घरों में रखा 700 क्विंटल सोना बैंकों और एनबीएफसी में गिरवी, लिया 300 करोड़ का लोन

भोपाल। राजधानी में घर में रखा सोना कोरोना संकट में नौकरी गंवाने वाले और व्यापार बंद होने से परेशान लोगों के लिए बड़ा मददगार साबित हुआ। लोगों ने घर चलाने और दोबारा व्यापार खड़ा करने के लिए सोना गिरवी रखकर लोन लिया। इन लोगों ने करीब 350 करोड़ रुपए का 700 क्विंटल सोना बैंकों और गोल्ड लोन देने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के यहां गिरवी रखा। इसके एवज में उन्हें 300 करोड़ का लोन मिला। गोल्ड लोन के कारोबार से जुड़ी एक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर लोग घरों का सोना बेचने बाजार गए थे। लेकिन सोने के दाम बेहद अधिक होने के कारण ज्वैलर्स ने सोना नहीं लिया। ऐसे में उनके पास गोल्ड लोन लेने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचा। इस बार जून-जुलाई और अगस्त (अब तक) में बैंक और एनबीएफसी का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो करीब 30% बढ़ चुका है। 2019 में हर माह औसतन 70 करोड़ रुपए का गोल्ड लोन दिया गया था। उल्लेखनीय है कि सोने को परखने के बाद जो वैल्यू निकलती है उसका 75% ही लोन में दिया जाता है। लेकिन कोरोना संकट से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए आरबीआई ने बैंकों और एनबीएफसी को गोल्ड वैल्यू पर 85% तक लोन देने की अनुमति दी थी।

ऐसे लिया कर्ज

  • नौकरी गंवाने वाले लोगों ने अपना घर खर्च चलाने के लिए बड़े पैमाने पर घर में रखा सोना बैंक या फिर मण्णपुरम और मुथूट जैसी एनबीएफसी के यहां गिरवी रखकर कर्ज लिया।
  • 70 दिन के लॉकडाउन के बाद जब दोबारा बाजार खुला। दुकानदारों के पास माल खरीदने के लिए नकदी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने घर में रखा सोना बैंक और एनबीएफसी के पास रखकर कर्ज लिया।

हर माह 100 करोड़ से ज्यादा का गोल्ड लोन

  • मप्र में सालाना 10 हजार करोड़ रुपए का गोल्ड लोन लोग लेते हैं। करीब 850 करोड़ रुपए हर माह। लेकिन जून और जुलाई में हर माह करीब 1100 करोड़ रुपए का गोल्ड लोन लोग ले रहे हैं।
  • भोपाल शहर में हर माह करीब 70 करोड़ रुपए का गोल्ड लोन लोग लेते हैं। लेकिन मई के बाद हर माह 100 करोड़ रुपए से अधिक के गोल्ड लोन लोग ले रहें हैं।

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