सबसे ज्यादा संक्रमितों वाला पांचवां राज्य बना एमपी, यहां 2137 कोरोना मरीज; इंदौर में एक्टिव वायरस और घातक होने का शक

  • माना जा रहा है कि इंदौर में चीन के वुहान की तरह कोरोना का वायरस एक्टिव है
  • इंदौर के सैंपल जांच के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजे गए हैं

भोपाल. मध्य प्रदेश संक्रमित मरीजों की संख्या के हिसाब से पांचवे नंबर पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र (8068), गुजरात (3301), दिल्ली (2968), राजस्थान (2185) के बाद सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज मध्य प्रदेश में हैं। रविवार देररात तक प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2137 पर पहुंच गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को अपराह्न 3 बजे जारी बुलेटिन में अभी इनकी संख्या 2090 ही है। रविवार को भी 56 नए मरीज मिले और आठ मरीजों की मौत हो गई।

चौंकाने वाली खबर ये है कि इंदौर में बाकी देश से ज्यादा घातक के एक्टिव होने की आशंका जताई जा ही है। कहा जा रहा है कि ये वायरस विलकुल वैसा ही है जैसा वुहान में था। अगर जांच में इसकी पुष्टि होती है तो इंदौर में स्थिति और खराब हो सकती है। इसलिए इंदौर के सैंपल के सैंपल जांच के लिए प्रदेश सरकार ने इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजे हैं। यहां अन्य प्रदेशों से मंगाए गए कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों के सैंपल से इंदौर के पॉजिटिव मरीजों के सैंपल की तुलनात्मक जांच की जाएगी। जांच में पता चलेगा कि वायरस की जीन का म्युटेशन तो नहीं हो रहा है। यदि ऐसा हुआ तो यह चीन, अमरिका, युरोपीय और खाड़ी देशों के वायरस से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। 

आठ दिन बढ़ सकता है लॉकडाउन

आगे हालात न बिगड़ें, इसलिए राज्य सरकार प्रदेश में लॉकडाउन को आठ दिन दिन बढ़ाने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान शिवराज प्रधानमंत्री के समक्ष मप्र में लॉकडाउन बढ़ाने की बात रख सकते हैं। भोपाल, इंदौर समेत कोरोना हॉट स्पॉट शहरों में सख्ती बरकरार रहेगी, जबकि बाकी के ग्रीन और ऑरेंज जोन के जिलों में केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के हिसाब से छूट बढ़ाई जाएगी।

रेड जोन में जहां मौतें नहीं, वहां मिल सकती है छूट
रेड जोन में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और खरगोन के साथ धार, खंडवा, जबलपुर, रायसेन, होशंगाबाद, बड़वानी, देवास, मुरैना, विदिशा, रतलाम व आगर-मालवा हैं। 10 से कम पॉजिटिव वाले जिलों को ऑरेंज जोन और जहां 14 दिन में एक भी पॉजिटिव नहीं मिला, उन जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है। माना जा रहा है कि रेड जोन के जिलों में जहां कोरोना से मौत नहीं हुई है या इक्का-दुक्का हुई है, वहां भी गाइड लाइन के हिसाब से छूट दी जा सकती है।

ई-पास लेकर राज्य लौट सकेंगे लोग, मजदूरों को सरकार लाएगी

प्रदेश के बाहर फंसे या प्रदेश में फंसे दूसरे राज्य के लोग ई-पास लेकर अपने वाहन से वापस आ या जा सकेंगे। इच्छुक लोग अपने आवेदन http://mapit.gov.in/covid-19 पर कर सकते हैं। ये सुविधा भोपाल, इंदौर व उज्जैन में लागू नहीं होगी। कंटेनमेंट एरिया में भी आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। बाहर से मजदूरों को लाने के लिए भी विस्तृत आदेश जारी किया गया है। उनके आने की व्यवस्था परिवहन विभाग करेगा। उनके परिवहन, भोजन व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कलेक्टर एसडीआरएफ फंड से करेंगे। इसी तरह प्रदेश में ही दूसरे जिलों में फंसे मजदूरों के लिए भी व्यवस्था की गई है। मजदूरों को ले जाने वाली बसों में एक सीट पर एक ही व्यक्ति बैठेगा।


