बुध का मेष राशि में गोचर, इन 3 राशियों को उठाना पड़ेगा नुकसान

बुध ग्रह शनिवार, 25 अप्रैल को मीन राशि से निकल कर मंगल की मेष राशि में प्रवेश करेगा. बुध का मेष में यह गोचर प्रातः 2:26 बजे होगा. यह राशि काल पुरुष की कुंडली में प्रथम भाव अर्थात लग्न भाव की राशि मानी जाती है. यह अग्नि तत्व की राशि भी है, इसलिए इस राशि में बुध का गोचर शीघ्रता से अपने परिणाम देगा. एस्ट्रो वेबसाइट Astrosage से जानते हैं कि इसका बाकी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा.
मेष
आपका तीसरे और छठे भाव का स्वामी बुध आपके प्रथम भाव अर्थात आप की राशि में गोचर करेगा. तीसरे भाव का स्वामी लग्न में जाने से आपको अपने बाहुबल पर काफी भरोसा होगा और आप काफी अधिक प्रयास करेंगे. अपने आप को सफल बनाने के लिए आप की निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी और आप इस दौरान जो निर्णय लेंगे, वे भविष्य में आपके लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे. हालांकि आपको अति आत्मविश्वास से बचना चाहिए. इस गोचर काल में भाई-बहनों का सहयोग आपको पूरी तरह प्राप्त होगा. इस गोचर काल में छठे भाव का स्वामी आपके प्रथम भाव में जाएगा, जिसका असर आपकी सेहत पर पड़ सकता है. दांपत्य जीवन के लिए यह गोचर अनुकूल रहने वाला है.
वृषभ
आपकी राशि के दूसरे और पांचवें भाव का स्वामी बुध बारहवें भाव में प्रवेश करेगा. यह गोचर आपके लिए मिले जुले परिणाम लेकर आएगा. इस गोचर के प्रभाव से जहां आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी और आपका संचित धन भी कुछ विशेष कार्यों में खर्च होगा. आप बहुत से कामों को समझदारी से करेंगे, जिससे आपको काफी अच्छा नाम मिलेगा. आप अपने बिजनेस में काफी अच्छा निवेश करेंगे, जो आने वाले समय में आपके काम आएगा. आपके प्रेम जीवन के लिए यह समय ज्यादा अनुकूल नहीं है, इसलिए थोड़ा सा आपको ध्यान रखना पड़ेगा. किसी काम के कारण आपका प्रेमी आपसे अलग हो सकता है. इस गोचर काल में खर्चों पर नियंत्रण रखना आपके लिए अति आवश्यक होगा.
मिथुन
आपके लिए बुध का गोचर बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि बुध आपकी ही राशि का स्वामी है और अपने इस गोचर काल में वह आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करेगा. ग्यारहवां भाव हमारी आमदनी और आय का भाव है. इस गोचर से लाभ भी मिलते हैं, इसलिए इस भाव में बुध का गोचर आपके लिए काफी अनुकूल रहने वाला है. इस गोचर के प्रभाव से आपकी वाणी बहुत मजबूत बनेगी और आप अपनी बुद्धि के बल पर अच्छे धन लाभ अर्जित कर पाएंगे. आप के वरिष्ठ अधिकारियों से भी संबंध बेहतर बनेंगे. आपके प्रेम जीवन के लिए भी यह गोचर बहुत अनुकूल साबित होगा. लंबित पड़े कामों को पूर्ण करने में सफलता मिलेगी, जिससे आपका मनोबल बढ़ेगा.
कर्क
आपकी राशि के बारहवें और तीसरे भाव का स्वामी बुध आपके दसवें भाव में गोचर करेगा. दसवां भाव कर्म स्थान अर्थात प्रोफेशन का स्थान भी होता है. बुध के इस गोचर से आपके प्रोफेशन में उतार और चढ़ाव दोनों की स्थिति आएगी. आप अपने प्रयासों से अपने काम को बेहतर बनाने में कामयाब होंगे और आपको प्रशंसा हासिल होगी. आपके सभी सहकर्मी आपका सहयोग करेंगे, जिससे आपकी मित्रता मजबूत होगी और काम में मजा आएगा. वहीं दूसरी ओर, अचानक से स्थानांतरण के योग भी बन सकते हैं. ऐसे में आपको थोड़ा ध्यान देना पड़ेगा. पिता जी से आपके संबंध बढ़िया होंगे.
सिंह
बुध का गोचर आपकी राशि से नौवें भाव में होगा. नवां भाव आपके भाग्य का स्थान होता है और सुदूर यात्राओं के बारे में भी जानकारी देता है. आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव का स्वामी बुध के नवम भाव में प्रवेश करने के कारण आपको धन के मामलों में मजबूत बनाएगा और आपकी आर्थिक स्थिति को समृद्ध बनाएगा. इस गोचर के प्रभाव से आपकी रुकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी और आपके कामों में सफलता मिलेगी. आप जिन कामों को करने से पहले हिचक रहे थे और हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे, अब वे काम भी आपके बनने लगेंगे. इससे आपको अच्छी सफलता मिलेगी. आप पैतृक व्यवसाय को आगे बढ़ाएंगे. जो लोग नौकरी करते हैं उन्हें इस दौरान काफी अच्छे परिणाम मिलेंगे.
