शक्तिमान पर हुआ था विवाद…अब हथिनी की हत्या पर केरल में चुप्पी क्यों?

मलप्पुरम। वह साल 2016 का मार्च महीना था, उत्तराखंड के मसूरी से एक वीडियो सामने आया। उत्तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान पर बीजेपी विधायक गणेश जोशी ने बर्बरता से लाठियां चलाई, उसकी टांग टूट गई… विदेश से डॉक्टर बुलाए गए, नकली टांग तक लगाई गई लेकिन उसकी जान न बच सकी। एक महीने बाद घोड़े शक्तिमान ने दम तोड़ दिया। हल्ला हुआ तो विधायक को जेल तक हुई, खैर फिर जमानत पर बाहर भी आ गए। तब पशु क्रूरता के लिए सख्त कानून बनाए जाने की मांग की गई। चाल साल बाद इसी तरह की घटना केरल से आई है जहां एक गर्भवती हथिनी को पटाखों से भरा अनानास खिलाया गया और उसकी मौत हो गई लेकिन गॉड्स ओन कंट्री केरल में मामले में को लेकर वह आक्रोश नहीं देखने को मिल रहा है।
केरल के पलक्कड़ में 27 मई को हथिनी ने वेलिन्यार नदी में खड़े-खड़े ही दम तोड़ दिया लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। प्रशासन से लेकर सरकार तक मामले में चुप्पी साधे हुए थी। बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने भी कोई कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए। 30 मई को मन्नारकड के एक वन अधिकारी मोहन कृष्णन्न ने पूरी घटना के बारे में बताते हुए फेसबुक पर मार्मिक पोस्ट लिखा और 2 जून को यह खबर मीडिया में सामने आई। सोशल मीडिया पर पशु प्रेमियों ने फिर से आक्रोश दिखाया और जघन्य अपराध के लिए कड़ी सजा की मांग की।
‘केरल में ऐसी घटना की किसी को उम्मीद नहीं’
केरल से सांसद शशि थरूर से ट्विटर पर लिखा, ‘मैंने इस मामले पर पहले ट्वीट नहीं किया क्योंकि मुझे लगा कि यह जरूरत से ज्यादा हो जाएगा। लेकिन केरल को प्रोटेक्टिंग नेचर की अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।’
उन्होंने आगे लिखा, ‘यह बहुत निर्मम अपराध है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। मुझे दुनियाभर से इस मामले की निंदा करने और दोषियों को सजा देने के लिए ईमेल और गुजारिश आ रही हैं। लोगों में गुस्सा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि किसी ने भी केरल में वन्यजीवों के साथ इस तरह की घटना की उम्मीद नहीं की होगी।’
सीएम को बयान देने आगे आना पड़ा
इसके बाद सोशल मीडिया पर पशु प्रेमियों ने फिर से आक्रोश दिखाया और जघन्य अपराध के लिए कड़ी सजा की मांग की। मामला बढ़ता देख केरल पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर दी। सीएम पिनराई विजयन को भी बयान देने के लिए आगे आना पड़ा। बुधवार शाम होते-होते मामले में राजनीति भी शुरू हो गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने बयान दिया।

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