप्रत्याशित परिणाम दिला सकता है। विदेशी कंपनियों में सर्विस के लिए आवेदन अथवा विदेशी नागरिकता के लिए प्रयास करना हो तो गोचर अनुकूल रहेगा। कष्टकारक यात्रा भी करनी पड़ सकती है। जहांतक हो सके झगड़े विवाद से दूर रहें। कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं तो बेहतर रहेगा। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति भी चिंतनशील रहें। इनकी शत्रु भाव पर दृष्टि के प्रभाव स्वरूप शत्रु बनेंगे भी और स्वतः नष्ट भी होंगे। कार्य व्यापार की दृष्टि से ग्रह गोचर अनुकूल रहेगा। ऋण आदि लेना चाहें तो सफल रहेंगे।

धनु राशि- राशि से लाभ भाव में सूर्य का गोचर आपके लिए कार्य व्यापार की दृष्टि से किसी वरदान से कम नहीं है। किसी भी तरह का बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना चाहें अथवा निर्णय लेना चाहें या नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाहें तो परिणाम सुखद रहेगा। अपनी ऊर्जा शक्ति का पूर्ण उपयोग करें तथा जिद और आवेश पर नियंत्रण रखें। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं एवं भाइयों से मतभेद न पैदा होने दें। सूर्य की संतान भाव पर उच्च दृष्टि के परिणाम स्वरुप संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग बनेंगे। रोमांस में गोचरफल प्रतिकूल रहेगा।

मकर राशि- कर्मभाव में नीच राशिगत सूर्य का गोचर शासन सत्ता तथा उच्चाधिकारियों से संबंधों में कड़वाहट ला सकता है यही गोचर आपका स्थान परिवर्तन भी करा सकता है। अपनी योजनाओं को गोपनीय रखते हुए कार्य करेंगे तो सफलता की संभावना सर्वाधिक रहेगी। आपके पद एवं गरिमा की वृद्धि होगी। माता-पिता में से किसी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। सरकारी सर्विस के लिए आवेदन करने की दृष्टि से समय अनुकूल है। इनकी उच्चदृष्टि आपके सुख भाव पर पड़ रही है जिसके परिणाम स्वरूप किसी न किसी कारण से पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति का भी सामना करना पड़ सकता है।

कुंभ राशि- राशि से भाग्य भाव में सूर्य का गोचर मिलाजुला फल देने वाला सिद्ध होगा धर्म-कर्म के मामलों में कुछ अरुचि बढ़ेगी। कहीं ना कहीं कार्य बाधा से आप हताश होते नजर आएंगे किंतु यह अधिक समय के लिए नहीं रहेगा। आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने के लिए षड्यंत्र करते रहेंगे सावधान रहें। यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा विदेशी नागरिकता के लिए आवेदन करना हो तो समय अनुकूल है। इनकी उच्च दृष्टि आपके पराक्रम भाव पर पड़ रही है जिसके परिणामस्वरूप अपने कठिन परिश्रम से विषम परिस्थितियों पर विजय प्राप्त कर लेंगे भाइयों से मतभेद ना पैदा होने दें।

मीन राशि- राशि से अष्टम भाव में सूर्य का गोचर आपके लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से तो अच्छा नहीं कहा जा सकता। झगड़े विवाद से भी बचते रहें। बेहतर रहेगा कि कार्य संपन्न करें और सीधे घर आए। स्वास्थ्य की दृष्टि से अग्नि, विष तथा दवाओं के रिएक्शन से बचना पड़ेगा। लेन-देन के मामलों में भी सतर्कता बरतें अन्यथा दिया गया धन वापस मिलने में संदेह रहेगा। इनकी उच्चदृष्टि धनभाव पर पड़ रही है जिसके परिणाम स्वरुप जमीन जायदाद से जुड़े हुए कार्यो का निपटारा होगा। महंगी वस्तु का क्रय भी करेंगे। परिवार में अलगाव की स्थिति आये तो इसे ग्रहयोग समझकर बढ़ने न दें। 

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