अश्विन शर्मा के घर आईएएस-आईपीएस, नेता लगाते थे चक्कर

भोपाल। प्लेटिनम प्लाजा स्थित अश्विन शर्मा के फ्लैट पर चल रही छापे की कार्रवाई के बारे में जानने के लिए स्थानीय लोग भी काफी उत्सुक थे। सोमवार सुबह से ही लोगों की भीड़ प्लेटिनम प्लाजा के आसपास लग गई। कुछ लोग ऐसे भी थे, जो सिर्फ कोलार से यह देखने आए थे कि इसी बिल्डिंग से भारी मात्रा में कैश मिला है। कोचिंग और ऑफिस जाने वाले सभी लोग सीआरपीएफ को खड़ा देख रुक रहे थे। जैसे ही बड़ी-बड़ी गाड़ियां बॉक्स लेकर पहुंची तो लोगों को बेसब्री और बढ़ गई। जब यह पता चला कि सीआरपीएफ बॉक्स में नोट भरकर ले जा रही है तो हर किसी की नजर उस बॉक्स पर थी।
आसपास के लोगों कहना था कि अश्विन शर्मा ने कम समय में यह तरक्की की। उसके घर पर हमेशा मिलने आने वाले लोगों की भीड़ रहती है। उसमें आईएएस, आईपीएस और नेता शामिल रहते थे। अधिकारी और नेता जब आते थे, तो उनकी गाडियों से ही पता चल जाता था। जानकारी के अनुसार प्लेटिनम प्लाजा में रहने वाले अश्विन शर्मा के घर पर रविवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा था जिसके बाद सीआरपीएफ टीम भी पहुंची थी।
सीआरपीएफ ने पूरी बिल्डिंग को अपने कब्जे में ले लिया था। उसके बाद पूरे लोगों के आने-जाने पर पाबंदी सी लगा दी गई थी। बीमार लोगों को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा था। इसके बाद सीआरपीएफ और संबंधित थाना पुलिस में विवाद भी हुआ था। तब लोगों को आना-जाना शुरू कर दिया गया था।
सामान्य रहा सोमवार को बिल्डिंग में आवागमन : सोमवार को प्लेटिनम प्लाजा में दुकानों के खुलने के बाद ही उनको बिल्डिंग में आने जाने पर किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। बिल्डिंग में रहने वाली उर्मिला जैन ने बताया कि रविवार को जिस तरीके से चेकिंग की जा रही थी। आने जाने पर बार-बार रोका जा रहा था। सोमवार को यह प्रक्रिया सामान्य ही रही थी।
…और क्या क्या मिला अश्विन के पास : कोलार, बावाड़िया कलां, खजूरी कलां से लोग प्लेटिनम प्लाजा पहुंचे थे। इनमें युवाओं की संख्या ज्यादा थी। यहां लोग सिर्फ यह जानने के लिए आए थे। अश्विन के पास और क्या क्या मिला। हर तरफ बस के नोटों के बारे में ही चर्चा चल रही थी।
पेटियां पहुंचीं तो और बढ़ी भीड़ : सीआरपीएफ बस से जैसे ही पेटियों को लेकर पहुंची तो आसपास और राहगीर भी रुक गए और वह प्लेटिनम प्लाजा की बाउंड्रीवाल पर चढ़कर यह देखने की कोशिश करने लगे कि कितनी पेटियां नोट भरने के लिए पहुंची हैं। लोगों को तेज धूप की भी चिंता नहीं थी। वह घंटों तक दीवार पर चढ़े रहे। सीआरपीएफ ने शुरुआत में उन्हें हटाने की कोशिश की, फिर उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया।
अश्विन शर्मा एवं प्रतीक जोशी से दिनभर पूछताछ आयकर अफसरों की टीम सोमवार को दिनभर अश्विन और प्रतीक से बरामद हुए करोड़ों रुपए के बारे में पूछताछ करती रही। इसके अलावा उनके कब्जे से नोटों के अलावा और जो संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए हैं उनके बारे में बयान भी दर्ज किए गए। ये संवेदनशील दस्तावेज उनके पास कहां से आए इसकी पूछताछ भी चलती रही। कक्कड़, शर्मा और जोशी के परिजनों के नाम पर बैंकों में जो लॉकर और अकाउंट हैं, विभाग ने उन्हें सील करा दिया है। आयकर अफसरों ने बैंक लॉकर में रखी सामग्री का का ब्योरा भी कागजों में लिखवाया है। घर में बरामद हुए बहुमूल्य आभूषण और हीरा-जवाहरात का मूल्यांकन भी कराया गया है।
प्लेटिनम प्लाजा से लेकर सेकंड स्टॉप, माता मंदिर के आसपास सोमवार को सिर्फ एक ही चर्चा थी कि अश्विन शर्मा इतने कम सालों में किस तरह से आगे बढ़ा। वह लोगों से मिलने की कोशिश करता था। पहले तो लोग उसे पत्रकार समझते थे। बाद में उसे व्यापारी समझने लगे लेकिन धीरे-धीरे उसकी लाइफ स्टाइल ही बदल गई थी। बीस साल से माता मंदिर पर रहने वाले योगेश वर्मा का कहना है कि वह उनके पिता और अश्विन दोनों को जानते हैं। अश्विन ने कम दिनों में ज्यादा तरक्की की थी। उसके मिलने वालों में आईएएस और आईपीएस लोगों की गाड़ियां आती ही रहती थी।

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