22 अगस्त से गणेश उत्सव, गणेशजी की पूजा में सोने, चांदी या तांबे के बर्तन रखें, पूजन के लिए ये धातु मानी गई हैं शुभ

  • पूजन में लोटा, कलश, पूजा की थाली, कटोरी, दीपक आदि बर्तनों का उपयोग किया जाता है, ये बर्तन किस धातु के शुभ होते हैं, शास्त्रों में इसके नियम बताए गए हैं

शनिवार, 22 अगस्त से गणेश उत्सव शुरू हो रहा है। गणेश पूजा में कई बर्तनों का उपयोग किया जाता है। बर्तन जैसे लोटा, कलश, थाली, कटोरी, दीपक आदि। इन सभी बर्तनों की धातु के संबंध में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा से जानिए पूजन के लिए कौन सी धातु शुभ होती है और कौन सी धातु का उपयोग धर्म-कर्म में नहीं करना चाहिए…

सोने, चांदी, तांबे के बर्तन होते हैं शुभ

पूजन कर्म में उपयोग किए जाने वाले बर्तन सोना, चांदी, पीतल या तांबे के होंगे तो बहुत अच्छा रहता है। अपने सामर्थ्य के अनुसार इन चार में से किसी भी धातु के बर्तन पूजा में रख सकते हैं। पूजन कर्म में इन बर्तनों में रखें जल में इन धातुओं के तत्व उतर आते हैं। इस जल का सेवन करने पर हमें स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक कई बीमारियों में स्वर्ण भस्म, रजत भस्म का उपयोग दवाओं के रूप में किया जाता है। उसी तरह का लाभ इन बर्तनों में रखे गए शुद्ध जल के सेवन से भी मिल सकता है।

कौन-कौन धातुएं पूजन में रखने से बचें

ध्यान रखें पूजा करते समय लोहे, स्टील और एल्युमिनियम के बर्तनों का उपयोग करने से बचना चाहिए। लोहे और एल्युमिनियम में रखें जल का उपयोग स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं है। इसीलिए कई घरों में खाना बनाने और खाने के बर्तनों में इन धातुओं का उपयोग नहीं किया जाता है।

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