शिवराज ने कमलनाथ पर किया पलटवार, डेढ़ वर्ष के कांग्रेस के शासनकाल में राज्य के सभी वर्ग परेशान हो गए थे

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जब डेढ़ साल बाद फिर से भाजपा की सरकार बनी, गरीब, किसान और मजदूर का भाग्य उदय हुआ है
  • कांग्रेस सरकार एक तरफ खजाना खाली होने का रोना रोती रही और दूसरी तरफ एकमात्र लूट खसोट के एजेंडे पर काम करती रही

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर आज पलटवार करते हुए कहा कि लगभग डेढ़ वर्ष के कांग्रेस के शासनकाल में राज्य के सभी वर्ग परेशान हो गए और तत्कालीन कमलनाथ सरकार भ्रष्टाचार में डूबी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जब डेढ़ साल बाद फिर से भाजपा की सरकार बनी, गरीब, किसान और मजदूर का भाग्य उदय हुआ है। वहीं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने गरीबों की सुविधाएं चुन चुनकर छीन ली थीं और उन्हें दर दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर किया गया।

कांग्रेस सरकार एक तरफ खजाना खाली होने का रोना रोती रही और दूसरी तरफ एकमात्र लूट खसोट के एजेंडे पर काम करती रही। गरीब जनता की पढाई, लिखाई, दवाई सब बर्बाद कर दी गयी। लेकिन डेढ साल बाद प्रदेश ने फिर करवट बदली है और मात्र डेढ महीने में हमने जनता और प्रदेश के हित में ताबड़तोड़ निर्णय किए है। न सिर्फ निर्णय किए है, बल्कि उन निर्णयों पर अमल करने के लिए 16489 करोड़ की पर्याप्त धनराशि भी त्वरित गति से आवंटित की है। आज प्रदेश के लोगों में फिर से आत्मविश्वास की लहर जागी है। कोरोना संकट में भी मध्यप्रदेश के नागरिक उम्मीदों से भरे हुए है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की सरकार गरीब, किसान, श्रमिक तथा अन्य सभी प्रकार के कमजोर वर्गों का हित करने वाली सरकार है। यह हमने मात्र डेढ महीने में फिर से सिद्ध किया है। कांग्रेस की सरकार ने गरीबों का समग्र कल्याण करने वाली संबल योजना को किनारे करके महापाप किया था। गरीबों की दवाई, बेटा बेटियों की पढाई सबके उपर काले बादल छा गए थे। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं है। हमने संबल सहित सभी कल्याण की योजनाओं को प्रारंभ किया है। मंडी एक्ट और श्रम कानून में सुधार करके मध्यप्रदेश के सुनहरे भविष्य की नई इबारत लिखी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने विभिन्न विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा कर यह निर्णय लिया कि जितने भी वित्तीय संसाधन उपलब्ध हैं, वह सबसे पहले गरीबों मजदूरों और किसानों की योजनाओं के लिए दिये जाये। लगभग प्रतिदिन किसी न किसी योजना में हिताग्राहियों के खातों में राशि अंतरित की गई है और यह क्रम अब भी जारी है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार संवेदनहीन सरकार थी। प्रदेश की जनता की चिंता कांग्रेस सरकार ने नहीं की। सभी जानते है कि पूरी दुनिया कोरोना संकट के दौर से गुजर रही है लेकिन इस दौर में भी हमारी सरकार जहां चाह-वहाँ राह के सिद्धान्त पर काम कर रही है। हमारी सरकार की प्राथमिकता जनता है, प्रदेश के भाई बहन है, उनकी चिंता करना हमारा धर्म है और सरकार अपने इसी जन कल्याण के धर्म को निभाने का अभिनव काम करने में जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व की कमलनाथ सरकार शपथ लेते ही एक सूत्रीय कार्यक्रम भ्रष्टाचार में जुट गई थी। किसानो, गरीबो की भलाई करने के झूठे वादे पर बनी कांग्रेस सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में जनता के साथ विश्वासघात किया। उन्हें धोखा दिया। किसानों की कर्जमाफी जैसे वादे हवा हवाई हो गए। 10 दिन में कर्जा माफ करने का बोल कर गए कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष आज भी प्रदेश के किसानों से अपना मुंह छुपा रहे हैं। 

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