सवा महीने पहले दामाद गहने खरीदने रतलाम आए, लाॅकडाउन में फंस गए, यहीं लिए सात फेरे, अब दुल्हन लेकर ही जाएंगे

  • दुल्हन के माता-पिता, भाई माधव, बहन खुशबू, पंडित तरुण द्विवेदी सहित परिवार के 12 लोग शादी में शामिल हुए।
  • परिजन बाेले – यह शादी जिंदगीभर याद रहेगी, जमाईजी के परिवार ने वीडियो कॉल पर ही आशीर्वाद दिया

रतलाम. रतलाम में अक्षय तृतीया पर अनोखी शादी हुई। होने वाले जमाईजी गहने खरीदने के लिए रतलाम आए और लॉकडाउन में यहीं फंस गए। इस बीच पहले से तय शादी की तारीख आ गई तो रविवार को परिवार के 12 लोगों की मौजूदगी में यहीं शादी हुई। जमाईजी के परिवार ने वीडियो कॉल पर ही आशीर्वाद दिया।

सेठी नगर निवासी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त मैनेजर गोविंदलाल राठी की बीएड कर चुकी बेटी आरती की शादी राजस्थान के लुनकरण के चार्टड अकाउंटेंट नरेंद्र पिरताणी से तय हुई थी। सोने की शुद्धता के लिए ख्यात रतलाम से ज्वैलरी खरीदने के लिए नरेंद्र 18 मार्च को रतलाम आए। 23 मार्च को लॉकडाउन हुआ तो यहीं फंस गए। शादी अक्षय तृतीया पर तय थी और पत्रिका भी छप चुकी थी। पत्रिका तो बंटी नहीं लेकिन परिजन की रजामंदी से नरेंद्र-आरती ने अक्षय तृतीया (रविवार) को 12 परिजन की मौजूदगी में घर पर ही सात फेरे ले लिए।

दूल्हे के माता-पिता कमलादेवी-घनश्यामदास, बडे भाई जितेंद्र, भाभी श्रद्धा ने वीडियो कॉल पर आशीर्वाद दिया। दुल्हन के बड़े भाई गौरव ने आलीराजपुर के उदयगढ़ व बहन पूजा ने देवास से तो मामा कैलाश लड्‌ढा ने प्रतापगढ़ से वीडियो कॉल पर ही आशीर्वाद दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *