भोपाल में कोरोना को रोकने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू होगा; 24 प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज होगा

  • भोपाल में हर रोज 200-250 नए केस मिल रहे हैं, यहां 15 हजार के करीब पहुंचा आंकड़ा
  • चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा- अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी नहीं आने दी जाएगी

भोपाल। राजधानी भोपाल में कोरोना का कहर थम नहीं रहा है। यहां पर हर रोज कोरोना के 200-250 नए केस मिल रहे हैं। बुधवार को भी यहां पर 245 नए कोरोना मरीज मिले। ऐसे में सरकार कोविड नियंत्रण के लिए स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। इसमें इंटर्न, मेडिकल स्टूडेंट, प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स, आयुष डॉक्टर और नर्सिंग स्टूडेंट को शामिल किया जाएगा। इसमें कोरोना की रोकथाम और मरीजों के मन से भय को कैसे दूर किया जाए। इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही जागरुकता के लिए नए-नए तरीके अपनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि शहर के 24 प्राइवेट अस्पतालों में कोविड का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत को देखते हुए अन्य निजी अस्पतालों को भी कोविड सेंटर बनाएंगे। अस्पतालों में आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ऑक्सीजन सप्लाई की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नये अस्पतालों को शामिल करते समय विशेष रूप से देख रहे हैं कि वहां पर ऑक्सीजन की निर्बाध सप्लाई हो रही है या नहीं।

हमीदिया में कोविड के लिए 50 बेड और बढ़ेंगे
आयुष्मान योजना के तहत इम्पैनल्ड 61 अस्पतालों की टोटल क्षमता 5894 में से 1184 बेड कोविड के लिए डेडिकेटेड किए जाएंगे। हर अस्पताल के साथ जिला प्रशासन के प्रतिनिधि कोऑर्डिनेट करेंगे। हमीदिया अस्पताल में जल्द ही कोविड मरीजों के लिए 50 बेड और बढ़ाए जाएंगे। साथ ही टीबी अस्पताल में 10 बेड का आईसीयू भी शुरू होगा, इससे इसकी क्षमता और बढ़ जाएगी।

जूनियर डॉक्टरों के लिए इलाज के लिए जीवन रक्षक दवाइयां दी जाएंगी
जीएमसी के जूनियर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की मांग को सरकार ने मान ली है। मंत्री सारंग ने कहा कि जूनियर डॉक्टर्स के संक्रमित होने पर उनके कोविड उपचार के लिए रि-इन्वेस्टमेंट मोड पर जीवन-रक्षक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज में सुव्यवस्थित कैंटीन और रिक्रिएशन सेंटर बनाने के निर्देश दिए।

5 सरकारी और 10 प्राइवेट अस्पतालों में हो रहा है इलाज
राजधानी में कोरोना का इलाज पांच सरकारी और 10 प्राइवेट अस्पतालों में किया जा रहा है। इसमें एम्स, जीएमसी, जे.पी. हॉस्पिटल, कस्तूरबा हॉस्पिटल और मिलिट्री हॉस्पिटल हैं। वहीं अधिग्रहित किए गए अस्पतालों में चिरायु, जेके अस्पताल सहित पीपुल्स, बंसल, आरकेडीएफ, भोपाल केयर हॉस्पिटल, केयर मल्टी स्पेशियलिटी, निर्मल प्रेम मूर्ति हॉस्पिटल, करोंद मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और एबीएम हॉस्पिटल में इलाज किया जा रहा है।

अब 24 अस्पतालों में कोरोना मरीजों का मुफ्त इलाज होगा
आयुष्मान योजना के तहत रजिस्टर्ड जिले के 24 अस्पतालों में 20 प्रतिशत बेड कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए आरक्षित करा दिए हैं। यहां मरीजों को नि:शुल्क इलाज मिलेगा। इलाज की राशि सरकार देगी। वर्तमान में 12 से अधिक अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत रजिस्टर्ड लोगों के इलाज कर रहे हैं। यहां अभी तक 61 मरीज भर्ती हैं और कोरोना का इलाज करा रहे हैं।

दरअसल, प्रदेश सरकार के निर्णय के बाद भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। गुरुवार से 6 व 19 सितंबर से 6 अन्य अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड वाले लोगों को कोरोना का इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। सभी 24 अस्पतालों में 300 से अधिक ऑक्सीजन बेड उपलब्ध होंगे।

इन अस्पतालों में मिलेगा इलाज

  • कोलार क्षेत्र में – अक्षय हॉस्पिटल, नोबेल, नर्मदा ट्रामा सेंटर, आरकेडीएफ हॉस्पिटल, पुष्पांजलि, सिद्धांता अस्पताल और सहारा हॉस्पिटल।
  • हुजूर क्षेत्र में – रुद्राक्ष मल्टी सिटी हॉस्पिटल और लीलावती हाॅस्पिटल।
  • गोविंदपुरा क्षेत्र में- केयर मल्टी और अनंतश्री हॉस्पिटल।
  • बैरागढ़ क्षेत्र में – एबीएम, ग्रीन सिटी, एलबीएस, राजदीप, सेंट्रल हॉस्पिटल, गुरु आशीष हॉस्पिटल, जवाहरलाल कैंसर हॉस्पिटल, माहेश्वरी, सर्वोत्तम, सिल्वर लाइन हॉस्पिटल।
  • टीटी नगर क्षेत्र में- पीपुल्स हॉस्पिटल।
  • एमपी नगर में – सहारा हॉस्पिटल और पालीवाल हॉस्पिटल।

(आयुष्मान कार्डधारकों के लिए यहां पर 20% बेड आरक्षित)

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