बैंड-बाजा-बारात सब बंद, बुकिंग को तरसे मैरिज गार्डन; कैटरिंग, बैंड, डीजे और बग्घी की बुकिंग भी नहीं

  • इस बार शहर के मैरिज गार्डन और शादी हॉल में बुकिंंग का आंकड़ा दहाई तक भी नहीं पहुंच पाया
  • 305 करोड़ का सालाना कारोबार, मैरिज गार्डन, कैटरिंग और टेंट हाउस का।

भोपाल। पिछले 5 महीनों से बंद मैरिज गार्डन्स की यह प्रतिनिधि तस्वीर है। यहां एक से डेढ़ फीट तक खरपतवार उग आई है। पाथ-वे पर कीचड़ और परिसर में सन्नाटा पसरा पड़ा है। बुकिंग पिछले साल के मुकाबले काफी कम है। कोलार स्थित संस्कार उपवन गार्डन की ही बात करें तो पिछले साल सितंबर तक यहां करीब 46 बुकिंग हो चुकी थी, लेकिन इस बार सिर्फ 8 ही हुई हैं। वो भी नवंबर और दिसंबर के लिए। ऐसे ही हालात शहर के अन्य मैरिज गार्डन और शादी हॉल के हैं। ये सभी आयोजनों को तरस गए हैं।

कारोबार पिछले साल के मुकाबले 5 फीसदी तक ही सिमटकर रह गया है। कोरोना काल में प्रशासन ने 100 मेहमानों के साथ आयोजन करने की अनुमति दी है। ऐसे में ज्यादातर लोग अब शादी हॉल और मैरिज गार्डन के बजाय घरों में ही सादगी के साथ आयोजन कर रहे हैं। यही वजह है कि यहां सब सन्नाटा है। केटरिंग, बैंड, डीजे और बग्गी की बुकिंग भी नहीं हो रही है।

कारोबार ठप…लेकिन बाकी खर्चे सब वैसे के वैसे ही
संस्कार गार्डन के मैनेजर संजय जैन ने बताया कि बुकिंग काफी कम है। लेकिन स्टाफ, बिजली बिल समेत अन्य खर्च तो हो ही रहे हैं। लालघाटी स्थित द लायन सिटी मैरिज गार्डन में पिछले साल सितंबर तक 78 बुकिंग हाे चुकी थी, लेकिन अभी सिर्फ 9 हुई हैं। यहीं के गुलशन गार्डन में सिर्फ 6 बुकिंग जबकि पिछले साल आंकड़ा 35 का था। और होशंगाबाद रोड स्थित वृदांवन में गार्डन में 7 बुकिंग ही अब तक हो पाई है। जबकि सितंबर-2019 में यह संख्या 25 से ज्यादा थी।

दर्द इनका भी…गहने गिरवी रख पाल रहे हैं पेट
सेंट्रल लाइब्रेरी के पास रहने वाले अलीम कुरैशी की घोड़ी बग्घियों में लगती हैं। तीनों भाइयों के पास 22 घोड़े हैं। एक घोड़े की एक दिन की खुराक पर 140 रु. खर्च होते हैं। छह महीने से काम बंद है। तीन महीने तक तो जमा पूंजी से घोड़ों के खाने का इंतजाम किया, लेकिन अब हालत गहने गिरवी रखकर 40 हजार उधार लिए हैं। अलीम बताते हैं कि पिछले साल इन दिनों तक 70 बुकिंग थीं। लेकिन, नवंबर-दिसंबर के लिए दो-दो बुकिंग ही मिली हैं।

न गीत-न संगीत- पिछले साल 40, इस बार बुकिंग ही नहीं
चक्की चौराहा पर गजानंद बैंड का संचालन करने वाले कन्हैया पाल ने बताया कि पिछले साल 40 से ज्यादा इवेंट किए थे। लेकिन, इस साल एक भी बुकिंग नहीं मिली है। पिछले साल जो बैंड 20 हजार में बुक हुआ था वह 18 हजार में भी कोई बुक नहीं कर रहा है। अप्रैल, मई और जून की 26 बुकिंग कैंसिल हुई थीं, उनका 40 हजार रुपए एडवांस का वापस करना है लेकिन अब तक नहीं कर पाएं हैं।

हकीकत यह है…कारोबार 5% पर ही सिमट गया
शादी हॉल, मैरिज गार्डन

  • 250 से ज्यादा शहर में शादी हॉल, मैरिज गार्डन, होटल और धर्मशाला
  • 125 करोड़ करीब सालाना का है कारोबार
  • इस बार 5% रह गया

बैंड बाजा और डीजे

  • 200 से ज्यादा शहर में बैंड और डीजे वाले
  • 30 करोड़ करीब का है सालाना कारोबार
  • इस बार सिर्फ 2 प्रतिशत है कारोबार

घोड़े और बग्गी

  • 200 से ज्यादा घोड़े, करीब 60 बग्घियां हैं
  • 3 करोड़ से ज्यादा का है सालाना कारोबार
  • 20 से ज्यादा लोगों का यह कारोबार ठप है।

केटरिंग-टेंट हाउस

  • 900 से ज्यादा केटरिंग और टेंट कारोबारी हैं शहर में
  • 180 करोड़ करीब है सालाना का कारोबार
  • इस बार 5% पर ही।

इनकम बची नहीं, सरकार राहत दे

  • इनकम बची नहीं है। सरकार को चाहिए कि बिजली बिल और प्रॉपर्टी टैक्स में राहत दे। लाइसेंस को बिना चार्जेज रिन्यू करना चाहिए। पीतांबर राजदेव, अध्यक्ष, भोपाल मैरिज गार्डन एसो.
  • टेंट और कैटरिंग का काम पूरी तरह से शून्य पर आ गया है। सरकार व्यवसाय खड़ा करने के लिए कम ब्याजदर पर लोन की सुविधा दे। रामबाबू शर्मा, महामंत्री, फेडरेशन ऑफ मप्र टेंट एसो.

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