28 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान थोड़ी देर में हो सकता है; 27 सीटों पर पहले कांग्रेस का कब्जा था; कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए सिंधिया की प्रतिष्ठा दांव पर

  • सिंधिया के सामने ग्वालियर-चंबल की उन 16 सीटों को बचाने की चुनौती होगी, जिन पर उनका प्रभाव है
  • सिंधिया समेत कांग्रेस के 22 विधायकों के भाजपा में जाने से मध्य प्रदेश में 15 महीने की कमलनाथ सरकार गिर गई थी

भोपाल। मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए आज तारीखों का ऐलान थोड़ी देर में हो सकता है। चुनाव आयोग की दिल्ली में चल रही प्रेस कान्फ्रेंस में बिहार चुनाव के साथ मध्य प्रदेश उपचुनाव की भी घोषणा की जा सकती है। प्रदेश में पहली बार इतनी ज्यादा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है।

भाजपा की अपनी सत्ता बचाने और कमलनाथ की छह महीने पहले खोई सत्ता वापस पाने की लड़ाई है। साथ ही, इस उपचुनाव में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की साख भी दांव पर लगी है। क्योंकि, जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की है। उधर, आयोग अगर चुनाव की घोषणा करता है तो फिर 19 जिलों में आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लग जाएगी।

प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर क्यों हो रहा चुनाव

मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होने हैं। पहली बार प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर उपचुनाव हो रहे हैं। इसका कारण प्रदेश में मार्च में हुआ सियासी फेरबदल है। दरअसल, इसी साल 10 मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस के 22 विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद अल्पमत में आई कमलनाथ सरकार गिर गई थी।

कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने से 22 सीटें खाली हो गई थीं। इसके बाद जुलाई में बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी और नेपानगर से कांग्रेस विधायक सुमित्रा देवी कसडेकर ने भी कांग्रेस छोड़ भाजपा ज्वाइन कर ली। फिर मांधाता विधायक ने भी कांग्रेस छोड़ भाजपा का झंडा पकड़ लिया। इसके अलावा, 3 विधायकों का निधन हो गया। यानी कुल 28 विधानसभा सीटें रिक्त हो गईं।

शिवराज, कमलनाथ, सिंधिया की प्रतिष्ठा दांव पर

सिंधिया को उन 22 सीटों, जिसमें 16 सीटें उनके प्रभाव क्षेत्र ग्वालियर-चंबल की हैं, उन्हें बचाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। मुख्य मुकाबला ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों पर होगा। भाजपा जहां अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए सदस्यता अभियान चला रही है, वहीं कांग्रेस भी दोबारा सत्ता में आने का भरसक प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने 15 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है, वहीं भाजपा के 25 सीटों पर प्रत्याशी लगभग तय हैं। लेकिन, उनके नाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ही भाजपा के दिग्गज नेता मध्य प्रदेश में डेरा जमाए हुए हैं। कांग्रेस की तरफ से चुनाव प्रचार क जिम्मा कमलनाथ ने संभाल रखा है।

जिन 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था

राज्य की जिन 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह बड़ी प्रतिष्ठा का सवाल है। प्रदेश में 230 सदस्यीय राज्य विस में बहुमत के लिए 116 सीटें होना जरूरी हैं। अगर भाजपा उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसकी सरकार और स्थिर होगी। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की कोशिश है कि वह 20 या उससे ज्यादा सीटें जीत ले, जिससे की एक बार फिर प्रदेश में सत्ता पलट सकती है।

इन 28 सीटों पर हो रहे हैं उपचुनाव

सीट2018 में जीते सदस्यउपचुनाव क्यों?
ग्वालियरप्रद्युम्न सिंह तोमरकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
डबराइमरती देवीकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गईं
बमोरीमहेंद्र सिंह सिसोदियाकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
सुरखीगोविंद सिंह राजपूतकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
सांचीप्रभुराम चौधरीकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
सांवेरतुलसीराम सिलावटकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
सुमावलीएदल सिंह कंषानाकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
मुरैनारघुराज सिंह कंषानाकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
दिमनीगिर्राज दंडौतियाकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
अम्बाहकमलेश जाटवकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
मेहगांवओपीएस भदौरियाकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
गोहदरणवीर जाटवकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
ग्वालियर पूर्वमुन्नालाल गोयलकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
भांडेररक्षा संतराम सरौनियाकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
करेराजसमंत जाटव छितरीकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
पोहरीसुरेश धाकड़कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
अशोकनगरजजपाल सिंह जज्जीकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
मुंगावलीबृजेंद्र सिंह यादवकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
अनूपपुरबिसाहूलाल सिंहकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
हाटपिपल्यामनोज नरायण चौधरीकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
बदनावरराजवर्धन सिंहकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
सुवासराहरदीप सिंह डंगकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
मलहराप्रद्युम्न सिंह लोधीकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
नेपानगरसुमित्रा देवी कास्डेकरकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
मंधातानारायण पटेलकांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए
जौराबनवारीलाल शर्मानिधन
आगरमनोहर ऊंटवालनिधन
ब्यावरागोवर्धन दांगीनिधन

मौजूदा विधानसभा की स्थिति:

पार्टीसीटें
भाजपा107
कांग्रेस88
बसपा2
सपा1
निर्दलीय4
खाली सीटें28
कुल सीटें230

2018 में हुए चुनाव के बाद विधानसभा की स्थिति:

पार्टीसीटें
कांग्रेस114
भाजपा109
बसपा2
निर्दलीय4
सपा1
कुल सीटें230

छत्तीसगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद मरवाही सीट खाली
इस सीट पर पिछले 5 चुनावों से जोगी परिवार का ही कब्जा रहा है। अजीत जोगी के निधन के बाद उनके बेटे और पूर्व विधायक अमित जोगी ने दावा ठोका है, वहीं कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी तय नहीं हुए हैं।

उत्तर प्रदेश : 8 सीटों पर उपचुनाव होंगे

सीट2017 में जीते सदस्यउपचुनाव क्यों?
घाटमपुरकमला रानीनिधन
मल्हनीपारसनाथ यादवनिधन
बुलंदशहर सदरवीरेंद्र सिंह सिरोहीनिधन
देवरिया सदरजनमेजय सिंहनिधन
नौगांवा सादतचेतन चौहाननिधन
स्वारअब्दुल्ला आजम खांगलत डॉक्यूमेंट्स लगाने की वजह से सदस्यता गई
बांगरमऊकुलदीप सिंह सेंगरदुष्कर्म के मामले में सजा होने की वजह से सदस्यता गई
टूण्डलाएसपी बघेलसांसद बन गए

झारखंड : 2 सीटों पर उपचुनाव होंगे

सीट2019 में जीते सदस्यउपचुनाव क्यों?
बेरमोराजेंद्र प्रसाद सिंहनिधन
दुमकाहेमंत सोरेन2 सीटों पर जीतने के बाद दुमका सीट छोड़ दी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *