5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की केंद्र से गुहार- लाखों लोगों को बसों में नहीं ला सकते हैं, इसके लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं

  • देशभर में फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार अनुमति दे चुकी है
  • बिहार, पंजाब, तेलंगाना, केरल और महाराष्ट्र सरकार ने कहा- सड़क मार्ग से इतने लोगों को लाना मुश्किल

नई दिल्ली. लॉकडाउन के कारण अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और सैलानियों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार समेत 5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है। मुख्यमंत्रियों ने कहा कि संक्रमण फैलने के डर से लाखों लोगों को बसों में लेकर आना मुश्किल है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टर अमरिंदर सिंह ने कहा कि लाखों लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार को ट्रेनों का संचालन करवाना होगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पहले ही यह मांग कर चुके हैं। इसके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, तेलंगाना के सीएम केसीआर और केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने भी यह मांग उठाई है। 

अकेले बिहार के 30 लाख से ज्यादा लोग फंसे
एक रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के 30 लाख लोग दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी बताया कि बाहर फंसे 17 लाख मजदूरों को राज्य सरकार ने सहायता राशि भेजी है। यह संख्या केवल मजदूरों की है। 28 लाख लोगों ने इसके लिए आवेदन किया है। इसके अलावा 5-7 लाख छात्र और अन्य लोग बढ़ सकते हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी संख्या में फंसे हुए लोगों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जानी चाहिए। 

लोगों की सहूलियत भी देखनी होगी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि बसों में लाने से संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होगा। सोशल डिस्टेंसिंग भी मेंटेन नहीं हो पाएगी। इसके अलावा लोगों दिक्कतें भी काफी होगी। जबकि एक ट्रेन में बड़ी संख्या में लोग आ सकेंगे, लंबी दूरी की यात्रा भी सुरक्षित और आरामदायक होगी। ट्रेन में हॉल्ट, चढ़ने-उतरने और शौचालय जैसी अन्य व्यवस्थाएं नहीं करनी होंगी। एक स्टेशन से ट्रेन खुलेगी और गंतव्य वाले स्टेशन पर ही रुकेगी, इससे यात्रियों पर नियंत्रण रहेगा।

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