125 दिन मे 25,250 रुपये कमाने का मौका दे रही सरकार, ऐसे लें फायदा

125 दिन मे 25,250 रुपये कमाने का मौका दे रही सरकार, ऐसे लें फायदा

श्रमिकों को उनके गांव के पास ही रोजगार दिलाने के इस अभियान को ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ का नाम दिया गया है। इसमें श्रमिकों को उनके स्किल के हिसाब से 25 सरकारी योजनाओं में काम मिलेगा। यह योजनाएं देश के 6 राज्यों में 116 जिलों में लागू की जा रही हैं। इसका औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल बिहार के खगड़िया जिले से कर रहे हैं।

संपर्क करें अपने मुखिया से

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लॉकडाउन की वजह से आप गांव वापस लौटने के लिए मजबूर हुए हैं। गांव में आपके पास रोजगार नहीं है। तो कोई बात नहीं है। सबसे पहले आप अपने गांव के मुखिया से मिलें। वह आपका नाम ब्लॉक आफिस में भेजेंगे, साथ ही वे बतायेंगे कि इस मजदूर के पास इस काम की विशेषज्ञता है।

जिला प्रशसन के पास पहले से है सूची

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केंद्र सरकार का कहना है कि जो मजदूर श्रमिक स्पेशल या राज्य सरकार द्वारा अन्य तरीके से गांव वापस भेजे गए हैं, उनके नाम की सूची पहले से ही सरकार के पास है। उसी सूची के आधार पर उन्हें काम दिलवाया जाएगा। जो व्यक्ति किसी शहर से पलायन कर पैदल या किसी अन्य साधन से अपने गांव पहुंचे हैं, उनकी सूची भी संबंधित जिला के जिलाधिकारी ने तैयार कर लिया है। तब भी, आप एक बार अपना नाम उस सूची में चेक कर लें तो बेहतर होगा।

राज्य सरकार के जरिये मिलेगा काम

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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, जो कि इस अभियान के लिए नोडल मंत्रालय बनाया गया है, के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस रोजगार अभियान में काम कराने से लेकर मजदूरी के भुगतान का काम, सब राज्य सरकार के अधिकारी ही करेंगे। इसलिए काम पाने के इच्छुक व्यक्ति सीधे केंद्र सरकार से संपर्क साधने के बजाय अपने ब्लॉक या तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क में रहें।

रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट का होगा काम

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले 125 दिनों में 50 हजार करो रुपये से ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी ढांचागत संरचना, जैसे- कुआं, तालाब आदि बनवाया जाएगा। यदि उस गांव का पंचायत भवन जर्जर हो गया है तो उसकी मरम्मत करायी जाएगी। गांव में ही कृषि उपज के भंडारण के लिए भंडारागार आदि का निर्माण कराया जाएगा। गांव के नहर आदि में टूट-फूट हो गई हो तो उसे भी ठीक कराया जाएगा।

इन राज्यों के जिले हैं शामिल

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इस अभियान के तहत सरकार ने 6 राज्यों के 116 जिलों की पहचान की है। इन जिलों में करीब 67 लाख प्रवासी मजदूर वापस गए हैं। इन 116 जिलों में बिहार के 32, उत्तर प्रदेश के 31, मध्य प्रदेश के 24, राजस्थान के 22, ओडिशा के 4 और झारखंड के 3 जिले शामिल हैं।

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