तीन संतान ताे जा सकती है नौकरी, बीईओ काे फाॅर्मेट भेजकर संकुल प्राचार्यों से मांगी जानकारी

भोपाल। वेतन वृद्धि, डीए रुकने, खराब रिजल्ट पर कार्रवाई से परेशान शिक्षकाें के सामने अब एक नया संकट आ सकता है। 26 जनवरी 2001 के बाद से जिनकी तीन संतान हाेंगी, उन्हें अपात्र माना जा सकता है। कुछ जिला एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियाें ने इस बारे में शिक्षकाें से जुड़ी जानकारी मांगी है। बीईओ ने संकुल प्राचार्याें से यह जानकारी मांगी है। इसके साथ एक प्रपत्र तक भेजा गया है।

पन्ना के इंचार्ज डीईओ ने बीईओ से ऐसी जानकारी मांगी है। इस प्रपत्र में सात काॅलम हैं। इसके 6वें काॅलम में 26 जनवरी 2001 काे अथवा इसके बाद जन्मे बच्चाें की संख्या की जानकारी का जिक्र है। पिछले साल विधानसभा में विधायक संजय शाह ने इस बारे में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 559 किया था, सामान्य प्रशासन मंत्री डाॅ गाेविंद सिंह ने इसका उत्तर दिया था।
पन्ना के इंचार्ज डीईओ आरपी भटनागर का कहना है कि यह जानकारी सिर्फ स्थापना शाखा में संकलन के लिए मांगी गई है, इसका वर्तमान में काेई उपयाेग नहीं किया जाना है।
संगठनों ने किया विराेध- राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष अशोक शर्मा एवं मप्र शिक्षक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुभाष सक्सेना ने बताया कि यह न्यायाेचित नहीं है। विभाग की प्रमुख सचिव और आयुक्त काे ज्ञापन साैंपकर इसका विराेध दर्ज कराया है। जन शिक्षा अधिकार संरक्षण समिति के संयाेजक रमाकांत पांडे ने दावा करते हुए बताया कि सीधी, रीवा जिले में ऐसी कार्रवाई भी हाे चुकी है।
…स्कूल शिक्षा मंत्री का वर्जन
यह सिर्फ स्कूल शिक्षा विभाग के लिए नहीं बल्कि सभी विभागाें के लिए है। पहले यह सर्कुलर जारी हुआ था। विधानसभा में किए गए प्रश्न काे लेकर जानकारी मांगी जा रही है। 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान वाले शासकीय सेवकाें की जानकारी पहले भी मांगी गई थी। प्रावधान ताे है लेकिन अभी काेई कार्रवाई नहीं की गई। -इंदर सिंह परमार, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार

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