नर्मदा नदी से अवैध रेत खनन करने वालों पर दर्ज करें हत्या के प्रयास का मामला: मंत्री कमल पटेल

भोपाल. मध्य प्रदेश के किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो लोग अवैध तरीके से मशीनों के माध्यम से नर्मदा नदी में रेत उत्खनन कर रहे हैं, उन पर नदी की हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज किया जाए. सरकार द्वारा प्रदेश की जीवनदायिनी नदी नर्मदा को जीवित इकाई माने जाने के बाद उन्होंने यह बात कही. पटेल ने रविवार को कहा कि, ‘मां नर्मदा हमारी जीवनदायिनी नदी है. मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मां नर्मदा को एक जीवित इकाई माना गया है और यह हमारी श्रद्धा का केंद्र है. इसलिए मां नर्मदा का प्रत्येक कंकड़ शंकर है. इसलिए कहा जाता है कि ‘नर्मदे हर-जिंदगी भर’.
हत्या के प्रयास के मामले की तरह की जाए कार्रवाई
उन्होंने कहा, ‘नर्मदा से जेसीबी जैसी किसी भी प्रकार की मशीन से उत्खनन किया जाना पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है और समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) और अन्य न्यायालयों ने भी सभी नदियों में मशीनों से उत्खनन करने पर रोक संबंधी आदेश दिए हैं.’
पटेल ने कहा, ‘इसलिए मैंने नर्मदापुरम और जबलपुर संभागों के 11 जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो लोग अवैध तरीके से मशीनों के माध्यम से नर्मदा की छाती छलनी कर रेत उत्खनन कर रहे हैं, उन पर मां नर्मदा की हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसी प्रकार कार्रवाई की जाए, जिस प्रकार से किसी व्यक्ति की हत्या का प्रयास करने में होती है.’ कमल पटेल नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के प्रभारी मंत्री भी हैं.
एमपी सरकार ने मई 2017 में नर्मदा को जीवित इकाई घोषित किया था
बता दें कि नर्मदा मध्य प्रदेश और गुजरात राज्य में बहने वाली एक प्रमुख नदी है. उन्होंने कहा, ‘मैं प्रदेश के उन जिलों के अधिकारियों को भी शीघ्र पत्र लिखूंगा, जिन जिलों से होकर यह नदी गुजरती है और उनको भी निर्देश दूंगा कि जो लोग अवैध तरीके से मशीनों के माध्यम से नर्मदा में रेत उत्खनन कर रहे हैं, उन पर मां नर्मदा की हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज किया जाए.’
पटेल ने कहा कि इसके अलावा, उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मशीनों से किए जा रहे उत्खनन को रोकने के लिए उत्खनन स्थलों पर सघन निगरानी रखी जाए और जिन रास्तों से होकर रेत का परिवहन किया जाता है उन पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जाए. मध्य प्रदेश सरकार ने मई 2017 में नर्मदा को जीवित इकाई घोषित किया था.

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