भोपाल में फेथ बिल्डर के आधा दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर आयकर छापा; होशंगाबाद एसपी के रिश्तेदार हैं, कई अफसरों और नेताओं का पैसा कारोबार में लगा

  • बिल्डर राघवेंद्र सिंह के पिता आईजी रहे हैं, बेटे के लिए क्रिकेट स्टेडियम ही बना दिया
  • दिल्ली से आई 150 से ज्यादा अधिकारियों की टीम इंदौर और भोपाल में कार्रवाई कर रही, जो अभी जारी है

भोपाल। राजधानी भोपाल में दिल्ली से आई इनकम टैक्स की टीम ने गुरुवार सुबह फेथ बिल्डर के ऑफिस पर छापामार कार्रवाई की। करीब छह सदस्यीय टीम ने चूना भट्टी स्थित ऑफिस पर कार्रवाई शुरू की। फेथ बिल्डर एसपी होशंगाबाद के रिश्तेदार बताए जाते हैं। उनके कारोबार में कई बड़े अधिकारियों और नेताओं का पैसा लगा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक अधिकारियों ने कोई भी जानकारी साझा नहीं की है। शाम करीब 4 बजे अधिकारी इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देंगे। फिलहाल, 150 सदस्यों की टीम इंदौर और भोपाल में अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है।

भोपाल में सुबह ऑफिस पर दबिश देने के दौरान गेट की चाबी नहीं होने के कारण टीम को कुछ देर इंतजार भी करना पड़ा।

भोपाल में सुबह ऑफिस पर दबिश देने के दौरान गेट की चाबी नहीं होने के कारण टीम को कुछ देर इंतजार भी करना पड़ा।

ग्रुप के कारोबार
राघवेंद्र तोमर का फेथ नाम से बिल्डर, क्रिकेट क्लब, होटल, रेस्टोरेंट, डेरी, पैकर्स, एग्रो आदि संस्थाएं हैं। इनका संचालन भोपाल और इंदौर से किया जाता है। इनके पिता आईजी के पद से रिटायर्ड होना बताए गए हैं। एक आईपीएस के सगे रिश्तेदार भी हैं।

क्रिकेट स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मैच के आयोजन के मुताबिक बनाया गया है। -फाइल फोटो

क्रिकेट स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मैच के आयोजन के मुताबिक बनाया गया है। -फाइल फोटो

ऐसे आए सुर्खियों में
भोपाल के रातीबड़ में इनका क्रिकेट स्टेडियम है। इसमें एक साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के दो क्रिकेट मैदान बनाए गए हैं। कंपनी का दावा है कि एक साथ दो क्रिकेट ग्राउंड और कहीं नहीं है। यहां पर क्रिकेट अकादमी संचालित की जाती है। इसमें स्विंग पूल से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच और ट्रेनिंग की सभी व्यवस्थाएं हैं।

150 अधिकारियों ने एक साथ कार्रवाई की

भोपाल में गिन्नौरी, चिंतामन चौराहा, कोहेफिजा और कोलार इलाकों में बिल्डर के ठिकानों पर एक साथ सुबह ही 150 से ज्यादा अधिकारियों ने यह कार्रवाई शुरू की। इनके भोपाल, जबलपुर और इंदौर के अलावा अन्य शहरों के साथ विदेशों में भी कारोबार करने की सूचना विभाग के पास पहुंची थीं।

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