मध्यप्रदेश में 12876 सरकारी स्कूल बंद होंगे, छात्रों और शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में मर्ज किया जाएगा

  • सरकारी स्कूल के लिए मिडिल में 20 से और प्राइमरी स्कूल में 40 से ज्यादा छात्र होने का नियम है

भोपाल। भाजपा सरकार ने प्रदेश के 12876 सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी कर ली है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए हैं। आदेश में जिला शिक्षा अधिकारियों से उन स्कूलों की जानकारी मांगी गई है जहां छात्रों की संख्या 0 से 20 है। जानकारी मिलने के बाद इन स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग के नियमानुसार मिडिल स्कूल संचालित करने के लिए 20 से ज्यादा छात्र होना जरूरी है। वहीं, प्राइमरी स्कूल 40 छात्र-छात्राएं होने पर ही संचालित हो सकते हैं। लेकिन प्रदेश के 12876 सरकारी स्कूलों में ये नियम लागू नहीं हो पा रहे हैं। हजारों स्कूलों में छात्र हैं तो शिक्षक नहीं हैं, वहीं जहां शिक्षक हैं वहां छात्र नहीं हैं। इसी अनुपात को सुधारने के लिए बंद होने वाले स्कूल के छात्रों और शिक्षकों को नजदीकी दूसरे स्कूलों में मर्ज कर दिया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र के आयुक्त लोकेश जाटव का कहना है कि फिलहाल इसकी समीक्षा की जा रही है। जिलों को भी निर्देश जारी किए गए हैं।

20 छात्र संख्या वाले स्कूल: भिंड- 358, देवास- 300, बड़वानी- 326, राजगढ़- 429, विदिशा- 368, खरगोन- 365, नरसिंहपुर- 341, छिंदवाड़ा- 518, सिवनी- 550, मंडला- 513, बालाघाट- 360, रीवा- 493, सतना में 606 स्कूल।

शून्य छात्र संख्या वाले जिले: भिंड-16, श्योपुर-10, देवास-18,शिवपुरी-16, उज्जैन-19, इंदौर-10,धार-21,खरगोन-27, सागर-48,दमोह-27,पन्ना-27 सहित अन्य जिलों में भी शून्य छात्र संख्या वाले स्कूल बंद होंगे।

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