अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन तो हो गया, लेकिन निर्माण कुछ दिन शुरू नहीं हो सकता, अब तक नक्शा पास नहीं हुआ

  • मंदिर का नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण पास करेगा, इसमें डेढ़ से दो करोड़ रुपए खर्च होंगे
  • कंस्ट्रक्शन कंपनी एलएंडटी ने मिट्‌टी की जांच की, रिपोर्ट आने के बाद तय होगा कि नींव कितनी गहरी होगी

अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन किया, लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि मंदिर निर्माण कल से ही शुरू हो जाएगा तो ऐसा नहीं है। दरअसल, अभी इसका नक्शा ही पास नहीं हुआ है। आइए जानते हैं मंदिर निर्माण को लेकर आगे क्या क्या होने वाला है?

भूमि पूजन के बाद अब काम कब से शुरू हो जाएगा?

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक अभी मंदिर का नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण से पास होना है। इसमें डेढ़ से दो करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसके बाद ही निर्माण का काम शुरू होगा। वहीं, मंदिर के आर्किटेक्ट का काम देख रहे निखिल सोमपुरा के मुताबिक, कंस्ट्रक्शन कंपनी एलएनटी ने मिट्‌टी की टेस्टिंग की है। इसका रिजल्ट आने के बाद तय किया जाएगा कि मंदिर की नींव कितनी गहरी होगी और कब से काम शुरू होगा।

कारीगर और मजदूर कहां से आ रहे हैं? शुरुआत में कितने लोगों से काम शुरू होगा?

निखिल सोमपुरा के मुताबिक अभी यह तय नहीं है कि कितने मजदूर लगेंगे। उन्होंने कहा कि अब तो बड़ी-बड़ी मशीनें आ गई हैं। ज्यादा मशीनें लगेंगी इसके कारण मजदूरों की कम जरूरत पड़ेगी। फिलहाल माना जा रहा है कि कम से कम 100 मजदूरों के साथ मंदिर निर्माण का काम शुरू होगा।

कंस्ट्रक्शन मटेरियल कहां से आ रहा है और कब तक आ जाएगा?

कंस्ट्रक्शन के लिए जो तराशे गए पत्थर हैं, वे यूज होंगे। बाकी सीमेंट वगैरह कहां से आएगी यह एलएंडटी को ही तय करना है। अभी एलएनटी मैनपॉवर का काम भी अलग-अलग ठेकेदारों को देगी। जिसके बाद काम शुरू होगा।

कहा जा रहा है कि 5-6 बड़े ठेकेदार लगेंगे, तो क्या ठेके दे दिए गए या अभी तय होने बाकी हैं?

एलएंडटी ने अभी तक इस बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दी है। जब तक एलएनटी उनकी ओर से जवाब नहीं आए तब तक कुछ कहना मुश्किल है। माना जा रहा है कि काम का बंटवारा हो चुका है। ट्रस्ट से हरी झंडी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।

विहिप ने जो पत्थर तराश कर रखे हैं, उनका इस्तेमाल कैसे होगा?

कार्यशाला प्रभारी अन्नू सोमपुरा के मुताबिक, जो पत्थर कार्यशाला में रखे हैं उनसे मंदिर के प्रथम तल का 65% स्ट्रक्चर खड़ा हो जाएगा। इसमें ज्यादातर पिलर के पत्थर तराशे गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *