महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने दोबारा संभाला कार्यभार; कहा- आयोग में 10 हजार लंबित प्रकरण उनके लिए एक चुनौती है

महिला आयोग की अध्यक्ष और सदस्यों ने आयोग पहुंचकर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की

भोपाल. हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के बाद  मप्र महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने आयोग पहुंचकर दोबारा कार्यभार संभाला। उन्होंने बुधवार को सदस्यों के साथ बैठक में सभी पुराने लंबित प्रकरणों से संबंधित मामले की गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की प्रक्रिया को शुरू करने का फैसला लिया है। वहीं सदस्यों को जिले बांट दिए है, ताकि जिलावार प्रकरणों का निराकरण जल्दी हो सके।
उन्होंने आदेश दिए है कि जितने भी संवेदनशील मामले है उनकी फाइल पहले आयोग के सामने लाई जाए ताकि उनको ग्राह्य करके ऑन लाइन या वीडियो कॉलिंग के माध्यम से सुनवाई शुरू हो सके। उनका कहना है कि आयोग में 10 हजार लंबित प्रकरण इस आयोग के लिए एक चुनौती है। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए नई रणनीति के साथ मामलों की सुनवाई करेंगे।  

न्याय दिलाना हमारे लिए एक चुनौतीपूर्ण
आयोग  अध्यक्ष ओझा ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के हित, उनकी सुरक्षा- सम्मान और एक भयमुक्त वातावरण देना ही महिला आयोग का कर्तव्य है, यह दुखद है कि महिलाओं से संबंधित लगभग दस हजार मामले आयोग के पास पहले से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इतने लंबित प्रकरणों को निपटाना और पीड़िताओं को न्याय दिलाना हमारे लिए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य जरूर है पर हम इस कठिन लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। 

महिलाओं पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे
इसके साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि लगभग 10,000 पुराने प्रकरणों के साथ ही, इस लॉक-डाउन पीरियड में भी महिलाओं पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस पीरियड में 181 नए मामले अब तक दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने कहा है कि वे प्रदेश सभी कलेक्टर को प्रवासी श्रमिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उनको सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए पत्र लिखेंगी। इस मौके पर आयोग की सदस्य जमुना मरावी, डॉ. शशि राजपूत और नीना सिंह उपस्थित थी। 

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