11 मई से शनि चलेगा उल्टी चाल, जानिए मकर सहित किन राशियों पर पड़ेगा सीधा असर

आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार आज सुबह 9:39 पर शनि देव मकर राशि मे वक्री हो जाएंगे। जब भी विश्व मे महामारी का प्रकोप होता है तो यह देखा गया है कि वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ, इन छह राशियों मे से एक या अधिक मे शनि, राहु , केतु और गुरु का गोचर जरूर रहता है।

आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की उदया तिथि चतुर्थी और सोमवार का दिन है । चतुर्थी तिथि आज सुबह 6 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। उसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जायेगी। इसके साथ ही बुध वृष राशि में 12 मई को सुबह 9 बजकर 47 मिनट पर गोचर होगा। 24 मई तक बुध वृष राशि में रहेगा। आज सुबह 6 बजकर 22 मिनट पर सूर्यदेव कृतिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 24 मई तक यहीं पर रहेंगे। सूर्यदेव जब भी किसी नक्षत्र में गोचर करते हैं तो उस समयावधि मे प्रत्येक नक्षत्र के हिसाब से कुछ कार्य बडे ही शुभ माने जाते हैं।

उदाहरण के लिए जब सूर्यदेव आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उस दौरान बांस का पेड़ लगाना बड़ा ही शुभ होता है। ठीक उसी तरह कृतिका नक्षत्र अग्न्याधान का बड़ा महत्व होता है कृतिका नक्षत्र के स्वामी स्वयं सूर्यदेव हैं। सूर्य आत्मा के कारक होते हैं, व्यक्ति के अंदर विवेक को जागृत करते हैं। सूर्यदेव विषाणुके शत्रु हैं। सूर्य के कृत्तिका में गोचर के दौरान अग्नि जला कर हवन करने से निश्चय ही विषाणु का नाश होगा। इस दौरान बड़े-बडे यज्ञ, हवन और अनुष्ठान आदि कराने चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि हर दिन पृथ्वी पर अग्नि का वास नहीं होता। कभी-कभी होम या हवन करने वालों को उसी दिन यज्ञ करना या शुरू करना चाहिए, जिस दिन अग्नि का वास पृथ्वी पर हो। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार निश्चित तारीख को अग्नि का वास पता लगाने के लिये शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अभीष्ट तिथि तक, यानि जिस तिथि को आप अग्निवास का पता लगाना चाहते हैं, तब तक गिनती करें, फिर जितनी गिनती आये, उसमें एक और जोड़ें। फिर रविवार से लेकर इष्टवार तक, यानि जिस दिन का अग्निवास आप जानना चाहते हैं, उस दिन तक गिनें और जितनी संख्या आये, उसको भी पहली वाली संख्या में जोड़ें। अब जोड़ने से जो राशि आये, उसमें 4 का भाग दें। भाग देने पर यदि तीन अथवा शून्य शेष रहे तो अग्नि का वास पृथ्वी में होता है। यह होम करने के लिये उत्तम होता है। इस सारी कैल्कुलेशन के अनुसार 10 मई से 24 तक के बीच अग्निवास का शुभ समय सबसे पहले 12 मई को पड़ेगा। इसके बाद 14, 19, 20, 22 मई और 24 मई को अग्निवास होगा। लिहाजा आप अपने घर में कोई हवन आदि शुरू करना चाहते हैं, तो
12,14, 19, 20, 22 मई और 24 मई इन सभी तारीखों में आप कोरोना के विनाश के लिए अपने घर मे हवन करिए। एक बार शुभ तिथि मे शुरू करने के बाद आप उसे अपनी पूजा की नित्य क्रिया मे भी शामिल कर सकते हैं ये सब कर सकते हैं।

आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार आज सुबह 9:39 पर शनि देव मकर राशि मे वक्री हो जाएंगे। जब भी विश्व मे महामारी का प्रकोप होता है तो यह देखा गया है कि वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ, इन छह राशियों मे से एक या अधिक मे शनि, राहु , केतु और गुरु का गोचर जरूर रहता है। विश्व पर आए कोरोना के संकट मे जिन छह राशियों का महत्व है उनमे से एक मकर राशि मे, आरोपी चार ग्रहों मे से एक शनि देव का वक्री होना कोई साधारण घटना नहीं है। शनि का यह गोचर दुनिया के कुछ हिस्सों मे कोरोना को लगाम लगाएगा तो कुछ हिस्सों मे कोरोना का विस्फोट होगा तो।

मेष राशि
आपके जन्म पत्रिका के दसवें भाव में शनि के वक्री गोचर से आप व्यवसाय में कुछ उखड़ा उखड़ा सा महसूस करेंगे| नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी जॉब मिलाने में कुछ कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। आपको अपने बाये फेफड़े का विशेष ध्यान रखना चाहिए। किसी काम को पूरा करने के लिए आपको किसी से ऋण लेना पड़ सकता है। शनि के अशुभ फल से बचने के लिए और शुभ फल शुनिश्चित करने के लिए मध्यमा यानि मिडल फिंगर में चांदी की धातु में नीलम धारण करें।

वृष राशि
इस दौरान शनि आपके भाग्य स्थान में भ्रमण करेगा। समय आपके विचारों में बदलाव होगा, मन भक्ति-मार्ग से विरक्त होकर आपको ज्ञान मार्ग पर ले जाएगा। इस समय आपको यात्रा करने से बचना चाहिए, अगर घर मे रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे। आपको शनि के उपाय करने की जरूरत नहीं है।

