चौबेपुर में दुबे ने कैसे की 8 पुलिसवालों की हत्या, जानें पूरी कहानी

लखनऊ/कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) में एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे  को पकड़ने गए 8 पुलिस कर्मी शहीद हो गए हैं, वहीं 7 घायल हुए हैं. इस घटना ने उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया है. हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ जान से मारने की कोशिश की एक एफआईआर पर पुलिस की सख्ती और गुरुवार देर रात शुरू हुआ पुलिस ऑपरेशन शुक्रवार सुबह गमगीन माहौल में तब्दील हो गया.

दरअसल चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में एक शख्स ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर जानलेवा हमला करने की एफआईआर दर्ज कराई थी. देर रात महेश यादव, एसओ शिवराजपुर विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंचते हैं. बताया जा रहा है कि इस दौरान विकास दुबे की एसओ से कहासुनी होती है और बदमाश पुलिस टीम से हाथापाई पर उतारू हो जाते हैं और असलहे छीन लेते हैं. इसके बाद एसओ आनन-फानन में सीओ बिल्हौर, देवेंद्र कुमार मिश्र को सूचना देते हैं और पुलिस टीम मंगाते हैं. सूचना के बाद सीओ बिल्हौर चार थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचते हैं. इनमें शिवराजपुर के साथ ही चौबेपुर, बिल्हौर, घाटमपुर की फोर्स शामिल है.

यहां पुलिस सीओ की अगुवाई में विकास के घर को चारों तरफ से घेर लेती है. विकास दुबे का मकान किले की तरह बना है. मकान में करीब 10 फुट ऊंची बाउंड्री और उसके उपर तारों की फेंसिंग लगी है. छापे के दौरान पुलिस टीम ने मकान का दरवाजा तोड़ा और अंदर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश कर रही थी कि बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.

अचानक गोलियां चलने से पुलिस पार्टी में अफरा-तफरी मच गई. इस दौरान पुलिसकर्मी गिरते गए और पूरी पुलिस पार्टी बैकफुट पर आ गई. जब तक पुलिस संभलती बदमाश अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए. इसके बाद जब पुलिस संभली तो देखा कि सीओ बिल्हौर देवेंद्र कुमार मिश्र, एसओ शिवराजपुर महेश यादव सहित 8 पुलिसकर्मी मौके पर ही शहीद हो गए हैं. वहीं 7 अन्य पुलिसकर्मियों को गोली लगी है. घायलों को फौरन अस्पताल भेजा जाता है और शासन को सूचना दी जाती है.

पुलिस टीम पर एके-47 से फायरिंग

मौके से एके-47 के खोखे बरामद होने की बात सामने आ रही है. पुलिस अधिकारी भी बदमाशों द्वारा सेमी ऑटोमेटिक वेपन के इस्तेमाल की संभावना जता रहे हैं. प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि फॉरेंसिंक जांच के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है. ऐसा लग रहा है कि फायरिंग में सोफेस्टिकेटड वेपन का इस्तेमाल किया गया.

आसपास के मकानों से भी फायरिंग

मामले में डीजीपी एचसी अवस्थी ने बताया कि पुलिस टीम पर विकास दुबे के मकान के आसपास के मकानों से भी फायरिंग की गई. हालांकि ये अभी तक साफ नहीं हो सका है कि फायरिंग करने वाले कितने लोग थे. जांच की जा रही है उसके बाद कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस रेड की मुखबिरी हुई

पूरे घटनाक्रम में पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे पहले से ही विकास दुबे को पुलिस की दबिश की सूचना मिल गई. पूरा घटनाक्रम इस ओर इशारा कर रहा है कि जैसे विकास दुबे को पुलिस की दबिश की पूरी जानकारी थी. उसने किसी भी हद तक जाने की तैयारी कर रखी थी. देर रात जब पुलिस की टीमें उसके घर पहुंच गईं और उसके बचने का कोई रास्ता न निकला तो उसने जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे दिया. सड़क पर रास्ता रोककर लगाई गई जेसीबी भी रेड की पूर्व सूचना होने की तस्दीक कर रही है.

कुछ घंटे बाद एनकाउंटर में विकास दुबे के दो रिश्तेदार मारे गए

वहीं इस एनकाउंटर के बाद पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी और कुछ घंटे बाद ही उसे सफलता हाथ लगी. शुक्रवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ में विकास दुबे के दो रिश्तेदारों को मुठभेड़ में मार गिराया. ग्रामीणों ने प्रेम प्रकाश और अतुल दुबे के रूप में पहचाना है. यह दोनों ही विकास दुबे के रिश्तेदार हैं. पुलिस ने इनके पास से देर रात मुठभेड़ में लूटी गई पिस्टल भी बरामद की है. फिलहाल बाकी बचे हुए अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार धरपकड़ जारी है. आसपास के जनपदों की सीमाएं सील कर दी गई हैं और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. गांव पर पीएसी तैनात कर दी गई है.

मुठभेड़ में शहीद हुए पुलिसकर्मी

1-देवेंद्र कुमार मिश्र,सीओ बिल्हौर

2-महेश यादव,एसओ शिवराजपुर

3-अनूप कुमार,चौकी इंचार्ज मंधना

4-नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर

5-सुल्तान सिंह कांस्टेबल थाना चौबेपुर

6-राहुल ,कांस्टेबल बिठूर

7-जितेंद्र,कांस्टेबल बिठूर

8-बबलू कांस्टेबल बिठूर

मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मी

1-कौशलेंद्र प्रताप सिंह, एसओ बिठूर

2-अजय सिंह सेंगर, सिपाही बिठूर

3-अजय कश्यप, सिपाही शिवराजपुर

4- होमगार्ड जयराम पटेल

5-एसआई सुधाकर पांडे, चौबेपुर

6-शिव मूरत, सिपाही बिठूर

7-विकास बाबू, प्राइवेट व्यक्ति, चौबेपुर

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