विकास की राजनीति को लेकर कमलनाथ ने शिवराज को दी चुनौती, बोले- मेरे 15 महीने बीजेपी पर भारी

भोपाल. मध्‍य प्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान और पूर्व सीएम कमलनाथ के बीच विकास के मुद्दे पर आरोप और प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. मुख्यमंत्री शिवराज ने आज सुबह कहा था कि पिछली सरकार पैसे का रोना रोती थी, लेकिन कोरोना संकटकाल में भी मौजूदा सरकार ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण कर दिया. भाजपा सरकार द्वारा पिछली सरकार को विकास विरोधी करार देने पर कमलनाथ में भी जवाबी हमला बोला है. कमलनाथ ने कहा है कि चुनाव के दौरान सीएम शिवराज के जेब में नारियल लेकर चलने और कहीं भी छोड़ देने, कहीं भी घोषणा कर देने की बात मैं नहीं कहता, यह तो बीजेपी पार्टी के नेता और प्रदेश की जनता कहती है. यह सच्चाई भी है इसके कई उदाहरण भी प्रदेश वासियों के सामने है.

कमलनाथ ने कही ये बात
कमलनाथ सरकार में पैसे का रोना रोने के शिवराज के बयान पर कमलनाथ ने पलटवार करते हुए कहा कि मैंने विकास कार्यों के लिए कभी भी पैसे का रोना नहीं रोया. रोना जरूर रोता हूं कि प्रदेश के जिस खजाने से राज्‍य का विकास होना चाहिए था जिस खजाने की एक-एक पाई पर प्रदेश की जनता का हक है, उस खजाने को आप ने अपने 15 साल की सरकार में झूठे अभियानों, आयोजनों, यात्राओं, प्रचार-प्रसार और खुद की ब्रांडिंग के नाम पर जमकर लूटाया है. प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेला है. पैसे से विकास कार्य होना था उस पैसे का जमकर दुरूपयोग किया गया है. यह रोना तो मैं हमेशा रोता रहूंगा. कमलनाथ ने दावा किया है कि विकास की मामले में शिवराज की 15 साल की सरकार और मेरी 15 महीने की सरकार, दोनों का तुलनात्मक अध्ययन हो जाए तो मेरी 15 महीने की सरकार में आपके 15 साल की सरकार से कई गुना ज्यादा विकास कार्य होने की जानकारी सामने आएगी. प्रदेश की जनता की गवाह है कि 15 महीने में कांग्रेस की सरकार में प्रदेश की तस्वीर को बदलने का काम हुआ है.कमलनाथ ने कहा है कि बीजेपी सरकार के खाली खजाना छोड़ने के बावजूद 27 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ. सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को दोगुना किया गया. कन्या विवाह की राशि को 51 हजार किया गया और गौशालाओ का निर्माण शुरू हुआ.

कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की 15 महीने की सरकार ने खाली खजाने के बाद भी विकास कार्य हुए. कमलनाथ ने कहा कि मैं घोषणाओं में विश्वास नहीं करता, झूठे सपने नहीं दिखाता, जो कहता हूं वह करता हूं और मैं घोषणाओं के बजाय विकास कार्यों को जमीनी धरातल पर मूर्त रूप देने का काम करता हूं. कमलनाथ ने कहा कि विकास के लिए मेरा खजाना कभी खाली नहीं रहा और ना रहेगा. झूठी घोषणा और झूठे सपने दिखाने के लिए मेरा खजाना हमेशा खाली था और खाली रहेगा.

दरअसल, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस के चुनाव आयोग में शिकायत करने पर कहा था कि प्रदेश सरकार विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी. सीएम शिवराज ने कहा था कि शिकायत करना और आरोप लगाना कांग्रेस का विकास विरोधी कदम है. हमारे विकास से कांग्रेस चिढ़ती हैं. सीएम शिवराज के विकास के मुद्दे पर पिछली सरकार पर हमला बोलने पर कमलनाथ में भी जवाब देने का काम किया है.

कुल मिलाकर प्रदेश में 28 विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले विकास के मुद्दे पर कौन सी सरकार, कौन सा मुख्यमंत्री जनता की अपेक्षा पर खरा है. इसको जताने की कोशिश में मौजूदा मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जुटे हुए हैं, लेकिन विकास किसके कार्यकाल में ज्यादा हुआ यह तब उपचुनाव वाली सीटों पर वोटर को करना है.


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