मिथुन राशि
जन्मपत्रिका में आठवें घर का शनि आपके लिए थोडा कष्टकारी रहेगा। आपके सारे कार्य बिना किसी रूकावट के सफलता पूर्वक संपन्न होंगे। साथ ही बहुत जल्द आपके हाथ सफलता लगाने वाली है। अपनी कमियों को पहचान कर उसे ठीक करने की कोशिश करेंगे। समय-समय पर स्वास्थ्य की जाच कराते रहें। शनि के अशुभ फल से बचने के लिए और शुभ फल शुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।

कर्क राशि
इस समय आपको अपने और पराए में फर्क ना समझ पाने के कारण कोई परेशानी उठानी पड़ सकती है। शत्रु पक्ष आप पर हावी रहेंगे। आपका उग्र स्वाभाव के वजह
से रिश्तों में दूरियां बढ़ सकती है। अगर आपका व्यापार विदेश में भी फैला है, तो इस दौरान आपको थोडा नुकसान होने की सम्भावना है। शनि के अशुभ फल से बचने के लिए और शुभ फल शुनिश्चित करने के लिए नीलम धारण करें या शनि का मंत्र जप भी कर सकते है।

सिंह राशि
जन्मपत्रिका के छठें भाव में शनि का गोचर शुभ रहेगा। इस दौरान आपके कुछ काम पूरा होने में अड़चने आयेंगी। सेहत में उतार चढ़ाव बना रहेगा। किसी से पैसा उधार लेना पड़ सकता है। विरोधी पक्ष आपको परेशान कर सकता है। मन में किसी बात को लेकर सदैव भय बना रहेगा। परिवार के बीच कोई समस्या है तो वो समस्या दूर होगी। आगे बढ़ने के लिए थोड़ी और मेहनत करने की जरुरत है। शनि के अशुभ फल से बचने के लिए और शुभ फल शुनिश्चित करने के लिए-शनि यंत्र करना शुभ रहेगा।

कन्या राशि
पांचवा शनि बच्चों और उनकी शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा । जो छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे है उनके करियर में आनी वाली वाधाये दूर होगी। आपके मन को शांति मिलेगी। आपके जरूरी काम भी पूरे होगे। धन और समृद्धि में लाभ होगा और अर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। कन्या राशि वालों के लिये के लिए, किसी उपचार की जरूरत नहीं है।

तुला राशि
आप लोगों के लिये चतुर्थ शनि शुभफलदायी होगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। आपके घर में सुख शांति का माहौल बना रहेगा। पुराने कर्ज़ों से मुक्ति मिलने की सम्भावना है। आपकी कोई विशेष मनोकामना जल्द ही पूरी होगी। आपका स्वास्थ्य भी ठीक-ठाक ही रहेगा। अपने घर परिवार के सभी लोगों का ध्यान रखें। शनिदेव की शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिये हर शनिवार कम से कम दस मिनट शनिदेव का ध्यान करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें साथ ही अपने छत पर चिड़ियों को दाना डालें।

वृश्चिक राशि
जीवन में अपने आपको एक बेहतर पोजिशन पर स्टैंड करने के लिये थोड़ा मेहनत करना पड़ेगी । परिवार में सबके साथ अच्छे रिश्ते निभाने की अपनी कोशिश जारी रखनी चाहिए।आपको अपने काम पूरे करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। मेहनत के बल पर आपको करियर में सफलता मिलेगी। कोरोना से आपको विशेष खतरा नही है, फिर भी सावधानी बरतने मे क्या बुराई है शनिदेव की अशुभ स्थिति से बचने और शुभ स्थिति सुनिश्चत करने के लिये शनि का दान करें।

धनु राशि
शनि का ये गोचर शुभ साबित होगा। आपकी तिजोरियां हमेशा धन से भरी रहेंगी । आपके जीवन की गति सुगम बनेगी और आपके जीवन में खुशियां भरी रहेंगी । आपकी वाणी से निकले हुए शब्द बहुत प्रभावशाली होंगे । लोग आपकी बातों से इम्प्रेस होंगे और आपकी काम में मदद भी करेंगे । हेल्दी डाइट लें, खुद को तंदुरुस्त महसूस करेंगे । शनिदेव की शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिये प्रत्येक शनिवार को घर पर ही भगवान शनिदेव का ध्यान करते हुये पूजा करें और तिल के तेल का दीप जलाएं।

मकर राशि
आपके परिवार में सबके साथ रिश्ते अच्छे बने रहेंगे। इसके अलावा आपको अपने जीवनसाथी से भरपूर सुख और सहयोग मिलेगा।आपको संतान पक्ष की ओर से सुख की प्राप्ति होगी। पेट और फेफड़े सम्बंधी रोगों से सावधान रहना होगा। कोरोना से सावधानी बरतिए शनि रत्न नीलम धारण करना अच्छा रहेगा । सात मुखी रुद्राक्ष की माला भी पहन सकते हैं।

कुंभ राशि
धन प्राप्ति के बहुत-से साधन मिलेंगे। आपको हर तरह से धन लाभ होता नजर आयेगा।इस दौरान आपके जीवनमें कुछ नए लोग शामिल हो सकते हैं। परिवार में सबकेसाथ विशेष कर अपने से उम्र में छोटों के साथ रिश्तों में ताल-मेल बना रहेगा। महामारी से प्रभावित लोगों की सहायता करें।

मीन राशि
शनि आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। शनि के इस गोचर से आपकी अधिकतर इच्छओं की पूर्ति के लिये आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। धन सम्पत्ति और भौतिक सुखों में बढ़ोतरी के लिये आपको अपनी मेहनत जारी रखनी है। आपको कोरोना को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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