रेत माफिया को लेकर सख्‍त हुई शिवराज सरकार, अब जुर्माना देकर नहीं छूट पाएंगे, दर्ज होगा मुकदमा

भोपाल. मध्य प्रदेश में अवैध खनन करने वाले रेत माफिया अब सिर्फ जुर्माना देकर नहीं छूट सकेंगे बल्कि उनके खिलाफ चोरी और चोरी का सामान छिपाने की धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा. दरअसल कृषि मंत्री कमल पटेल ने जबलपुर और नर्मदा पुरम संभाग के सभी कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर निर्देश जारी किया है कि अवैध रेत उत्खनन करने वालों को केवल जुर्माना लगाने की कार्रवाई के बाद ना छोड़ा जाए, ऐसे लोगों के खिलाफ चोरी और चोरी का सामान छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए. इतना ही नहीं, यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि अगर कोई गाड़ी अवैध रेत खनन करते हुए पकड़ी जाती है तो फिर गाड़ी चालक पर एफआईआर करने के साथ-साथ गाड़ी मालिक के खिलाफ भी इन्हीं चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए. मंत्री कमल पटेल की ओर से अधिकारियों को भी हिदायत दी गई है कि अगर ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि अधिकारी जुर्माना देकर गाड़ियां छोड़ रहे हैं तो फिर खनिज अधिकारी से लेकर बाकी सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
हाइकोर्ट का है आदेश
दरअसल, कुछ वक्त पहले मंदसौर जिला कोर्ट के न्यायाधीश ने अवैध खनन के एक मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया था कि आरोपियों के खिलाफ चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए. इसके बाद मामला हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में गया था, लेकिन वहां भी इसी आदेश को बरकरार रखा गया. इसी को आधार मानते हुए कृषि मंत्री कमल पटेल ने जबलपुर और नर्मदा पुरम संभाग के सभी कलेक्टर और एसपी को आदेश अमल में लाने के निर्देश जारी किए हैं.
अवैध खनन है बड़ी समस्या
बात चाहे ग्वालियर चंबल संभाग की हो या फिर नर्मदा पुरम संभाग की अवैध खनन एक बड़ी समस्या है. सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद अवैध रेत खनन पर पूरी तरीके से रोक नहीं लग सकी है. इसकी बड़ी वजह आरोपियों के रसूखदारों से संबंध और प्रशासनिक मिलीभगत को माना जाता रहा है. ऐसे में यह देखना होगा कि क्या यह नया आदेश अवैध खनन की समस्या को खत्म कर पाएगा?

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