राफेल पहुंचेगा भारत, अंबाला में आबादी को घरों की छतों पर जाने से रोका गया

नई दिल्ली. चीन के साथ विवाद के बीच भारत की ताकत कई गुना बढ़ने वाली है. दरअसल, फ्रांस से रवाना हुई राफेल विमानों की पहली खेप आज अम्बाला पहुंचेगी. सूत्रों के मुताबिक, राफेल लड़ाकू विमान आज अम्बाला एयरफ़ोर्स स्टेशन पर दोपहर 1 बजे से लेकर 3 बजे के बीच लैंड करेगा. अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर राफेल के आगमन को लेकर तैयारियां हो रही हैं. पहली खेप में कुल पांच लड़ाकू विमान होंगे, जो कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन हरकिरत सिंह के नेतृत्व में अम्बाला एयर बेस पर उतरेंगे. भारत आने के दौरान राफेल जेट की UAE में हुई एयर-टू-एयर Refuelling की गई.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भारतीय एयरफोर्स के बेड़े में शामिल होने के लिए 5 राफेल विमानों का पहला बैच आज अम्बाला पहुंचेगा. अम्बाला एयरबेस के पास स्थित 4 गांवों में धारा 144 लागू कर दी गई है. राफेल विमानों की लैंडिंग के दौरान छतों पर लोगों के एकत्र होने और तस्वीरें लेने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है.

राफेल की लैंडिंग के दौरान फोटो-वीडियो लेने पर रोक
भाषा की खबर के मुताबिक, अंबाला के उपायुक्त अशोक शर्मा ने एक आदेश में कहा कि धुलकोट, बलदेव नगर, गरनाला और पंजखोड़ा समेत वायु सेना के आसपास के गांवों में धारा 144 लगा दी गयी है. जिसके तहत चार या अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध है. अंबाला के उपायुक्त ने कहा कि निषेधाज्ञा लागू रहने के दौरान वायु सेना केंद्र की चहारदीवारी और आसपास के इलाके का वीडियो बनाने और तस्वीरें लेना प्रतिबंधित है. अंबाला शहर के भाजपा विधायक असीम गोयल ने राफेल विमानों के स्वागत के लिए लोगों को बुधवार को अपने घरों में शाम सात-साढ़े सात बजे के बीच मोमबत्ती जलाने को कहा है.

वायुसेना प्रमुख की मौजूदगी में अंबाला पहुंचेगी राफेल की पहली खेप
वायुसेना प्रमुख आर.के.एस. भदौरिया रणनीतिक और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अंबाला एयरबेस पर बुधवार दोपहर पांच राफेल विमानों को प्राप्त कर उन्हें भारतीय वायुसेना में शामिल करेंगे. अधिकारियों ने बताया कि पांच लड़ाकू विमानों का यह बेड़ा आज दोपहर एयरबेस पर पहुंच रहा है. हालांकि, इन विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल करने के लिए मध्य अगस्त के आसपास समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है.जानिए किन मिसाइलों से लैस है राफेल.

7000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे पहुंचेगा भारत
फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन की उत्पादन इकाई से राफेल विमान ने सोमवार को टेक ऑफ किया था. ये विमान लगभग 7,000 किलोमीटर की दूरी तय कर अंबाला पहुंचेंगे. इन विमानों में तीन एक सीट वाले और दो विमान दो सीट वाले होंगे. अम्बाला में राफेल के आने पर स्वागत समारोह में मीडिया को इजाजत नहीं दी गयी है.
भारतीय वायु सेना फिलहाल अपने पायलट और सहयोगी स्टाफ को मीडिया से दूर रखना चाहता है. राफेल लडाकू विमान एयरफोर्स के 17 वें स्क्वाड्रन का हिस्सा होगा. इस स्क्वाड्रन का नाम Golden Arrows है.

विमानों की टेल पर लिखा होगा RB
भाषा की एक खबर के मुताबिक, भारत ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था. छह राफेल प्रशिक्षु विमानों की पूंछ पर आरबी श्रृंखला की संख्या अंकित होगी. आरबी एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया के नाम के पहले और अंतिम शब्द का संक्षिप्त रूप होगा. उन्होंने इस सौदे में मुख्य वार्ताकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. पांच विमानों का पहली खेप सोमवार को फ्रांसीसी बंदरगाह शहर बोरदु में मेरिग्नैक एयरबेस से रवाना हुई.

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