अब राज्यसभा चुनाव के बाद शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के आसार

भोपाल। लंबे समय से लंबित शिवराज कैबिनेट का विस्तार अब राज्यसभा चुनाव के बाद तक टाला जा सकता है। भाजपा हाईकमान राज्यसभा चुनाव से पहले किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहता है। पार्टी को डर है कि मंत्रिमंडल विस्तार से असंतोष बढ़ेगा और असंतुष्ट माहौल खराब कर सकते हैं। गौरतलब है कि 19 जून को मप्र में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान होना है।
दिग्गज नेताओं का मानना है कि अब 25 जून के आसपास विस्तार की तारीख तय हो सकती है। गौरतलब है कि 23 मार्च को शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट गठन के दौरान पांच मंत्रियों को शपथ दिलाई थी। इनमें भाजपा कोटे से तीन और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर आए पूर्व विधायकों में से दो को शपथ दिलाई गई थी।
मप्र विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से कैबिनेट में अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। फिलहाल कैबिनेट में छह पद भरे हैं। मप्र में पिछले तीन महीने से चल रहे सियासी उठापटक का दौर अब तक जारी है। पूर्ववर्ती कमल नाथ सरकार द्वारा इस्तीफा देने के बाद से दो-सवा दो महीने का समय निकल गया, लेकिन खींचतान के चक्कर में शिवराज कैबिनेट का विस्तार नहीं हो पा रहा है।
पहले लॉकडाउन के कारण और फिर हाईकमान के कारण कैबिनेट का विस्तार टल रहा है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अब हाईकमान राज्यसभा चुनाव के पहले किसी तरह की कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है, इसलिए नए मंत्रियों को शपथ दिलाने की तारीख भी राज्यसभा के मतदान के बाद की तय होने की संभावना है।
हालांकि इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफतौर पर कहा था कि 31 मई के पहले विस्तार हो जाएगा। इसी दौरान चौहान ने हाईकमान से मिलने के लिए दिल्ली जाने की बात कही, लेकिन मुलाकात तय न हो पाने के कारण जून का पहला सप्ताह भी निकल गया।
संगठन का विस्तार भी जल्द
इधर कैबिनेट के साथ-साथ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की टीम का भी गठन होना है। संभावना है कि कैबिनेट और संगठन की टीम साथ-साथ ही बनाई जाए। नईदुनिया के साथ बातचीत में शर्मा ने कहा कि पार्टी की प्राथमिकता पहले कोरोना की रोकथाम है, इसलिए समूचा संगठन आम लोगों की मदद के लिए लगा हुआ है।

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