ये नए मिजाज के चुनाव हैं, जरा फासले से लड़े जाएंगे

भोपाल। देश के नामचीन शायद बशीर बद्र का मशहूर शेर है…’कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से, ये नए मिजाज का शहर है, जरा फासले से मिला करो’। ये शेर उन्होंने भले किसी अन्य संदर्भ में लिखा हो, लेकिन कोरोना के भयकाल के लिए मौजूं है। कोरोना काल ने लोगों की सोच-विचार ही नहीं, लोक व्यवहार भी बदल दिया है। तब सियासत इससे कैसे अछूती रह सकती है। मध्य प्रदेश में कुछ माह बाद होने वाले विधानसभा की 24 सीटों के उपचुनाव कुछ अलग अंदाज में लड़े जाएंगे। शारीरिक दूरी की अनिवार्य शर्त के चलते किसी बड़ी सभा या कार्यक्रम की अनुमति मिलना कठिन होगा, इसलिए भीड़-भाड़ वाले रोड शो, नुक्कड बैठकों या चाय की दुकानों पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर ये उपचुनाव लड़े जाएंगे।

सियासी दलों के पास अपने कार्यकर्ताओं के अलावा गूगल, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम व लाइव स्ट्रीमिंग वाले विभिन्न एप्स भी प्रचार टीम का अहम हिस्सा होंगे। दोनों प्रमुख दलों भाजपा-कांग्रेस की आइटी सेल पिछले दो माह से ढेरों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी धारदार मौजूदगी दर्ज कराने में जुटी हुई हैं। खासतौर पर कांग्रेस आइटी विभाग के हमलों की धार ज्यादा तीखी है। चूंकि सोशल मीडिया में जवाबदेही का अभाव है, इसलिए कई बार निम्न स्तर के पोस्ट भी हो जाते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद कांग्रेस की आइटी सेल ने जिस तरह की आक्रामक शैली अपनाई है, उससे समझा जा सकता है कि आने वाले उपचुनाव आरोप-प्रत्यारोप के लिहाज से कितने तिलमिलाहट भरे होंगे।

कमल नाथ खुद कर रहे निगरानी

बताते हैं कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ खुद आइटी सेल के कामकाज की निगरानी रख रहे हैं। वे हर दिन किए जाने वाले ट्वीट्स की जानकारी लेते हैं। आइटी सेल के अलावा कांग्रेस के कई नेता खुद के ट्विटर हैंडल से आरोप-प्रत्यारोप की इस नई तकनीक का आनंद ले रहे हैं। सज्जनसिंह वर्मा से लेकर पीसी शर्मा तक और नरेंद्र सलूजा से लेकर भूपेन्द्र गुप्ता व अभय दुबे तक ट्विटर का दिल खोलकर इस्तेमाल कर रहे हैं।

अपनी बात जनता तक पहुंचाने का जरिया

कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी कहते हैं कि लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के तरीके हमेशा बदलते रहते हैं। अभी चूंकि कोरोना का कहर है और जनप्रतिनिधि जनता तक जा नहीं पा रहे, इसलिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं। जब स्थिति सामान्य होगी, तब फिर जनता का दुख-दर्द दूर करने उनके दरवाजे खटखटाएंगे। वे कहते हैं कि चुनाव में भी अपनी बात पहुंचाने के लिए इन पर निर्भरता बढ़ेगी।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष शर्मा चार लाख से कर चुके हैं संपर्क

उधर, मप्र भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा अब तक करीब चार लाख लोगों से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क साध चुके हैं। वे फेसबुक लाइव के माध्यम से कार्यकर्ताओं व आम जनता तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही भाजपा आइटी सेल शिवराज सरकार द्वारा लिए गए बड़े फैसलों की वीडियो क्लिप बनाकर लोगों तक पहुंचा रही है।

वॉट्सएप ग्रुप बनाकर मतदाता को जोड़ने की तैयारी

भाजपा की तैयारी है कि चुनाव से पहले उपचुनाव वाले क्षेत्रों में बड़ी तादाद में वाट्सएप ग्रुप बनाए जाएं, ताकि उनसे मतदाताओं को जोड़कर आवश्यक संदेशों को बूथ लेवल तक आसानी से पहुंचाया जा सके। भाजपा हजारों की संख्या में ग्रुप बना चुकी हैं। पार्टी ने वर्चुअल रैलियों, वाट्सएप ग्रुप निर्माण जैसे काम के लिए भी कमेटियां बना दी हैं। चुनाव से पार्टी निचले स्तर पर सोशल मीडिया वॉरियर्स का ऐसा नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी में हैं जो बड़े नेताओं के बयानों, वीडियो संदेशों को मिनटों में आमजन तक पहुंचा सकें।

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