बोर्ड जल्द लेगा फैसला, ऐसा हो सकता है प्लान

बीते महीने जारी नए शेड्यूल के अनुसार, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 01 जुलाई 2020 से होनी हैं। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के मामले समय के साथ बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में बोर्ड अब जल्द फैसला लेने जा रहा है कि इस माहौल में परीक्षाएं ली जाएं या नहीं।

गौरतलब है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पैरेंट्स बोर्ड पर बची परीक्षाएं रद्द करने का दबाव बना रहे हैं। महाराष्ट्र और दिल्ली सरकार भी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रही है।
कुछ दिन पहले इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर हुई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सीबीएसई को परीक्षा रद्द कर वैकल्पिक तरीके से रिजल्ट जारी करने के उपाय तलाशने के लिए कहा था।

संभावना जताई जा रही है कि इस साल 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द की जाएंगी या नहीं, इस पर सीबीएसई सोमवार तक फैसला करेगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से विचार-विमर्श करके ही कोई फैसला लिया जाएगा।
अब सवाल है कि अगर सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर देता है, तो स्टूडेंट्स को किस तरह मार्क्स दिए जाएंगे? क्या परीक्षा का कोई विकल्प मिलेगा?

परीक्षा रद्द हुई तो ये मिल सकते हैं विकल्प
जानकारी के अनुसार, सीबीएसई बचे हुए विषयों में उन विषयों के एवरेज स्कोर के आधार पर मार्क्स देगा जिनकी परीक्षाएं ली जा चुकी हैं।
इसके अलावा बोर्ड स्टूडेंट्स को परीक्षा में शामिल होने या न होने का विकल्प चुनने का मौका दे सकता है।
उन्हें बचे हुए पेपर्स में इंटरनल असेसमेंट के आधार पर मार्क्स दे सकता है।
सितंबर-अक्टूबर में परीक्षाएं रीशेड्यूल कर सकता है।

हालांकि सीबीएसई के एक अधिकारी ने बताया है कि फिलहाल बोर्ड के पास दो ही बेहतर विकल्प हैं। या तो परीक्षा रद्द कर सभी स्टूडेंट्स को एवरेज मार्किंग दे दी जाए। या फिर परीक्षा को वैकल्पिक बना दिया जाए। जो स्टूडेंट्स परीक्षा न देना चाहें, उन्हें एवरेज मार्किंग दी जाए।

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