गोपाल भार्गव, यशोधरा राजे, भूपेंद्र सिंह और जगदीश देवड़ा कैबिनेट मंत्री बने, कांग्रेस से आए बिसाहू और इमरती ने भी शपथ ली

  • मंत्रिमंडल के गठन को लेकर मप्र में तीन दिन चला मंथन, शिवराज ने दो दिन दिल्ली में भी रहकर मोदी और शाह से चर्चा की थी
  • राज्यपाल लालजी टंडन की तबीयत खराब है, बुधवार को यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एमपी की प्रभारी राज्यपाल के रूप में शपथ ली

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का पहला विस्तार गुरुवार को हो गया।गोपाल भार्गव, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेंद्र सिंह, एंदल सिंह कंसाना और बृजेंद्र प्रताप सिंह कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। विश्वास सारंग, इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, ओम प्रकाश सकलेचा, उषा ठाकुर, प्रेम सिंह पटेल, हरदीप सिंह डंग, महेंद्र सिंह सिसोदिया, अरविंद सिंह भदौरिया, डॉ. मोहन यादव और राज्यवर्धन सिंह ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली।

इसके बाद भारत सिंह कुशवाह, इंदर सिंह परमार, रामखिलावन पटेल, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडोदिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। कार्यक्रम से पहले शिवराज ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को 20 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्रियों की लिस्ट सौंपी। पुराने चेहरों में पारस जैन, गौरीशंकर बिसेन, रामपाल सिंह, राजेंद्र शुक्ला, संजय पाठक, जालम सिंह पटेल और सुरेंद्र पटवा को लेकर सहमति नहीं बनी। 

केंद्रीय नेतृत्व से मिले कुछ निर्देशों के साथ प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे बुधवार को भोपाल पहुंचे। इसके बाद सीएम निवास में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश प्रभारी सहस्त्रबुद्धे और संगठन महामंत्री सुहास भगत के बीच तमाम उलझनों पर बात हुई।

पूर्व में विचार था कि मंत्रिमंडल की संख्या सीमित रखी जाए

मंत्री बनाए जा रहे सभी लोगों को बुधवार देर रात फोन किए गए। राजेंद्र शुक्ला, गौरीशंकर बिसेन और संजय पाठक पर सहमति नहीं थी, लिहाजा इन्हें देर रात सीएम हाउस बुलवाया गया। राजेंद्र पांडे भी दावेदारी कर रहे थे, लिहाजा उनसे भी सहस्त्रबुद्धे ने बात की। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूर्व में यह विचार था कि मंत्रिमंडल की संख्या सीमित रखी जाए, लेकिन 28 मंत्री बनाए जाने और पांच मंत्री पहले से होने के बाद अब मंत्रिमंडल में सिर्फ एक पद ही रिक्त रहेगा। मप्र में विधानसभा सीटों के लिहाज से मुख्यमंत्री के साथ 34 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं। 

भाजपा के 16, इनमें 7 पुराने और 9 नए चेहरे 

1. गोपाल भार्गव
2. भूपेंद्र सिंह
3. यशोधरा राजे सिंधिया
4. विजय शाह
5.जगदीश देवड़ा
6. बृजेंद्र प्रताप सिंह
7. विश्वास सारंग
8. प्रेम सिंह पटेल
9. इंदर सिंह परमार
10. उषा ठाकुर
11. ओम प्रकाश सकलेचा
12. भारत सिंह कुशवाह
13. रामकिशोर कांवरे
14. मोहन यादव
15. अरविंद भदौरिया
16. राम खिलावन पटेल

सिंधिया खेमे से 9 और कांग्रेस से भाजपा में आए 3 मंत्री बने

सिंधिया खेमे से

1. महेंद्र सिंह सिसोदिया
2. प्रभुराम चौधरी
3. प्रद्युम्न सिंह तोमर
4. इमरती देवी
5. राज्यवर्धन सिंह
6. ओपीएस भदौरिया
7. गिर्राज दंडोतिया
8. सुरेश धाकड़ (राठखेड़ा)
9. बृजेंद्र सिंह यादव

कांग्रेस से भाजपा में आए

1. हरदीप सिंह डंग
2. बिसाहूलाल सिंह
3. एंदल सिंह कंसाना

22 पूर्व विधायकों के साथ आज शिवराज-सिंधिया की वन-टू-वन

ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए 22 पूर्व विधायकों के साथ सीएम निवास में बैठक करेंगे। इसमें मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समेत प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे। इससे पहले पार्टी दफ्तर जाएंगे व कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो रहे लोगों को सदस्यता दिलाएंगे। अगले दिन शुक्रवार को भी हाटपिपल्या के लोगों को भाजपा में शामिल कराएंगे।

मंथन में अमृत निकलता है, विष शिव पी जाते हैं : शिवराज

शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को नई कैबिनेट में मंत्रियों के नामों को लेकर आ रही खींचतान की खबरों पर बुधवार को मीडिया के सवाल पर कहा कि, ‘जब भी मंथन होता है, अमृत निकलता है। अमृत तो बंट जाता है, लेकिन विष शिव पी जाते हैं।’

मंथन से निकले विष को अब रोज पीना पड़ेगा : कमलनाथ

पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि मंथन से निकले विष को तो अब रोज ही पीना पड़ेगा, क्योंकि अब तो रोज मंथन करना पड़ेगा। मंथन इतना लंबा हो गया कि अमृत तो निकला नहीं, सिर्फ विष ही विष निकला है। अमृत के लिए अब तरसना पड़ेगा। 

20 मार्च को सरकार गिरी, 23 मार्च को शिवराज चौथी बार सीएम बने 
सिंधिया समर्थक छह मंत्रियों समेत 22 विधायकों के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद 20 मार्च को कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था और 15 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार गिर गई थी। 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके 28 दिन बाद 5 मंत्रियों वाली मिनी कैबिनेट ने 21 अप्रैल को शपथ ली थी।

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