6 बीघा जमीन ही सबका काल बन गई; विकास 3 साल से इसी जमीन के लिए अपने ही बहनोई से लड़ रहा था

  • विकास की मां सरला लखनऊ में रहती हैं, उन्होंने कहा- बेटे ने जो किया, उसका अंजाम तो भुगतना ही होगा
  • पुलिस विकास के कानपुर के बिकरु गांव स्थित घर पर दबिश डालने गई, यहां 8 पुलिसवालों की हत्या कर दी गई

लखनऊ. कानपुर के बिकरु गांव में गुरुवार रात 8 पुलिसवालों की हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड को अंजाम दिया हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने। विकास अभी पुलिस की पहुंच से दूर है। लखनऊ में रह रही विकास की मां सरला बताती हैं कि 6 बीघा जमीन ही सबका काल बन गई। उन्हें कोई मलाल नहीं है कि अब विकास का क्या होगा। वो कहती हैं कि पुलिस जो भी करे, मुझे अफसोस नहीं है।

6 बीघा जमीन और विवाद की कहानी
जिस 6 बीघा जमीन के लिए सारी घटना हुई है, वह विकास के रिश्तेदार लल्लन शुक्ला की थी। लल्लन की तीन बेटियां हैं। सुनीता, प्रतिभा और सरिता। लल्लन ने दो बेटियों की शादी कर दी। कोई बेटा नहीं था तो मौत से पहले लल्लन ने अपने भांजे सुनील शुक्ला को गोद लिया और जमीन उसी के नाम कर दी। सुनील की शादी विकास की बहन समीक्षा से हुई।

विवाद तब शुरू हुआ, जब लल्लन की बेटी प्रतिभा के पति राहुल तिवारी ने अपने ससुराल की यही जमीन बेचने की कोशिश की। राहुल चाहता था कि जमीन बेचकर अपनी साली सरिता की शादी करवा दे। विकास इसके खिलाफ था। उसका कहना था कि जमीन उसकी बहन समीक्षा के पति सुनील की है।

इस बात को लेकर विकास अड़ गया। राहुल और विकास के बीच की इस लड़ाई को लेकर कई बार पंचायत बैठी, लेकिन मामला नहीं सुलझा। इसी विवाद को लेकर राहुल ने विकास के खिलाफ अपहरण और जानलेवा हमले की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई। जबकि, रिश्ता देखा जाए तो राहुल भी विकास का बहनोई ही लगता है।

मां का दर्द- इतना ही खराब था विकास तो सबने उसे अपनी पार्टी में क्यों रखा?
मां सरला कहती हैं- विकास ने बिकरु ही नहीं, आसपास के 85 गांवों को चमका दिया था। बिजली-पानी और सड़क…गांवों तक सब पहुंचाया। उसे नेताओं ने गलत राह पर डाल दिया। पहले उससे अपराध करवाए, फिर उसकी जान के पीछे पड़ गए। 

5 साल भाजपा में, 15 साल बसपा और 5 साल सपा में रहा। अगर वह इतना ही खराब था तो राजनीतिक पार्टियों और उस वक्त के मुख्यमंत्रियों ने उसे अपने दल में शामिल क्यों किया? ये नेता दूर रहते तो विकास शांति से अपनी जिंदगी जी रहा होता। अब जो उसने किया, वो तो उसे भुगतना ही पड़ेगा। 

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