आज से देशभर में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दुकानें खुल सकेंगी, 50% स्टाफ ही काम पर आ सकेगा; मॉल्स को अभी छूट नहीं

  • गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, सभी दुकानें संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना अधिनियम के तहत रजिस्‍टर्ड होनी चाहिए
  • दुकानों में काम करने वाले स्टाफ को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग के सभी नियमों का पालन करना होगा

नई दिल्ली. कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए देशभर में लगाए गए लॉकडाउन का एक महीना पूरा हो गया है। केंद्र सरकार धीरे-धीरे इसमें छूट दे रही है। इसी कड़ी में गृह मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात एक आदेश जारी कर शनिवार से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रजिस्टर्ड दुकानों को कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी। यह छूट सिर्फ उन्हीं दुकानों को मिलेगी, जो नगर निगमों और नगरपालिकाओं की सीमा में नहीं आती। शहरी क्षेत्र में शॉपिंग मॉल्स और कॉम्प्लेक्स अभी नहीं खुलेंगे। हालांकि, नगर निगमों और नगरपालिकाओं की सीमा में आने वाले रेजिडेन्शियल कॉम्प्लेक्स और आस-पड़ोस की सभी दुकानें खुलेंगी।  

गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कुछ शर्तें भी जोड़ी हैं। इसके मुताबिक, सभी दुकानें संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना अधिनियम के तहत रजिस्‍टर्ड होनी चाहिए। इन दुकानों में अधिकतम 50 फीसदी स्‍टाफ को ही काम करने की छूट होगी। 

सवाल जवाब से समझिए पूरा मामला: 

1) क्या सभी तरह की दुकानों को खोलने की छूट है?
हां, अब दूध, फल, राशन जैसे जरूरी सामान के अलावा गैर जरूरी सामान की दुकानें भी खुल सकेंगी। हालांकि, इसके लिए सरकार ने कुछ शर्तें रखीं हैं। 
2)  दुकान खोलने के लिए जरूरी शर्तें क्या हैं?
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। किसी भी दुकान में 50 फीसदी से ज्यादा स्टाफ काम नहीं कर सकेगा। सभी को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। केंद्र शासित प्रदेश या राज्य के स्थापना अधिनियम के तहत इन दुकानों का पंजीकृत होनी जरूरी है।
3) क्या देशभर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बाजार खुलेंगे?
नहीं, शहरी सीमा से बाहर ही मार्केट कॉम्प्लेक्स खुल सकेंगे। शहर के अन्दर बाजार में दुकानें और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को खोलने की इजाजत नहीं है। शहरी सीमा से मतलब नगर निगम या नगरपालिका के अधीन आने वाला क्षेत्र है। सिंगल दुकानें, आस-पड़ोस और रेजिडेन्शियल कॉम्प्लेक्स में मौजूद दुकानें भी खुल सकेंगी।
4) क्या यह देश के हर इलाके के लिए है और राज्य इसमें फैसले ले सकेंगे?
नहीं, हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन के लिए यह छूट नहीं है। यहां दुकानें अभी बंद रहेंगी। राज्य अपने हिसाब से इसमें फैसले ले सकते हैं।
5) क्या मॉल खुलेंगे?
नहीं, किसी सिंगल या मल्टी ब्रांड मॉल को खोलने की इजाजत नहीं दी गई है। 
6) अब तक किन दुकानों को छूट है?
दूध, राशन, फल-सब्जी समेत कृषि उपकरण और कई तरह के उद्योगों को खोलने की छूट थी। 
7) ये छूट देने के पीछे वजह? 
सरकार चाहती है कि छोटे कारोबारियों का नुकसान न हो, लोगों को दिक्कतें न हों, धीरे धीरे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आए। शनिवार से रमजान की शुरुआत भी इसके पीछे एक वजह मानी जा रही है।

निगम सीमा में मौजूद दुकानें 3 मई तक रहेंगी बंद
गृह सचिव अजय भल्ला ने आदेश में यह भी कहा है कि नगर निगम और नगरपालिका की सीमा में आने वाली किसी कॉलोनी, रहवासी क्षेत्र के आस-पास स्थित दुकानों को खोलने की छूट होगी। हालांकि, नगरीय निकाय सीमा के दायरे में स्थित बाजार की दुकानें 3 मई तक बंद रहेंगी।

ये सेवाएं जो जनता कर्फ्यू से लेकर 3 मई तक चालू रहेंगी

कुछ सेवाएं जनता कर्फ्यू यानी 22 मार्च से लेकर लॉकडाउन के दूसरे चरण के खत्म होने तक चालू रहेंगी। इसमें बैंक, पेट्रोल पंप के अलावा और जरूरी सेवाएं शामिल हैं। 

वे सुविधाएं जो 3 मई तक बंद ही रहेंगी

25 मार्च को देश में लॉकडाउन लागू करते ही कुछ सुविधाओं पर रोक लगा दी गईं थीं। इसमें घरेलू और विदेशी यात्री उड़ानों के साथ बस, ट्रेन और दूसरी तरह की पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा शामिल है। ये सभी सेवाएं 3 मई तक बंद ही रहेंगी।

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