मध्यप्रदेश के 26 जिलों में आज से थोड़ी ‘आजादी’, काम-धंधे होंगे शुरू, इन शर्तों के साथ है छूट

भोपाल। कोरोना संक्रमण से प्रभावित जिलों को छोड़ मध्यप्रदेश की सरकार ने सोमवार से 26 जिलों में थोड़ी आजादी दी है। भारत सरकार की गाइड लाइन को पालन करते हुए, आज से काम-धंधे शुरू होंगे। भोपाल, इंदौर और उज्जैन के शहरी इलाकों में कोई छूट नहीं दी गई है। यहां सख्त लॉकडाउन लागू रहेगा। साथ ही जहां छूट दी गई, वहां काम काज के लिए कोरोना संक्रमित जिलों से कोई कामगार या व्यक्ति नहीं जाएगा।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रविवार रात इस बात की घोषणा की है। भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार 20 अप्रैल से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चुनिंदा गतिविधियों में लाकडाउन से छूट रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां सशर्त अनुमति के साथ जारी रहेंगी। आंगनवाड़ियां बंद रहेंगी। सीएम ने कहा है कि इन 26 जिलों में आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी। साथ ही बाजार भी खुल जाएंगे, लेकिन इसमें सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के नियमों का पालन करना होगा।

3 हिस्सों में बांटा

20 अप्रैल से जो छूट मिली है, इसके लिए सरकार ने प्रदेश को तीन हिस्सों में बांटा है। संक्रमण मुक्त जिलों में सभी आर्थिक गतिविधियां आज से शुरू होंगी। इसके साथ ही जहां एक शहर और एक इलाके में संक्रमण है, वहां से न तो कई बाहर जाएगा और न ही कोई बाहर से आ पाएगा। यहां पूर्व की तरह ही पाबंदियां लागू रहेंगी। लेकिन शहर के बाकी हिस्सों में ढील मिलेगी। लेकिन पूरी तरह से हॉटस्पॉट बन चुके जिलों में कोई छूट नहीं मिलेगी।

यहां कोई छूट नहीं

मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, खरगोन, जबलपुर, बड़वानी, मुरैना, होशंगाबाद, खंडवा, धार, देवास और विदिशा में कोई छूट नहीं मिलेगी। क्योंकि ये सभी शहर कोरोना के हॉटस्पॉट हैं और यहां मरीजों की संख्या 10 से ज्यादा है।

यहां कोई केस नहीं

वहीं, अनूपपुर, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, झाबुआ, सीहोर, भिंड, गुना, अशोकनगर, दतिया, नीमच, बुरहानपुर, हरदा, कटनी, सीधी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रीवा, सिंगरौली, सतना, उमरिया, डिंडोरी और शहडोल में कोरोना के कोई केस नहीं हैं।

इन गतिविधियों में छूट

लॉकडाउन पीरियड में 20 अप्रैल से इन गतिविधियों में छूट मिली है। जिसमें सड़क निर्माण/पेंचवर्क, सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित कार्य, भवन निर्माण, जल आपूर्ति संबधी परियोजनाएं, सेनिटेशन प्रोजेक्ट्स, बिजली के ट्रांसमिशन की लाइन्स खींचने से संबंधित कार्य, ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य, मनरेगा के अंतर्गत कार्य, विशेष रूप से सिंचाई और जल संरक्षण के कार्य शामिल हैं।

उद्योगों में इन्हें मिली छूट

कृषि कार्य के लिए खाद/बीज/पेस्टीसाइड आदि के निर्माण, वितरण-विक्रय, मछली पालन गतिविधियों से जुड़े उद्योग, पशु-आहार उद्योग, दूध और दूध से बने विभिन्न उत्पादों की प्रोसेसिंग और पूरी सप्लाई चैन, पोल्ट्री फॉर्म्स/हैचरी आदि, कूरियर सेवाएं, आईटी सर्विसेस, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सेवाएं शामिल हैं। रबी उपज का भण्डारण निरंतर जारी रहेगा।

ग्रामीणों क्षेत्रों में छूट

ग्रामीण क्षेत्रों से संचालित सभी उद्योगों को छूट दी गई है। ईंट भट्ठा आदि, SEZ कोयला उत्पादन और माइनिंग कार्य, लघु वनोपज और गैर–काष्ठ वनोपज का संग्रह और प्रोसेसिंग जारी रहेंगे लेकिन इनमें श्रमिकों की संख्या 50 प्रतिशत होगी। ये गतिविधियां चरणबद्ध रूप से प्रारंभ की जाना है। इन गतिविधियों प्रारंभ करते समय निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना होगा। अनुमत गतिविधियां सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के मापदंडों का पूरा पालन करके ही संचालित होI
कार्यस्थल को साफ़-सफाई कर संक्रमण मुक्त रखा जाए।
अमले को कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रोटोकॉल, साफ–सफाई रखने आदि के विषय में निरंतर प्रशिक्षित किया जाए और समय-समय पर इसकी मॉनिटरिंग भी की जाएI
कंटेनमेंट एरिया/ हॉटस्पॉट में रहने वाले या क्वारंटीन किए गए किसी भी व्यक्ति को कार्य पर नहीं बुलाया जाए।
न्यूनतम आवश्यक लोगों को ही रोस्टर बनाकर कार्य पर बुलाएं।
श्रमिकों को निर्माण परिसर और उसके आसपास सुरक्षित और साफ स्थान पर ठहराने की व्यवस्था करें।
श्रमिकों और अमले के उनके निवास से कार्यस्थल तक परिवहन की व्यवस्था की जाए।
कोरोना रोकथाम के सभी हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
परिसर में महिला श्रमिकों के साथ छोटे बच्चे भी आते हैं तो उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होगी।
लोग भोजन/अल्पाहार साथ बैठकर नहीं करेंI
सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
कार्य-स्थल पर मदिरापान करना, तम्बाकू खाना, सिगरेट/गुटखा आदि का प्रयोग प्रतिबंधित होगा।
यदि कहीं शिफ्ट में कार्य होता हो तो दो शिफ्ट के बीच में 01 घंटे का अंतर रखा जाए।
कार्य-स्थल पर बड़ी बैठकें नहीं ली जाए।
55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, 05 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों के माता-पिता या ऐसे कर्मी, जिनका स्वास्थ्य ठीक नहीं हो और जो किसी प्रकार के डिसऑर्डर से ग्रसित हों, उन्हें घर से कार्य करने को कहा जाए।

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