कोरोना अपडेट्स

  • रविवार को जबलपुर में 9 लोगों को और संक्रमण की पुष्टि हुई है। इन 9 मरीजों को मिलाकर यहां कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 68 पर पहुंच गई है। इनमें 37 तो मात्र 3 दिन में सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना का पहला मरीज भी जबलपुर में ही मिला था। रविवार रात यहां जिस मरीज को संक्रमित पाया गया है। ग्रामीण क्षेत्र का रहने वाला है। 
  • चिरायु अस्पताल से रविवार को 17 और एम्स से 4 मरीज कोरोना को परास्त कर घर पहुंच गए हैं। अब तक 153 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं। सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अब तक 64 जमाती पॉजिटिव पाए गए हैँ। भोपाल में 344 जमातियों को क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था।
  • स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया काजीपुरा निवासी 55 साल के व्यक्ति को दो दिन पहले सांस लेने में तकलीफ के बाद हमीदिया में भर्ती कराया गया था। शनिवार को उनकी मौत हो गई। रविवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। राजेश भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ित थे। उनके परिजन शनिवार को ही उनका अंतिम संस्कार कर चुके थे। अब तक 7 गैस त्रासदी पीड़ित कोरोना से जान गंवा चुके हैं।
  • इंदौर में कोरोना से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके 16 मरीजों को रविवार को डिस्चार्ज किया गया। इनमें मनोरमागंज निवासी 24 साल की युवती भी थी। पॉजिटिव होते हुए भी युवती ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। दोनों घर लौटे तो अस्पताल प्रबंधन ने ढोलक बजाकर उन्हें विदाई दी। नवजात को तोहफे भी दिए गए।
  • मजदूरों को लाने का सिलसिला शुरू हो गया। रात 8 बजे से गुजरात की बसें आना शुरू हुईं। वहां से अलग-अलग जगह से मजदूरों और उनके परिवारों को लाकर इन बसों ने पिटोल बॉर्डर पर छोड़ा। यहां से उनके जिलों तक छोड़ने के लिए 150 से ज्यादा बसों ओर तूफान जीपों की व्यवस्था की गई। रविवार को 44 गाड़ियों में 1490 लोगों को रवाना किया गया। संभावना है कि आने वाले एक-दो दिन में काफी लोग आ सकते हैं। देवास नगर निगम की भी 10 से ज्यादा बसें रविवार दोपहर यहां पहुंच गईं। यहां आने वाले लोगों की पहले मेडिकल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। 

प्रदेश में कुल 2090 संक्रमित: इंदौर 1176, भोपाल 415, उज्जैन 106, खरगोन 61, धार और खंडवा में 36-36, जबलपुर 59, रायसेन 28, होशंगाबाद 32, बड़वानी 24, देवास 23, मुरैना और विदिशा 13-13, रतलाम 13, आगर मालवा 11, मंदसौर 9, शाजापुर 6, सागर 5, छिंदवाड़ा 5, ग्वालियर और श्योपुर 4-4, अलीराजपुर 3, शिवपुरी और टीकमगढ़ 2-2, बैतूल और डिंडोरी में एक-एक संक्रमित है। 2 अन्य राज्य के संक्रमित मिले।

  • अब तक 302 लोग स्वस्थ्य हुए: इंदौर 107, भोपाल 104, खरगोन 12, जबलपुर 7, उज्जैन 5, देवास 4, खंडवा 12, विदिशा-मुरैना में 13-13, होशंगाबाद 9, बड़वानी 7, श्याेपुर, ग्वालियर और शिवपुरी 2-2, शाजापुर, रायसेन, सागर में एक-एक स्वस्थ होकर घर भेजे गए।
  • अब तक 103 की मौत: इंदौर 57, उज्जैन 17, भोपाल 9, देवास, खरगोन 6-6, होशंगाबाद 2, खंडवा, आगर-मालवा, जबलपुर, धार, मंदसौर और छिंदवाड़ा में एक-एक की मौत हुई। (स्वास्थ्य विभाग के 26 अप्रैल को दोपहर 3 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार)

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