शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों के बावजूद सितंबर तक की फीस वसूल रहे हैं निजी स्कूल

भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद भी निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर मनमानी जारी है. निजी स्कूल अभिभावकों पर दबाव बनाकर अलग-अलग मदों को शामिल करके तीन से चार महीनों की फीस इकट्ठे वसूले जा रहे हैं. ट्यूशन फीस के अलावा किसी भी तरह की फीस लेने के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश थे. बावजूद इसके निजी स्कूल सभी तरह की फीस अभिभावकों से लेने का दबाव बना रहे है. अभिभावकों ने लॉकडाउन पीरियड में निजी स्कूलों की मनमानी और फीस वृद्धि के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ऑनलाइन ज्ञापन भेजा है.

भोपाल में ही कई स्कूलों ने वसूले ज्यादा फीस

भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों को दरकिनार कर 07 से 10 निजी स्कूलों की मनमानी जारी है. निजी स्कूल अभिभावकों पर शिक्षण शुल्क के अलावा अन्य गतिविधियों की शुल्क देने का दबाव बना रहे हैं. अलग-अलग मदों के हिसाब से अभिभावकों से फीस वसूली जा रही है. दिल्ली पब्लिक स्कूल नीलबड़, दिल्ली पब्लिक स्कूल कोलार संस्कार वैली, सागर पब्लिक स्कूल होली क्राफ्ट सहित 10 निजी स्कूल अभिभावकों को शिक्षण शुल्क के अलावा दूसरी गतिविधियों का शुल्क जमा करने की नोटिस भेज रहे हैं.

अभिभावकों ने सीएम और डीईओ से की शिकायत

फीस वृद्धि और स्कूलों की मनमानी को लेकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ऑनलाइन शिकायत भेजी है. इसमें सीएम के निर्देश के बाद भी निजी स्कूलों की शिक्षण शुल्क के अलावा दूसरे दूसरे अन्य एक्टिविज की फीस वसूली को लेकर शिकायत की है. ट्यूशन फीस के अलावा निजी स्कूल हर तरह की फीस वसूलने नोटिस भेज रहे हैं. ऑनलाइन शिकायत भेजने के साथ अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी से भी शिकायत की है. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सभी स्कूलों को नोटिस भेजा गया है. निजी स्कूलों से जवाब तलब भी किया गया है. फीस वृद्धि को लेकर अब निजी स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी भी है.

‘ट्यूशन फीस के अलावा कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं ली जाएगी’

लॉक डाउन पीरियड के दौरान निजी स्कूलों की ऑनलाइन क्लासेज जारी है. ऑनलाइन क्लासेज के नाम पर निजी स्कूल अभिभावकों से सितंबर के महीने तक की फीस वसूल रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा कोई भी अतिरिक्त फीस नहीं ले सकेगा. लॉक डाउन पीरियड के दौरान निजी स्कूल छात्र-छात्राओं से केवल ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे.

निजी स्कूल हर साल बढ़ाते थे 10 फीसदी फीस

लॉक डाउन के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग ने एक महीने पहले आदेश जारी किया था. आदेश में कहा गया था कि कोई भी निजी स्कूल लॉक डाउन के दौरान पूरे साल भर फीस वृद्धि नहीं करेंगे. वहीं एक साथ फीस भरने को लेकर अभिभावकों पर दबाव नहीं बनाया जाएगा. अभिभावकों को उनकी सुविधा के अनुसार तीन से चार महीनों की किश्त और हर महीने किश्त के दौरान फीस भरने की अनुमति दी जाएगी. स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के बाद भी निजी स्कूलों की मनमानी जारी थी. प्राइवेट स्कूलों ने फीस में वृद्धि करने के आदेश भी जारी कर दिए है. शिकायत के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निजी स्कूलों को फीस ना बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं. सीएम के निर्देश के बावजूद निजी स्कूल अभिभावकों पर फीस भरने का दबाव बना रही है.

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