अब कोरोना पॉजिटिव मरीज का दूसरा सैंपल 14 दिन बाद ही होगा, 16 दिन बाद हाे सकेगी छुट्टी

  • स्वास्थ्य संचालनालय ने जारी किया नया आदेश, अब तक 4-5 दिन में ले लिया जाता था मरीज का दूसरा सैंपल
  • जांच में पॉजिटिव आए रोगियों को लक्षण के आधार पर कोविड केयर सेंटर या डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में ही इलाज किया जाए

ग्वालियर. कोरोना पॉजिटिव मरीज की अब दूसरी जांच 14 दिन बाद ही की जाएगी, तब तक मरीज को हॉस्पिटल में ही भर्ती रहना पड़ेगा। यदि 14 दिन बाद मरीज के सैंपल की रिपाेर्ट निगेटिव आती है तो तीसरा सैंपल 24 घंटे के अंदर लेना होगा। उसका चेस्ट एक्स-रे भी कराना होगा। इस दाैरान सब ठीक रहता है तो डॉक्टर की परामर्श के बाद उसे डिस्चार्ज किया जाएगा। इस आशय के आदेश संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं ने सभी क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं एवं सभी सीएमएचओ को जारी किए हैं। इस अादेश से काेराेना पाॅजिटिव मिलने पर मरीज काे ठीक हाेने में कम से 16 दिन लगेंगे। 

पूरी तरह संक्रमण मुक्त करने के लिए ऐसा बदलाव
सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल के अधीक्षक डाॅ. गिरिजाशंकर गुप्ता के मुताबिक, नियमाें में ये बदलाव मरीज काे पूरी तरह से संक्रमण मुक्त करने के लिए किया गया है। इससे मरीज में फिर से लक्षण दिखने की समस्या नहीं रहेगी। उसका छाती का एक्स-रे व दाे जांचें पर्याप्त अंतराल में निगेटिव अाने के बाद उसे ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा।

कोरोना संक्रमित मरीज के ऑपरेशन के लिए ओटी तैयार
अंचल में कोरोना संक्रमित मरीज के यदि ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है या फिर किसी गर्भवती महिला के संक्रमित होने पर अगर उसका प्रसव कराने की स्थिति निर्मित हो जाए तो अब सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल में ऑपरेशन थिएटर तैयार है। हाॅस्पिटल के अधीक्षक डॉ. गिरिजाशंकर गुप्ता ने बताया कि डीन के निर्देश पर हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर बने ऑपरेशन थियेटरों में से एक काे इसके लिए तैयार किया गया है।

अभी ये हाेता था

  • काेराेना पाॅजिटिव पाए जाने पर मरीज का दूसरा सैंपल 4-5 में लिया जाता था।
  • दूसरे सैंपल की रिपाेर्ट निगेटिव आने के बाद अगले 2 से 4 दिन में तीसरा सैंपल लिया जाता है।
  • तीसरी रिपाेर्ट निगेटिव आने के साथ ही मरीज काे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाता था। 
  • अभी डिस्चार्ज करने से पहले मरीज का छाती का एक्स-रे नहीं कराया जाता था।

संचालनालय के आदेश में और क्या

  1. जांच में पॉजिटिव पाए गए रोगियों को लक्षण के आधार पर कोविड केयर सेंटर अथवा डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कर उपचारित किया जाए। 
  2. रोगी का प्रबंधन उक्त अस्पतालों में मानक कोविड क्लीनिक प्रोटोकॉल व अंतर्निहित रोगों के तय प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। 
  3. यदि भर्ती के समय रोगी में श्वसन संक्रमण के लक्षण पाए गए हों तो उक्त हॉस्पिटल में भर्ती रोगियों का डिस्चार्ज पुन: छाती का एक्सरे कराया जाए।

कोरोना संदिग्ध एक साल के बच्चे सहित दो की मौत
जयाराेग्य चिकित्सा समूह के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक साल के बच्चे आनंद निवासी मुरैना सहित दाे लाेगाें की पिछले 48 घंटे में माैत हाे गई। आनंद को उसके परिजन ने शनिवार रात को ही भर्ती कराया था। रविवार सुबह उसने दम तोड़ा। उसका काेरोना टेस्ट हुआ है लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है। इसी तरह आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कंपू क्षेत्र की रहने वाली सायरा बेगम की 24-25 अप्रैल की दरम्यानी रात माैत हुई। उसकी कोरोना की रिपोर्ट भी अभी पेंडिंग हैं। परिजन को दोनों के शव नहीं सौंपे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा।

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