अभी तक 31 हजार सैम्पल लिए गए, यह मध्यप्रदेश की कुल आबादी का महज 0.041%, 8414 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी

  • बताया जा रहा है कि जो 31 हजार सैंपल लिए गए हैं, उनमें 80% भोपाल और इंदौर से हैं 
  • बाकीं इलाकों में टेस्टिंग की प्रक्रिया काफी धीमी, राज्य में बुधवार तक संक्रमितों की संख्या 1587 पर पहुंची

भोपाल. कोरोना संक्रमण की वजह से मध्य प्रदेश की 7.50 करोड़ आबादी घरों में कैद है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, करीब 40 दिन में 31078 लोगों के सैंपल लिए गए। यानी कुल आबादी का महज 0.041 प्रतिशत। 8 हजार 414 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। 21077 सैंपल की रिपोर्ट या तो निगेटिव आई है या रिजेक्ट कर दी गई है। प्रदेश में बुधवार तक संक्रमितों की संख्या 1587 पर पहुंच गई। वहीं, राज्य में 456 कंटेनमेंट एरिया बनाए गए हैं।

मध्यप्रदेश में सैंपल टेस्टिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अभी तक जो 31 हजार से ज्यादा सैंपल लिए गए हैं। इनमें 80% सैंपल भोपाल और इंदौर के बताए जा रहे हैं। बाकीं इलाकों में टेस्टिंग की प्रक्रिया काफी धीमी है। राज्य में 14 लैब में टेस्टिंग हो रही है। इनमें 12 सरकारी और 2 निजी हैं।  


ग्रामीण क्षेत्रों में तो पहुंची ही नहीं स्वास्थ्य टीम

  • प्रदेश के करीब 24 जिले ग्रीन जोन में हैं। यहां एक भी संक्रमित मरीज नहीं पाया गया है। सूत्रों के अनुसार, वास्तविकता में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते लोगों की जांच ही नहीं हो रही है। संक्रमण फैलने की खबरें जिस तरह से आ रही हैं, उससे ग्रामीण इलाकों में लोग जांच कराने से भी बच रहे हैं। प्रदेश के तमाम जिलों में ओपीडी तक बंद कर दी गई है। संक्रमण के डर से निजी अस्पतालों में जनरल ओपीडी बंद है।
  • मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई निजी चिकित्सालय न खुले, तो उसका लाइसेंस निरस्त करें। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बेंस ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोरोना की समीक्षा के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों से कहा है कि वे एक टीम बनाकर निजी अस्पतालों की जांच कराएं। जिन व्यक्तियों के कोरोना टेस्ट के सैंपल लिए गए हैं, वे कहीं न जाएं, वरना कार्रवाई होगी।

चार जिलों में लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बुधवार को बताया कि आधा मप्र कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुका है। कुछ जिले ऐसे हैं, जहां एक-दो केस आ रहे हैं। इन जिलों को भी कंट्रोल कर लिया है, लेकिन भोपाल, इंदौर, उज्जैन और खरगोन की स्थिति देखकर नहीं लगता कि 3 मई को यहां से लॉकडाउन हटा पाएंगे।

प्रदेश में कुल 1587 संक्रमित :

  • इंदौर 923, भोपाल 303, खरगोन और उज्जैन 41-41, धार 36, खंडवा 32, जबलपुर और रायसेन 26-26, होशंगाबाद 25, बड़वानी 24, देवास 20, मुरैना 16, विदिशा 13, रतलाम 12, मंदसौर 8, आगर मालवा 11, ग्वालियर 3, शाजापुर 6, श्योपुर 4, अलीराजपुर 3, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, सागर में 2-2, बैतूल, टीकमगढ़, राजगढ़, डिंडोरी, बुरहानपुर में एक-एक संक्रमित है। एक अन्य राज्य का संक्रमित मिला है।
  • अब तक 152 लोग स्वस्थ्य हुए: इंदौर में 74, भोपाल में 35, खरगोन 3, उज्जैन में 5, खंडवा में 8, जबलपुर में 6, मुरैना में 14, ग्वालियर 2, शिवपुरी 2, शाजापुर-रायसेन-होशंगाबाद में एक-एक स्वस्थ होकर घर भेजे गए।
  • अब तक 80 की मौत: इंदौर में 52, भोपाल में 7, उज्जैन में 7,  देवास में 6, खरगोन में 3, आगर-मालवा, जबलपुर, धार, मंदसौर और छिंदवाड़ा में एक-एक की मौत हुई। (स्वास्थ्य विभाग के  22 अप्रैल को दोपहर 3 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार)

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