तारीखों में तालमेल बैठा रहा चुनाव आयोग, 26 से 31 अक्टूबर तक चुनाव तो 18 से 22 सितंबर के बीच आचार संहिता संभव

  • तारीखों में चुनाव हुए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को इस्तीफा देना पड़ेगा
  • प्रमुख त्यौहारों की वजह से तारीखों में तालमेल बैठाने के लिए मप्र की 27 सहित सभी 65 सीटों पर उपचुनाव 26 से 31 अक्टूबर के बीच कराने की संभावना है

भोपाल। केंद्रीय चुनाव आयोग बिहार विधानसभा और देश की 65 सीटों पर उपचुनाव के लिए 18 से 22 सितंबर के बीच आचार संहिता लगाने की तैयारी कर रहा है। प्रमुख त्यौहारों की वजह से तारीखों में तालमेल बैठाने के लिए मप्र की 27 सहित सभी 65 सीटों पर उपचुनाव 26 से 31 अक्टूबर के बीच कराने की संभावना है। यदि इन तारीखों में चुनाव हुए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को इस्तीफा देना पड़ेगा, क्योंकि दोनों 21 अप्रैल को मंत्री बने थे। इसलिए उन्हें छह माह में निर्वाचित होकर विधायक पद की शपथ लेना होगी।

21 अक्टूबर को दोनों के मं­त्रीपद की डेडलाइन खत्म हो जाएगी। ऐसे में 26 से 31 अक्टूबर के बीच चुनाव होने के पहले इस्तीफा देना पड़ेगा। दूसरी ओर दीपावली और छठ जैसे त्यौहारों के कारण आयोग बिहार में चुनाव की सारी प्रक्रिया 12 नवंबर तक पूरी कराने की तैयारी कर रहा है। इसी के इसी के साथ 65 सीटों के उपचुनावों (मध्यप्रदेश सहित) के परिणाम घोषित करने की तैयारी है। मतलब, यदि बिहार के परिणाम 12 नवंबर तक आए तो मध्यप्रदेश के परिणाम भी 15 नवंबर तक ही आ पाएंगे।

10 दिन में सारे बड़े लोकार्पण
चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर भाजपा सरकार ने आयोजन तय किए है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्ट्रीट वेंडर योजना, आत्मनिर्भर योजना, पीएम आवास योजना में 12 सितंबर को डेढ़ लाख मकानों का आवंटन जैसे प्रमुख आयोजन है। चंबल एक्सप्रेस वे के लोकार्पण की तारीख भी एक-दो दिन में आ सकती है। इन सभी वीडियो कान्फ्रेसिंग के आयोजन में मोदी रहेंगे।

ऐसे समझें त्यौहार और तारीखों का गणित

  • बिहार में वर्तमान सरकार 30 नवंबर 2015 को बनी थी। यानी 29 नवंबर के पहले यहां विधानसभा चुनाव कराने होंगे।
  • 17 सितंबर तक पितृ पक्ष है। इसके बाद अधिमास लग जाएगा। फिर 17 से 25 अक्टूबर तक नवरात्रि है।
  • इसलिए 26 से 31 अक्टूबर तक 64 विस सीटों और एक लोकसभा सीट पर चुनाव कराए जा सकते हैं।
  • इसके बाद ही आयोग बिहार चुनाव पर फोकस करेगा। इसके लिए तीन चरणों में एक से 10 नवंबर की तारीख संभावित है।
  • मतगणना 12 नवंबर हो सकती है, क्योंकि 13 नवंबर को धनतेरस है और 21 नवंबर को छठ।
  • यानी दीपावली के बाद 16 या 17 नवंबर को भी मतगणना कराई जा सकती है। छठ के बाद चुनाव आयोग के पास 29 नवंबर तक आठ दिन बचेंगे। इन दिनों में मतदान और मतगणना संभव नहीं होगी।

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