डॉ. प्रमोद मालवीय के कॉल पर नहीं आने से मरीज की दर्दनाक मौत

अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात मेडिकल ऑफिस ने दो बार भेजा था कॉल
दोनों ही बार डॉ. प्रमोद मालवीय के जिला अस्पताल नहीं पहुंचने से टूट गई मरीज की सांसें

बैतूल। अपनी बिगड़ैल और विवादित कार्यप्रणाली की वजह से हमेशा ही मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले जिला अस्पताल में पदस्थ एमडी मेडिसिन डॉ. प्रमोद मालवीय की लापरवाही से एक मरीज की दर्दनाक मौत हो गई लेकिन उन्होंने जिला अस्पताल में मरीज की नब्ज टटोलने तक की जहमत नहीं उठाई। इस मामले में मृतक के परिजनों द्वारा लिखित में सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा को शिकायत की गई है। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. अशोक बारंगा का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है इस मामले में विस्तृत जांच की जाएगी। वहीं पूरा मामला कलेक्टर के संज्ञान में आने पर उन्होंने तत्काल सिविल सर्जन से चर्चा कर कार्यवाही की बात कही है।
दो बार भेजा कॉल पर नहीं आए डॉ. मालवीय
जिला अस्पताल के विश्वनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुलाबराव पिता बाबूराव माकोड़े (50) निवासी मासोद को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। गुलाबराव को उल्टी-दस्त एवं बीपी की शिकायत थी। जिस पर मासोद से रेफर होकर बाबूराव जिला अस्पताल पहुंचे उस समय ड्यूटी पर डॉ. सोनाक्षी कपूर थी। जिन्होंने मरीज की हालत देखते ही डॉ. प्रमोद मालवीय को पहली बार शाम 6:10 एवं दूसरी बार 7:20 पर कॉल भेजा लेकिन दोनों ही कॉल पर डॉ. प्रमोद मालवीय जिला अस्पताल नहीं पहुंचे जिससे मरीज ने अंतत: जिंदगी और मौत से संघर्ष करते हुए शाम 7:35 पर दम तोड़ दिया।
क्या इसलिए कहते हैं धरती का भगवान?
मृतक बाबूराव माकोड़े के परिजनों ने बताया कि ड्यूटी डॉक्टर सोनाक्षी कपूर द्वारा दो मर्तबा डॉ. प्रमोद मालवीय को कॉल पर बुलाया गया लेकिन दोनों ही बार डॉ. प्रमोद मालवीय नहीं आए। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या इसलिए डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है कि वह मरीज की जान बचाने के बजाए उसे मौत के मुंह में समाने के लिए यूं ही छोड़ दें ? परिजनों ने बाबूराव माकोड़े की मौत का जिम्मेदार डॉ. प्रमोद मालवीय को बताते हुए कहा कि यदि वह कॉल पर आ जाते तो आज वह जिंदा होते।
विस्तृत की जाएगी जांच
इस मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक बारंगा को मृतक के परिजनों ने लिखित शिकायत कर डॉ. प्रमोद मालवीय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. बारंगा ने कहा कि उन्हें भी शिकायत प्राप्त हुई है और प्रथम दृष्टया जानकारी लेने पर पता चला है कि दो बार कॉल भेजने पर भी डॉ. प्रमोद मालवीय अस्पताल नहीं आए और मरीज को नहीं देखा। इस मामले में मरीज की शिकायत पर जांच की जाएगी और जो भी उचित होगा नियमानुसार दोषी होने पर कार्यवाही भी की जाएगी।

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