कन्या
आपकी राशि का स्वामी बुध ही है, इसलिए आपके लिए बुध का कोई भी गोचर बहुत ही मायने रखता है. यह आपके दसवें भाव यानी कर्म भाव का स्वामी भी है और गोचर काल में आप के आठवें भाव में प्रवेश करेगा. इस गोचर के आपको मिश्रित परिणाम मिलेंगे. इससे कार्य क्षेत्र में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी और आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि आपके प्रयास पूर्ण रूप से सफल नहीं हो रहे हैं और आपका कार्य क्षेत्र से मन भटक सकता है. इस गोचर काल में राशि के स्वामी का अष्टम भाव में जाना आपको स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां उत्पन्न कर सकता है. अप्रत्याशित रूप से आपको धन लाभ हो सकता है. कार्य क्षेत्र में अच्छे परिणाम भी मिलेंगे और अचानक से कोई निवेश करने का मौका मिलेगा.
तुला
आपकी राशि के स्वामी शुक्र का परम मित्र है बुध ग्रह और यह आपकी कुंडली में नवें और बारहवें भाव का स्वामी है. मेष राशि में गोचर के कारण यह आप के सातवें भाव में प्रवेश करेगा और आपके लिए विभिन्न प्रकार के परिणाम लेकर आएगा. यह गोचर आपके लिए सामान्य तौर पर अनुकूल कहा जा सकता है क्योंकि गोचर काल में आपको व्यापार में उन्नति होगी और आपका कारोबार आगे बढ़ेगा. यदि आप इस समय में कोई नया काम भी करना चाहते हैं तो उसमें सफलता मिलेगी. भाग्य का आपको पूरा साथ मिलेगा. आपके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और लोग आपसे प्रभावित होंगे. आपकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी.
वृश्चिक
आपकी राशि से छठे भाव में बुध का यह गोचर होगा. आपके लिए बुध आठवें और ग्यारहवें भाव का स्वामी है, इसलिए छठे भाव में बुध का गोचर अधिक अनुकूल नहीं होगा और इस गोचर काल में आपको स्वास्थ्य संबंधित अनेक परेशानियां हो सकती हैं. आपकी त्वचा का रंग बिगड़ सकता है. इसके प्रति आपको सतर्क रहना चाहिए. इसके अलावा अपने लोगों से वाद विवाद के कारण आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है और आपके खर्चे भी काफी बढ़ सकते हैं. यह खर्च यदि आपने नियंत्रण में नहीं किए तो आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है. इस समय कुछ आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं. किन्हीं कारणवश आपको बैंक से लोन या कर्ज लेना पड़ सकता है.
धनु
धनु राशि के लोगों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव का स्वामी होता है, इसलिए यह आपके प्रोफेशन और आपके जीवन साथी तथा व्यापार के भावों का स्वामी भी है. बुध का यह गोचर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा. आपकी आमदनी में निरंतर वृद्धि होगी और आपकी योजनाएं आगे बढ़ेंगी. व्यापार में भी आपको अच्छे लाभ मिलेंगे. अपनी मार्केटिंग स्ट्रेटजी को आप और भी बेहतर तरीके से बना पाएंगे. इस काल में आपके बड़े बड़े व्यापारियों से अच्छे संबंध बनेंगे. यदि आप जॉब करते हैं तो थोड़ा सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इस समय काल में आपकी नौकरी जा सकती है. यदि आप विद्यार्थी हैं तो आपका पढ़ाई में खूब मन लगेगा.
मकर
बुध के इस गोचर के प्रभाव से आपको अनेक प्रकार की सुख सुविधाओं की प्राप्ति होगी और आप कोई नया वाहन भी खरीद सकते हैं. हालांकि लॉकडाउन के चलते ऑफिस सब काम को अपने घर पर रहकर ही निपटा लेंगे और बुकिंग कर सकते हैं. यह वाहन आने वाले समय में आपके परिवार और आपकी प्रगति का माध्यम बनेगा. इस समय में आपके परिवार में खुशियां बढ़ेंगी और आपके माता-पिता का स्वास्थ्य भी मजबूत होगा. आपको अपने रिश्तेदारों से बात करके प्रसन्नता होगी, जिससे घर परिवार में माहौल बढ़िया रहेगा. प्रॉपर्टी संबंधित किसी भी विवाद विवाद से आपको बच कर रहना होगा क्योंकि इसका असर आपके पारिवारिक जीवन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है.
कुंभ
बुध का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में होगा. इसके प्रभाव से शिक्षा के क्षेत्र में जबरदस्त परिणाम प्राप्त होंगे. आपकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी. यदि आप शादीशुदा हैं तो आपकी संतान को इस गोचर का बहुत अच्छा लाभ मिलेगा और वे जिस भी क्षेत्र में हैं, उन्हें उत्तरोत्तर वृद्धि प्राप्त होगी. आपको सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन के साधनों से कोई अच्छी खबर मिल सकती है. आप अपनी किसी हॉबी को भी आगे बढ़ाएंगे. आपके साथ काम करने वाले सहकर्मी भी आपके साथ मित्रवत व्यवहार करेंगे और यह आपके प्रोफेशन में बहुत काम आएगा.
मीन
आपकी राशि के लिए बुध आपके चौथे और सातवें भाव का स्वामी है तथा गोचर काल में आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेगा. इस गोचर के प्रभाव से आपकी वाणी में आकर्षण बढ़ेगा लेकिन आप तीव्र प्रतिक्रिया देने वाले बनेंगे. यानि कि कोई भी कुछ कहेगा, आप एकदम से बोल पड़ेंगे, जिससे बाद में आपको पछताना भी पड़ सकता है, इसलिए थोड़ा ध्यान रखें. व्यापार के मामले में यह गोचर आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा और आपकी दूरदर्शिता और नई-नई स्ट्रेटजी आपके बिजनेस को नई रफ्तार पर लेकर जाएंगे. दांपत्य जीवन में इस गोचर का प्रभाव यह होगा कि आपका जीवन साथी आपके परिवार के प्रति और भी ज्यादा समर्पित रहकर काम करेगा, जिससे आपको खुशी होगी.

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