मध्यप्रदेश को मिल सकते हैं नए डीजीपी, जौहरी 30 सितंबर को हो रहे हैं रिटायर

भोपाल. मध्य प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि नये डीजीपी के नाम की घोषणा भी इसी महीने हो सकती है. प्रदेश की पूर्व कांग्रेस सरकार ने  मौजूदा डीजीपी जौहरी को 2 साल का एक्सटेंशन दिया था, लेकिन बीजेपी सरकार आने के बाद जिस तरीके से कमलनाथ सरकार के तमाम फैसलों को पलटा जा रहा है. ऐसे में इस बात की संभावना ज्यादा है कि शिवराज सरकार एक्सटेंशन के फैसले को भी पलट सकती है.

अभी देखना यह होगा कि क्या शिवराज सरकार कमलनाथ सरकार के स्टेशन के फैसले को पलटेगी या फिर जौहरी 2 साल तक डीजीपी बने रहेंगे. यदि जौहरी 2 साल तक डीजीपी बने रहते हैं, तो यह मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार होगा, जब एक्सटेंशन के बदौलत डीजीपी का कार्यकाल चलेगा. हालांकि इन दिनों मध्य प्रदेश में तीन नाम डीजीपी की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं. इनमें अशोक दोहरे, पुरुषोत्तम शर्मा और विजय यादव का नाम है. जानकार विजय यादव को इस पद के लिए प्रबल दावेदार बता रहे हैं.

आपको बता दें कि बीजेपी सरकार में डीजीपी बने वीके सिंह को कमलनाथ सरकार ने हटा दिया था. उनकी जगह पर केंद्र में पदस्थ 1984 बैच के आईपीएस अफसर विवेक जौहरी को डीजीपी बनाया गया था. विवेक जौहरी मूलता भोपाल के ही रहने वाले हैं. उनकी ईमानदार और साफ सुधरी छवि है. विवेक जौहरी की ज्यादातर नौकरी प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में ही रही है. कमलनाथ सरकार ने डीजीपी की पोस्टिंग को लेकर पहली बार ऐसा आदेश दिया था, जिसमें  विवेक जौहरी के कार्यभार गृहण करने तक राजेंद्र कुमार को प्रभारी डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसके पीछे मंशा थी कि विवेक जौहरी प्रतिनियुक्ति से वापस नहीं आएंगे और तब तक राजेंद्र कुमार प्रभारी डीजीपी बने रहेंगे. हालांकि अब राजेद्र कुमार रिटायर हो गए हैं.

इसलिए मिल सकते हैं नए डीजीपी…
मौजूदा डीजीपी को एक्सटेंशन देने के फैसले को बीजेपी सरकार पलट सकती है. इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि जितने भी फैसले कमलनाथ सरकार ने अपने कार्यकाल में लिए थे उन सभी को पलटने का काम बीजेपी ने किया है. ऐसे में इस एक्सटेंशन के आदेश को भी पलटा जा सकता है. यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश को इसी महीने नए डीजीपी मिल सकते हैं. सूत्रों की मानें तो इस पर मंथन भी चल रहा है. एक वजह यह भी बताई जा रही है कि मध्य प्रदेश के इतिहास में डीजीपी के पद के लिए किसी भी अधिकारी को एक्सटेंशन नहीं दिया गया है. यदि जौहरी को एक्सटेंशन दिया जाता है तो यह मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार होगा और बीजेपी सरकार शायद ऐसा होने नहीं देगी.

डीजीपी की दौड़ में ये 3 नाम…

मौजूदा डीसीपी विवेक जौहरी यदि रिटायर होते हैं तो उनके बाद डीजीपी की दौड़ में कई अधिकारी शामिल हैं, लेकिन 1984 बैच के आईपीएस अफसर मैथिलीशरण गुप्त और 1985 बैच के अफसर महानभारत सागर इसी महीने रिटायर हो रहे हैं. ये दो नाम डीजीपी की रेस से बाहर हैं. इसके अलावा 1984 बैच के अफसर संजय चौधरी जनवरी 2021, 1984 बैच के अफसर वीके सिंह मार्च 2021 और 1986 बैच के आईपीएस अफसर संजय राणा जनवरी-फरवरी 2021 में रिटायर्ड हो रहे हैं. इन तीनों अफसरों का कार्यकाल 6 महीने तक का भी नहीं बचा है और डीजीपी के लिए 6 महीने का कार्यकाल होना जरूरी है ऐसे में यह तीनों अफसर भी डीजीपी की दौड़ से बाहर हैं.

अब तीन नामों का पैनल डीजीपी के लिए बनाया जा सकता है,  जिसमें 1985 बैच के अफसर अशोक दोहरे और 1986 बैच के आईपीएस अफसर पुरुषोत्तम शर्मा के साथ 1987 बैच के आईपीएस अफसर विजय यादव शामिल हैं. अशोक दोहरे और पुरुषोत्तम शर्मा का रिटायरमेंट 2023-24 में होगा, जबकि विजय यादव का अगस्त 2021 में होगा. विजय यादव की दावेदारी डीजीपी के लिए प्रबल बताई जा रही है. इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि पुरुषोत्तम शर्मा का नाम हनीट्रैप में आने के बाद लंबा विवाद हुआ था. वहीं अशोक दोहरे के नाम पर सहमति बनना मुश्किल है. विजय यादव के नाम के साथ ऐसी कोई दिक्कत नहीं है. यही कारण है कि विजय यादव के नाम पर सरकार मोहर लगा सकती है.

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