भूमि पूजन कार्यक्रम के मुख्य यजमान होंगे सलिल सिंघल, सभी के निमंत्रण कार्ड पर अंकित है क्यूआर कोड

अयोध्या। रामलला भूमि पूजन के मुख्य यजमान सलिल सिंघल होंगे जो राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अशोक सिंघल के भतीजे हैं। कार्यक्रम के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मौजूद रहेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को प्रेसवार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी। चंपतराय ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। कार्यक्रम स्थल पर वही शख्स आ सकेगा, जिसे निमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने बताया कि निमंत्रण पत्र पर एक क्यूआर कोड अंकित है, जिसको स्कैन करने के बाद ही कार्यक्रम में आने की अनुमति मिलेगी। और यह सिक्योरिटी कोड एक बार ही काम करेगा। निमंत्रण पत्र से दो बार प्रवेश नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम के दौरान मोबाइल लाने की अनुमति नहीं होगी।
चंपत राय ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन का सारा खाका फाइनल हो गया है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर काफी सख्ती रहेगी। सभी निमंत्रण प्राप्त करने वालों को भूमि पूजन प्रांगण में 10:30 तक आ जाना अनिवार्य है। इसके बाद किसी को भी किसी भी कीमत पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सभी को प्रधानमंत्री के आगमन के दो घंटे पहले तक पहुंचना होगा। यहां पर साढ़े 10 बजे तक ही प्रवेश होगा। कार्यक्रम दो बजे तक संपन्न हो जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर न तो कैमरा जाएगा और न ही कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण। यहां के लिए किसी प्रकार का वाहन पास जारी नहीं किया गया है। मेहमानों को रंग महल बैरियर पर ही उतरना होगा। गाडिय़ों की पार्किंग अमावा मंदिर में की गई है। रंग महल के ही रास्ते कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया जाएगा। चंपत राय ने बताया कि कार्यक्रम लगभग दो बजे तक चलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि भूमि पूजन में कार्यक्रम में करीब 175 मेहमानों सहित कुल 200 लोग शामिल होंगे। 135 संतों को निमंत्रण कार्ड भेजा गया है। इनमें नेपाल के भी कई संत शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी मेहमान 4 अगस्त तक अयोध्या पहुंच जाएंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन जी भागवत सुरेश भैया जोशी और अन्य पदाधिकारी भी चार अगस्त की रात्रि तक आ जाएंगे।

कहा- हरा रंग समृद्धि का प्रतीक
भूमि पूजन के दिन रामलला को हरे वस्त्र पहनाये जाने पर भड़कते हुए चंपतराय ने इसे मानसिक दिवालियापन करार दिया। कहा कि हरा संग समृद्धि का प्रतीक है। सभी इसे अपने घर में जगह दें। उन्होंने कहा कि भगवान के अलग-अलग दिन के हिसाब से अलग-अलग वस्त्र तय किये गये हैं।

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