आज शाम हो सकता है मंत्रियों के विभागों का बंटवारा

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के नवगठित शिवराज मंत्रिमंडल में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे का ऐलान सोमवार शाम को हो सकता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (CM Shivraj Singh Chouhan) ने शीर्ष नेतृत्व के साथ मैराथन बैठकों में मंत्रिमंडल सहयोगियों के विभागों का फैसला कर लिया है. पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह (Amit Shah) के साथ हुई बैठकों में पोर्टफोलियो फायनल किए गए. हालांकि, विभागों के बंटवारे का ऐलान मुख्यमंत्री भोपाल में खुद सोमवार शाम को कर सकते हैं. अपने व्यस्त दौरे और विभागों के बंटवारे की माथापच्ची के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पार्टी के वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी और उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू से भी मिले.

शाम को विभागों के बंटवारे पर मंथन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने रविवार को मंत्रिमंडल के विभागों के बंटवारे को लेकर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक की थी. नड्डा के आवास में हुई बैठक में किस मंत्री को कौन सा विभाग दिया जाए, इसको लेकर मंथन किया गया. मंत्रिमंडल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मंत्रियों को कौन-कौन से विभागों की जिम्मेदारी दी जाए, शिवराज के सामने यह बड़ी चुनौती है. सूत्रों के मुताबिक आम लोगों से जुड़े विभाग अपने पास रखने की मांग सिंधिया समर्थक मंत्री कर रहे हैं, जबकि शिवराज सिंह भी ऐसे ही विभागों को अपने पास रखना चाहते हैं.

सामंजस्य में दिक्कत
विभागों का बंटवारा सामंजस्य बनाकर करना फिलहाल भाजपा के लिए मुश्किल साबित हो रहा है. इसका ही नतीजा है कि मुख्यमंत्री को पांच के दिन अंदर दोबारा राष्ट्रीय नेतृत्व के पास आना पड़ा है.असल में भाजपा को डर यह भी है कि विभागों के बंटवारे के फैसले से कोई ‘अपना’ या सिंधिया समर्थक नाराज़ हुआ तो उसका खामियाजा उप चुनाव में भुगतना पड़ सकता है. इसी डर की वजह से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को विभागों के बंटवारे के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के पास रविवार को आना पड़ा.

नड्डा के घर खाका तैयार, अमित शाह के सामने रखा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पहले पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा के साथ विभागों के बंटवारे का खाका तैयार किया. फिर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास पहुंच गए. उसी खाके को सामने रखा. मुख्यमंत्री के आने के कुछ ही देर बाद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी अमित शाह के आवास पहुंच गए.करीब दो घंटे से ज्यादा लंबी चली बैठक के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विभागों के बंटवारे पर जारी सस्पेंस को खत्म नहीं किया. मुख्यमंत्री ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और बिना कुछ कहे ही अमित शाह के आवास से चले गए. माना जा रहा है इस दौरान विभागों के बंटवारे पर सहमति बन गई है. बंटवारे में फंसे पेंच को दुरुस्त कर लिया गया.

पहले कर चुके हैं ऐलान
राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ बैठक से पहले ही शिवराज सिंह ने बता दिया था कि भोपाल पहुंचने पर विभागों के बंटवारे का ऐलान करेंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के यहाँ मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने खुद यह ऐलान किया था.

भोपाल पहुंचने पर ऐलान
अब सबको सोमवार यानि आज शाम का इंतज़ार है. जब मुख्यमंत्री शिवराजसिंह राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठको में हुए फैसले को भोपाल में सबके सामने रखेंगे.

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू और आडवाणी से मुलाकात
अपने व्यस्त दौरे और विभागों के बंटवारे की माथापच्ची के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पार्टी के वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी से मिलने उनके घर गए. चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी ये पहली मुलाकात थी. शिवराज सिंह ने शिष्टाचार के तहत ये मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया. शिवराज सिंह उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू से भी उनके घर जाकर मुलाकात की.

शिवराज ने अटके मुद्दों पर मंत्रियों को राजी किया
दो दिन के दिल्ली दौरे पर आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने केन्द्रीय मंत्रियों से मिलकर राज्य के अटके हुए मुद्दों को हल कर लिया.ग्वालियर में सैनिक स्कूल खोलने, राज्य का गेहूं केंद्रीय पूल में लेने के लिए शिवराज सिंह ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान को राजी कर लिया. साथ ही रीवा में 750 मेगावाट के सोलर पावरप्लांट का लोकार्पण पीएम नरेंद्रमोदी से कराने के लिए ऊर्जा मंत्री आर के सिंह को भी मना लिया.


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