सीबीएसई 10 वीं-12 वीं के बच्च्े अपने ही शहर में दे सकेंगे परीक्षा

पत्रकार मयंक भार्गव की पहल पर सांसद डीडी उइके ने लिखा था पत्र
कोरोना काल में देश में सीबीएसई के लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
बैतूल।
सांसद डीडी उइके द्वारा एचआरडी मिनिस्टर एवं सीबीएसई चेयरमेन को पत्र लिखने और बैतूल के वरिष्ठ पत्रकार मयंक भार्गव द्वारा प्रधानमंत्री सहित अन्य को ट्वीट करने के बाद आखिरकार केंद्रीय मानव संसाधन मानव विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सीबीएसई के 10 वीं और 12 वीं के विद्यार्थियों के लिए बड़ी घोषणा की है। जिसमें लॉकडाऊन के दौरान 10 वीं और 12 वीं के विद्यार्थी जो अन्य राज्य या अन्य जिले में चले गए हैं वे बोर्ड के बचे हुए एग्जाम उसी शहर के परीक्षा केंद्र में दे सकेंगे जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं। इस आदेश से देश के लाखों छात्र-छात्राएं विशेषकर वे जो दूसरे शहर में होस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं और लॉकडाऊन के दौरान अपने घर आ गए हैं लाभान्वित होंगे। विद्यार्थियों की इस समस्या को लेकर बैतूल के वरिष्ठ पत्रकार मयंक भार्गव ने एक माह पूर्व 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एचआरडी मिनिस्टर रमेश पोखरियाल, सीबीएसई चेयरमेन, गृह सचिव, मुख्यमंत्री म.प्र., मुख्य सचिव म.प्र. आदि को ट्वीट किया था। वहीं स्थानीय सांसद डीडी उइके के संज्ञान में उक्त मामला लाया था। जिस पर सांसद ने भी 25 मई को एचआरडी मिनिस्टर और सीबीएसई बोर्ड के निदेशक को पत्र लिखकर 10 वीं, 12 वीं के विद्यार्थी वर्तमान में जहां है उसी शहर में बची हुई परीक्षा देने की मांग की थी जिसे गंभीरता से लेते हुए एचआरडी मिनिस्टर ने बुधवार को उक्त आदेश जारी किए हैं।
लॉक डाऊन के कारण स्थगित हुई थी परीक्षा
सीबीएसई बोर्ड द्वारा मार्च माह में 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा ली जा रही थी। लेकिन देश में कोरोना महामारी के कारण 10 मार्च के बाद होने वाले सभी विषयों की परीक्षा रद्द कर दी थी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हाल ही में शेष बचे हुए 20 विषयों की परीक्षा आयोजित करने रिवाइज्ड टाईम टेबल घोषित किया है।
हॉस्टल से घर लौट गए थे विद्यार्थी
परीक्षा रद्द होने के बाद देश भर में लाखों विद्यार्थियों जो दूसरे शहर के स्कूलों में पढ़ाई कर रहे थे वे अपने-अपने घर आ गए। कई विद्यार्थी तो दूसरे राज्य के थे। दोबारा प रीक्षा देने उन्हें उसी स्कूल में जाना पड़ता जिससे आने-जाने में अव्यवस्था होने के साथ ही कोरोना संक्रमण का भी भय बना रहता। देश के लाखों विद्यार्थी इस समस्या से जूझ रहे थे।
एक माह पूर्व प्रधानमंत्री को किया था ट्वीट
सीबीएसई ने परीक्षा का रिवाइज्ड टाइम टेबल अभी घोषित किया है लेकिन बैतूल के वरिष्ठ पत्रकार मयंक भार्गव ने एक माह पूर्व ही इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षिक करवाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एचआरडी मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक, सीबीएसई के चेयरमेन को ट्वीट करके परीक्षा केंद्र विद्यार्थियों के गृह जिले में करवाने की मांग की थी।
सांसद ने लिखा था पत्र
पत्रकार मयंक भार्गव ने स्थानीय सांसद डीडी उइके के संज्ञान में उक्त मामला लाया था। संभवत: यह देश का पहला मामला होगा जिसमें इकलौते सांसद डीडी उइके ने लाखों बच्चों का यह मामला उठाया था। सांसद श्री उइके ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सीबीएसई चेयरमेन को पत्र लिखा था। जिसमें दूसरे शहर में पढ़ाई करने वाले लाखों विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण के दौरान आवागमन करने से बचाने उनका परीक्षा केंद्र उसी शहर में करने की मांग की है जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं। पत्रकार मयंक भार्गव द्वारा किए गए ट्वीट और सांसद डीडी उइके द्वारा लिखे गए पत्र के बाद बुधवार को एचआरडी मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक ने देश के लाखों विद्यार्थियों को सौगात देते हुए उनको परीक्षा केंद्र उसी शहर में करने की घोषणा की जहां वर्तमान में वह रह रहे हैं।

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