आईसीएमआर नए तरीके से करेगा कोरोना का इलाज, जानवरों के खून का करेगा इस्तेमाल

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ने के लिए दुनियाभर के शोधकर्ता नई-नई प्रणालियों और अनुसंधानों पर काम कर रहे हैं। कोरोना वायरस को हराने के लिए आईसीएमआर को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आईसीएमआर ने हैदराबाद की एक फार्मा कंपनी बायोलॉजी ई लिमिटेड के साथ कोरोना के इलाज का नए नया तरीका पेश किया है।

दोनों संगठनों ने मिलकर एक प्यूरीफाइड एंटीसेरा विकसित किया है। वैज्ञानिकों ने इसे जानवरों के अंदर विकसित किया है। दरअसल, एंटीसेरा जानवरों से लिया गया ब्लड सीरम होता है। इसमें किसी खास एंटीजन का मुकाबला करने के लिए एंटीबॉडी मौजूद होती हैं। 
डॉक्टरों के मुताबिक ये किसी खास बीमारी के इलाज या उससे बचाव के लिए इंजेक्शन के तौर पर दिया जाता है। इस मामले में कोरोना के इलाज के लिए एंटीसेरा को तैयार किया गया है। इसका मतलब यह कहा जा सकता है कि अब कोरोना का इलाज जानवरों के खून से किया जा सकता है।

वहीं शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 81484 नए मामले सामने आए जिसके बाद देश में वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 63 लाख से ऊपर पहुंच गई है। वहीं, देश में अब तक 53 लाख से ज्यादा लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। वायरस के कारण अब तक एक लाख के करीब मरीजों की मौत हो गई है। 

केंदीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 81,484 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के मामले बढ़कर 63,94,069 हो गए हैं। वहीं 1,095 लोगों की मौत होने से मृतकों संख्या 99,773 हो गई है।

आंकड़ों के अनुसार 53,52,078 मरीज या तो ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई या वे देश छोड़कर चले गए है। देश में वर्तमान में कोविड-19 के 9,42,217 सक्रिय मामले हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *