मध्यप्रदेश में उम्मीदों को झटका: एक ही दिन में 163 नए केस, 6 मौतें भी; इंदौर में कोरोना मरीजों की संख्या 1 हजार के पार, भोपाल में 25 और उज्जैन में 42 नए संक्रमित

  • इंदौर में 12 लाख की स्क्रीनिंग में 321 संदिग्ध, मृत्यदर 10% से अब 5% हुई
  • भोपाल से दिल्ली गए 2998 सैंपल में 1680 की रिपोर्ट, 29 पॉजिटिव
  • 24 जिलों में कोरोना नहीं, 14 जिलों में 10 से भी कम केस

भोपाल/उज्जैन/इंदौर. लॉकडाउन का एक महीना पूरा होते-होते प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा फिर से रफ्तार पकड़ गया है। गुरुवार को भोपाल में 25 नए पॉजिटिव मिले। एक मरीज की मौत भी हो गई। इंदौर में संक्रमितों की संख्या एक हजार के पार पहुंच गई। यहां देर रात तक 84 नए मरीज सामने आए और दो लोगों की जान चली गई। तीसरे सबसे बड़े हॉट स्पॉट उज्जैन का हाल भी लगातार चौथे दिन बिगड़ा रहा। यहां 42 नए संक्रमित मिले और तीन मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

खरगोन में 6, खंडवा, इटारसी, देवास में एक-एक नए केस सामने आए। हालांकि संक्रमितों के बढ़ते आंकड़े के बीच एक सुखद संकेत भी मिला। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 24 जिलों में कोरोना का एक भी केस नहीं है, जबकि 14 जिलों में 10 से भी कम संक्रमित हैं। इंदौर और भोपाल में लगातार सैंपलिंग बढ़ाई जा रही है, इसलिए नए केस भले ही सामने आ रहे हो, लेकिन उनकी संख्या सीमित ही है।

इंदौर में सैंपलिंग बढ़ी तो 84 नए मरीज, आंकड़ा 1029
इंदौर में गुरुवार को 84 नए मरीज मिले। कुल आंकड़ा 1029 हो गया। यह संख्या इस लिहाज से भी अहम है कि बीते 5-6 दिन से लगातार कम मरीज सामने आ रहे थे। दो संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। यहां अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है।

भोपाल : संक्रमण की रफ्तार स्थिर, 2 हजार नमूनाें में से 124 संक्रमित

भोपाल में जो 25 नए मरीज मिले हैं, वे सभी दिल्ली और स्थानीय लैब में हुए सैंपल की जांच में मिले हैं। गुरुवार को दिल्ली से 400 सैंपल की जांच रिपोर्ट आई। अब तक 1680 सैंपल की रिपोर्ट आ चुकी है। गुरुवार को ही एम्स में भर्ती 68 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि मृतक जुमेराती क्षेत्र का है। उन्हें सांस में तकलीफ होने पर भर्ती कराया गया था। भोपाल में कोरोना से यह नौवीं मौत हैं। राजधानी में सैंपलिंग बढ़ने के साथ ही काेराेना के संक्रमण की रफ्तार थमने लगी है। आईसीएमआर, एम्स, जीएमसी और आईसीएमआर की लैब में से बीते चार दिन में नमूनाें की जांच रिपाेर्ट के नतीजे यह रुझान दे रहे हैं।

चार दिन में 1876 सैंपल की जांच रिपोर्ट निगेटिव, इसलिए यहां संक्रमण दर 6.2% हुई

बीते चार दिन में अलग- अलग लैबाेरेटरी से काेराेना के करीब 2 हजार संदिग्ध मरीजाें की जांच हुई है। इनमें से 124 मरीजाें की जांच रिपाेर्ट पाॅजिटिव अाई है। जबकि 1876 संदिग्ध मरीजाें के भेजे गए नमूनाें काे काेराेना निगेटिव घाेषित किया गया है। इसलिए इस सप्ताह भाेपाल में काेराेना के संक्रमण का प्रतिशत 6.2 हाे गया है। जाे 12 अप्रैल से 17 अप्रैल तक 7.7 प्रतिशत था। अफसराें के अनुसार 12 से 17 अप्रैल के बीच 1 हजार नमूनाें की जांच हुई थी। इनमें से 77 मरीजाें की ही रिपाेर्ट पाॅजिटिव अाई है। संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि भाेपाल में काेराेना के संक्रमण काे नियंत्रित करने सैंपलिंग और स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाया है।

27 दिन से लगातार ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों ने कहा- हमें अब होम क्वारेंटाइन में भेजें

उज्जैन में एक ही दिन में 42 नए पॉजिटिव मिले। यह अब तक का किसी एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। तीन मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पिछले तीन दिन में 56 पॉजिटिव मरीज मिले। अब तक जिले में 102 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 4 ठीक हो गए। 11 की मौत हो गई है। यहां फील्ड डॉक्टर सहित कंटेनमेंट एरिया तथा क्वारेंटाइन किए लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।

इंदौर में टेस्ट किट सिर्फ आज के लिए, हर दिन अब 150 सैंपल की जांच हो सकेगी

इंदौर में एक नया संकट खड़ा हो गया। वायरोलॉजी लैब के पास जांच के लिए केवल एक दिन की किट बची है। इसके बाद मैन्युअल सिस्टम से हर दिन बमुश्किल 125-150 सैंपलों की जांच हो सकेगी। संभागायुक्त ने केंद्रीय दल से अधिक किट देने की मांग की है।

  • अभी तक इंदौर में 6500 से ज्यादा सैंपल हो चुके हैं, लेकिन जांच 4400 की हुई है। जरूरी है कि बाहर भेजकर सैंपल एक साथ जांच कराए जाएं, तभी संक्रमण के ट्रेंड पता चलता है। 
  • यहां कंटेनमेंट एरिया के 53 हजार घरों (12 लाख की आबादी) के सर्वे में 321 संदिग्ध सामने आए हैं, जिनके सैंपल लिए गए हैं। बाकी शहर के सर्वे में यह नंबर काफी कम होने की संभावना है जो छह दिन में होगा।

रिकवरी रेट… मप्र में सिर्फ 9.5%

मप्र में कोरोना संक्रमितों के ठीक होने की दर देश के मुकाबले करीब दस प्रतिशत कम है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक देश में संक्रमितों का रिकवरी रेट 19.90 प्रतिशत है जबकि मप्र में यह 9.58 प्रतिशत ही है। उज्जैन और भोपाल में सबसे तेजी से संक्रमित ठीक हुए हैं। 

मप्र में व्यवस्थाएं ठीक : केंद्रीय दल

जनसंपर्क सचिव पी. नरहरि ने मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी कि दिल्ली से आई केंद्रीय जांच टीम ने कोरोना नियंत्रण के लिए मप्र द्वारा की गई व्यवस्थाओं को सराहा है। दल ने सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। 

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