पिता की राजनीति में कितनी मददगार होगी नेता पुत्रों की यह जोड़ी?

भोपाल. भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक पोस्टर ने सबको चौंका दिया है. अपने बेटों को राजनीति के मैदान में स्थापित करने में लगे कई नेताओं के कान भी खड़े हो गए हैं. युवा मोर्चा के पोस्टर में राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया का चित्र था. इस पोस्टर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान का फोटो भी था. पोस्टर सांची विधानसभा क्षेत्र के रायसेन में आयोजित किए गए युवा सम्मेलन का है.

उप चुनाव में बनी है शिवराज-सिंधिया की जोड़ी
बीजेपी की राजनीति में शिवराज सिंह चौहान के जोड़ीदार केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर रहे हैं. वर्ष 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत में इस जोड़ी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही. पिछले आम चुनाव में शिवराज सिंह अकेले ही मैदान में नजर आ रहे थे. प्रदेश बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश सिंह के साथ उनकी जोड़ी जमी नहीं. अब शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया की जोड़ी प्रदेश की राजनीति में उभर रही है. मुख्यमंत्री शिवराज और सिंधिया संयुक्त रूप से उपचुनाव में प्रचार का अभियान चला रहे हैं. ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के प्रचार में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी साथ होते हैं, लेकिन चौहान के जोड़ीदार के तौर पर सिंधिया दिखाई दे रहे हैं. ग्वालियर-चंबल अंचल की कुल सोलह विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. यह माना जाता है कि आम चुनाव में सिंधिया के कारण ही कांग्रेस इस अंचल की 34 में 27 सीटें जीतने में सफल रही थी. आम चुनाव में शिवराज-सिंधिया आमने-सामने थे. लेकिन अब दोनों साथ-साथ हैं.

सांची विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव क्यों है महत्वपूर्ण
मध्य प्रदेश में कुल 28 सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव होने हैं. सांची विधानसभा क्षेत्र भी इनमें से एक है. यहां चुनाव प्रभुराम चौधरी द्वारा विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के कारण हो रहा है. चौधरी कांग्रेस के उन 22 विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने बीते मार्च महीने में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया था. प्रभुराम चौधरी ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक नेता हैं. कांग्रेस की राजनीति में माधवराव सिंधिया ने चौधरी को आगे बढ़ाया है इसलिए वो अपनी पूरी निष्ठा से सिंधिया परिवार के साथ हैं. सिंधिया परिवार भी चौधरी को जिताने के लिए जमीन पर उतरकर चुनाव प्रचार करता है.

शिवराज सिंह चौहान का प्रभाव क्षेत्र भी है सांची
सांची, बौद्ध स्तूपों के लिए प्रसिद्ध है. यह यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों में शामिल है. विदिशा से केवल दस किलोमीटर दूर स्थित सांची रायसेन जिले का हिस्सा है. जिला मुख्यालय रायसेन भी सांची विधानसभा क्षेत्र में ही आता है. संसदीय क्षेत्र विदिशा है. शिवराज सिंह चौहान विदिशा से सांसद रहे हैं. इस कारण सांची में उनका भी प्रभाव है. इस क्षेत्र से लगातार चार दशक तक बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ते रहे डॉ. गौरीशंकर शेजवार, मुख्यमंत्री चौहान के करीबी माने जाते रहे हैं. शेजवार ने अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे मुदित शेजवार को सौंप दी है. मुदित को आम चुनाव में बीजेपी ने सांची से अपना उम्मीदवार बनाया था. लेकिन, वो प्रभुराम चौधरी से चुनाव हार गए. चौधरी के बीजेपी में आने से शेजवार परिवार का राजनीतिक भविष्य भी दांव पर लगा हुआ है. शेजवार को मनाने की कोशिश पार्टी में चल रही है. पिछले दिनों संगठन महासचिव बी.एल संतोष ने भोपाल में शेजवार से इस सिलसिले में बात भी की थी.

महाआर्यमन और कार्तिकेय पिता के चुनाव में रहे हैं सक्रिय
महाआर्यमन और कार्तिकेय चौहान हमउम्र हैं. दोनों ही अपने-अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं. कार्तिकेय चौहान की सक्रियता निर्वाचन क्षेत्र के बाहर भी देखी गई. दो साल पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले क्षेत्र कोलारस में विधानसभा के उपचुनाव में कार्तिकय जनसभा के मंच पर थे. वहीं महाआर्यमन सिंधिया ने अपने पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्वाचन क्षेत्र के अलावा कहीं भी जनसंपर्क या प्रचार नहीं किया है. कार्तिकेय लगातार अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं. कार्तिकेय फूल और दूध बेचने का व्यवसाय भी करते हैं. महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर के सिंधिया परिवार की चौथी पीढ़ी है, जो सियासत में कदम रखने को तैयार हैं. महाआर्यमन ज्योतिरादत्यि सिंधिया के इकलौते बेटे हैं.

मुदित की काट के तौर पर प्रचार में उतारा जाएगा?
सांची में आयोजित युवा सम्मेलन में महाआर्यमन और कार्तिकेय के पोस्टर बॉय बनने से कई नेताओं के कान खड़े हो गए. इस पोस्टर में दोनों नेता पुत्रों के अलावा युवा मोर्चा के अध्यक्ष अभिलाष पांडे और प्रभुराम चौधरी का भी फोटो लगा हुआ है. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का फोटो भी पोस्टर में है. पोस्टर से साफ लग रहा है कि महाआर्यमन और कार्तिकेय चौहान युवा सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. युवा मोर्चा के अध्यक्ष अभिलाष पांडे ने कहा कि दोनों का सम्मेलन में हिस्सा लेने का कोई कार्यक्रम नहीं है. फिर ये पोस्टर में फोटो क्यों? इस सवाल पर पांडे ने कहा कि किसी कार्यकर्ता ने लगा दिया होगा. माना जा रहा है कि दोनों युवा चेहरों का फोटो मुदित शेजवार पर दबाव बनाने के लिए पोस्टर में लगाया गया है.


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